हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

Nafil Roza: रमजान के रोजे से अलग होता है नफिल रोजा, जानिए क्यों माना जाता है इतना खास?

Muharram 2026: रमजान के महीने में रोजा रखने के बारे में सभी लोग जानते हैं. रमजान के अलावा मुहर्रम में मुस्लिम लोग रोजा रखते हैं. यह नफिल रोजा होता है. यह रमजान के रोजे से अलग होता है. नफिल रोजा क्या है आइये जानते हैं.

विज्ञापन
Photo Credit- News24GFX

Muharram 2026: इस्लाम धर्म में मुस्लिम लोग रमजान के पाक महीने में रोजा रखते हैं. रमजान में रोजे रखना बहुत ही अच्छा माना जाता है. रोजे के बाद ईद का पर्व मनाया जाता है. रमजान के अलावा भी मुस्लिम लोग रोजा रखते हैं. इन्हें नफिल रोजा कहते हैं. रमजान का महीना रोजा रखने के लिए खास होता है. इसके अलावा अल्ला की इबादत करने और अल्लाह को खुश करने के लिए अपनी मर्जी से रोजा रखा जाता है. इसे ही नफिल रोजा कहते हैं. अल्लाह कर इबादत कर सवाब पाने के लिए मुस्लिम लोग नफिल रोजा रखते हैं.

नफिल रोजा क्यों है इतना खास?

रोजा रखना इस्लाम धर्म के पांच स्तंभों में से एक है. रमजान के रोजे रखना बहुत ही जरूरी होता है. अगर कोई व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से रोजा रखने में सक्षम है, तो उसे रोजा जरूर रखना चाहिए. रमजान के रोजे को जानबूझकर छोड़ना गलत होता है. जबकि, नफिल रोजा अपनी मर्जी से रखा जाता है. इन नफिल रोजा रखने यानि अपनी मर्जी से रोजा रखने पर अधिक सवाब मिलता है. नफिल रोजे रखना धार्मिक अनिवार्यता नहीं है, इसे मर्जी से इबादत के लिए रखा जाता है.

ये भी पढ़ें – Muharram 2026 Today: आज है मुहर्रम, जानिए किन कामों को करने से मिलता है सवाब, क्या है मुहर्रम के नियम?

विज्ञापन

मुहर्रम में नफिल रोजा

इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, 9वें महीने रमजान में रोजे रखे जाते हैं. रमजान के दौरान मुस्लिम लोग दिनभर भूखे-प्यासे रहकर रोजा रखते हैं. रमजान से अलग मुहर्रम में नफिल रोजे रखे जाते हैं. मुस्लिम लोग मुहर्रम महीने में 9 और 10 तारीख या फिर 10 और 11 तारीख को रोजा रखते हैं. नफिल रोजा एक तरह से स्वैच्छिक उपवास होता है. नफिल रोजे से अधिक सवाब मिलता है.

नफिल रोजे की खासियत

नफिल रोजे करने से अल्लाह की इबादत की जाती है. नफिल रोजे अल्लाह का प्रेम पाने के लिए किए जाते हैं. फर्ज में कमी की भरपाई और रोजों और नमाजों की कमी को पूरा करने के लिए नफिल रोजे किए जाते हैं. गुनाहों की माफी के लिए नफिल रोजे करना अच्छा होता है. नफिल रोजे रमजान के ठीक बाद 6 दिनों तक रख सकते हैं. मुहर्रम के दौरान नफिल रोजे रख सकते हैं. बकरीद से पहले जिलहिज्जा महीने में नफिल रोजे रख सकते हैं.

विज्ञापन

ये भी पढ़ें – Kailash Mansarovar Yatra: कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए विदेश मंत्रालय ने जारी की गाइडलाइंस, जाने से पहलें जान लें नियम

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी इस्लामिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

Tags:

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Aman Maheshwari

अमन माहेश्वरी न्यूज 24 में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह खबरों को समझकर पाठकों तक आसान शब्दों में पहुंचाने का काम बखूबी करते हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन (BJMC) किया है. इसके बाद उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन (MJMC) किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. सबसे पहले जी मीडिया डीएनए हिंदी के साथ जुड़े. पिछले 5 साल से अमन डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं. डीएनए हिंदी में बतौर ट्रेनी जर्नलिस्ट ज्वाइन किया. इसके बाद सब एडिटर के पद पर काम किया. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अमन ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण और प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान धार्मिक खबरों को बखूबी कवर किया. धर्म और ज्योतिष - अमन धर्म-ज्योतिष सेक्शन के लिए लिखने के दौरान अंक ज्योतिष, वास्तु, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार से जुड़े विषयों पर लेख तैयार करते हैं. देवी-देवता और उनसे जुड़ी पौराणिक कथाओं, मंदिर, तीर्थ, धार्मिक स्थल और धार्मिक परंपराएं से जुड़े लेख लिखते हैं. इसके साथ ही धार्मिक यात्राओं से जुड़े उपयोगी लेख अमन तैयार करते हैं. Email - aman@bagconvergence.in X Account - MrAman0501
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola