इस समय ज्यादातर लोगों को करंट के झटके महसूस हो रहे हैं। जब भी वो किसी वस्तु या इंसान को छूते हैं, तो उन्हें झटका लगता है। ये झटका बिल्कुल बिजली के शॉक जैसा होता है, जिससे व्यक्ति हिल जाता है। साइंस के अनुसार, जब किसी चीज में इलेक्ट्रॉन्स की मात्रा बढ़ जाती है, तो निगेटिव चार्ज भी बढ़ता है। ऐसे में ये निगेटिव इलेक्ट्रॉन्स पॉजिटिव इलेक्ट्रॉन्स को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं। जब निगेटिव इलेक्ट्रॉन्स, पॉजिटिव इलेक्ट्रॉन्स को आकर्षित करते हैं, तो उस समय किसी भी चीज को छूने से करंट लगता है। हालांकि शास्त्रों में करंट लगने की एक अलग वजह बताई गई है। चलिए जानते हैं बार-बार करंट लगने के ज्योतिषीय कारण के बारे में।
किस ग्रह के दोष के कारण लगता है करंट?
वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार, वर्ष 2025 मंगल का साल है। यदि आप 2+0+2+5 (2025) को जोड़ते हैं, तो उससे 9 नंबर आएगा। शास्त्रों में 9 नंबर का संबंध मंगल ग्रह से है। मंगल को आग, करंट, विद्युत, ऊर्जा, साहस, आत्मविश्वास और पराक्रम आदि का कारक माना जाता है।
जिन लोगों की कुंडली में मंगल ग्रह की स्थिति कमजोर होती है, उन्हें रक्त से संबंधित समस्याएं होती हैं। रक्त यानी खून, पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स से बनता है। इस वजह से कई धर्म विशेषज्ञ और धर्म शास्त्र की अच्छी-खासी जानकारी रखने वाले लोगों का कहना है कि मंगल दोष के कारण व्यक्ति को करंट लग रहा है। वहीं जिन लोगों की कुंडली में इस समय मंगल ग्रह की स्थिति मजबूत है, उन्हें करंट के झटके महसूस नहीं हो रहे हैं। हालांकिNews24 इसकी पुष्टि नहीं कर रहा है।
मंगल ग्रह को मजबूत करने के उपाय
- मंगल ग्रह को मजबूत करने के लिए खून का दान करना चाहिए।
- मंगलवार को लाल रंग की वस्तुओं का दान करने से भी मंगल ग्रह का अशुभ प्रभाव कम होता है।
- हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाने से भी मंगल दोष से मुक्ति मिल सकती है।
- मंगलवार का व्रत रखने से भी मंगल दोष का प्रभाव कम होता है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।