Mahakumbh 2025: प्रत्येक हिंदू के लिए महाकुंभ मेले का खास महत्व है, जिसका आयोजन हर 12 साल में होता है। साल 2025 में 144 वर्षों के बाद उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है, जिसकी औपचारिक शुरुआत 13 जनवरी 2024 को पौष पूर्णिमा के दिन से हो गई है। यह एक ऐसा मेला है, जहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगाते हैं। माना जाता है कि संगम में डुबकी लगाने से साधकों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। हालांकि कुंभ में डुबकी लगाने से पहले कुछ नियमों का पालन करना जरूरी होता है। नहीं तो पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलता है। चलिए जानते हैं कुंभ में स्नान करने से पहले कौन-से दो काम करने चाहिए।

डुबकी लगाने से पहले जरूर करें ये 2 काम

  • स्नान करने के बाद ही घर से कुंभ के लिए निकलें। महाकुंभ में आप जिस जगह पर रुके हैं, वहां पर भी नहाएं। इससे आपका शरीर शुद्ध हो जाएगा। शरीर के आसपास मौजूद नकारात्मक ऊर्जा दूर होगी, जिससे आपको ताजगी का अहसास होगा और मानसिक शांति मिलेगी।
  • महाकुंभ में डुबकी लगाने से पहले हाथ में पानी को लें और संकल्प लेते हुए कहें, 'मैं अपने पापों का प्रायश्चित और शास्त्रों में बताए गए नियमों के अनुसार पुण्य कमाने के लिए कुंभ में स्नान कर रहा हूं।' माना जाता है कि जो व्यक्ति ये दोनों काम करने के बाद महाकुंभ में डुबकी लगाता है, उसे पूजा और स्नान दोनों का पूर्ण फल मिलता है।
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महाकुंभ की प्रमुख तिथियां

महाकुंभ में मुख्य स्नान या अमृत स्नान के लिए 6 प्रमुख तिथियों को चुना गया है। अब तक पहला और दूसरा स्नान संपन्न हो गया है, जिसके बाद केवल 4 स्नान बचे हैं।
  • 13 जनवरी 2025- पौष पूर्णिमा
  • 14 जनवरी 2025- मकर संक्रांति
  • 29 जनवरी 2025- मौनी अमावस्या
  • 3 फरवरी 2025- बसंत पंचमी
  • 12 फरवरी 2025- माघी पूर्णिमा
  • 26 फरवरी 2025- महाशिवरात्रि
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