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Masik Durgashtami 2026: 21 या 22 जून, कब है मासिक दुर्गाष्टमी? जानें तिथि से लेकर पूजा का शुभ मुहूर्त-विधि

Masik Durgashtami 2026: हर महीने शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत रखा जाता है. हालांकि, इस बार जून 2026 में किस दिन मासिक दुर्गाष्टमी है, इसे लेकर कन्फ्यूजन बना हुआ है. चलिए जानें 21 जून या 22 जून, कब मासिक दुर्गाष्टमी है और इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है. साथ ही आप मासिक दुर्गाष्टमी की पूजा विधि के बारे में जान पाएंगे.

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Credit- AI Gemini

Masik Durgashtami 2026: सनातन धर्म के लोगों के लिए मासिक दुर्गाष्टमी का खास महत्व है, जिसका व्रत हर महीने रखा जाता है. मासिक दुर्गाष्टमी के दिन व्रत रखने के साथ-साथ मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है. मान्यता है कि मां दुर्गा की कृपा से व्यक्ति की नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा होती है, जिसके बाद उसके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि, वैभव और ऐश्वर्या आदि का आगमन होता है. हालांकि, कुछ लोग शत्रुओं से मुक्ति पाने के लिए भी मासिक दुर्गाष्टमी की पूजा करते हैं. आइए अब जानें जून 2026 में किस दिन मासिक दुर्गाष्टमी है.

जून में कब है मासिक दुर्गाष्टमी?

द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार 21 जून 2026, वार रविवार से ज्येष्ठ माह की अष्टमी तिथि का आरंभ हो रहा है, जो कि अगले दिन 22 जून 2026 को दोपहर 3 बजकर 39 मिनट पर समाप्त होगी. उदयातिथि की मानें तो इस बार 22 जून 2026, वार सोमवार को मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत रखना शुभ रहेगा.

मासिक दुर्गाष्टमी की पूजा के शुभ मुहूर्त

  • सूर्योदय- सुबह 05:24 मिनट पर
  • ब्रह्म मुहूर्त- सुबह में 04:04 से 04:44 मिनट पर
  • अभिजित मुहूर्त- सुबह 11:55 से दोपहर 12:51 मिनट पर
  • सायाह्न सन्ध्या- शाम 07:22 से रात 08:22 मिनट पर

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मासिक दुर्गाष्टमी की पूजा विधि

  • सुबह जल्दी उठकर गंगाजल से स्नान करने के बाद शुद्ध लाल रंग के कपड़े पहनें.
  • मंदिर जाएं या घर के मंदिर में मां दुर्गा की चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाकर मूर्ति स्थापित करें.
  • घी का दीपक जलाने के बाद माता रानी को फल, फूल, चंदन, अक्षत, इत्र, लाल रंग के वस्त्र, सोलह श्रृंगार और मिठाई अर्पित करें.
  • मंत्र जाप करने के बाद मासिक दुर्गाष्टमी व्रत की कथा पढ़ें या सुनें.
  • आरती करके पूजा का समापन करें.
  • शाम में फिर से माता रानी की पूजा करें और उन्हें चढ़ाए प्रसाद को खाकर व्रत का पारण करें.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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