Mahabharata Story: महाभारत के युद्ध में कौरवों और पांडवों के बीच संघर्ष हुआ था. इस युद्ध में कई लोग मारे गए थे. महाभारत के इस भीषण युद्ध में कई महान योद्धाओं ने हिस्सा लिया था. महाभारत काल के दौरान कई शक्तिशाली शस्त्र थे. इनमें से एक शस्त्र ऐसा था, जो युद्ध को एक क्षण में समाप्त कर सकता था. हालांकि, इस शस्त्र का इस्तेमाल युद्ध भूमि में नहीं किया गया था. महाभारत काल के 5 शक्तिशाली शस्त्रों के बारे में जानते हैं.
पाशुपतास्त्र
पाशुपतास्त्र शस्त्र दुनिया का विनाश कर सकता था. महाभारत युद्ध भूमि में यह शस्त्र सिर्फ अर्जुन के पास था. हालांकि, अर्जुन ने इसका इस्तेमाल यु्द्ध में नहीं किया था. अर्जुन को इस दिव्य शस्त्र की प्राप्ति भगवान शिव से हुई थी. अर्जुन ने कठिन तपस्या के बाद भगवान शिव से पाशुपतास्त्र प्राप्त किया था. प्रलय की आशंका के कारण अर्जुन ने इसका इस्तेमाल नहीं किया था.
ये भी पढ़ें – Sawan 2026 Grahan: सावन में बन रहा दो ग्रहण का संयोग, जानिए सूर्यग्रहण और चंद्रग्रहण की तारीख और समय
ब्रह्मास्त्र
ब्रह्मास्त्र एक सबसे घातक अस्त्र था. इसका इस्तेमाल युद्ध भूमि में किया गया था. एक ब्रह्मास्त्र को दूसरे ब्रह्मास्त्र से ही काटा जा सकता था. ब्रह्मास्त्र को ब्रह्मा का सबसे खतरनाक अस्त्र माना जाता है. युद्ध भूमि में कई ऐसा योद्धा थे जो इसे चला सकते थे. ब्रह्मास्त्र को अर्जुन, कर्ण, श्रीकृष्ण, युधिष्ठिर, अश्वत्थामा और द्रोणाचार्य ही चला सकते थे.
नारायणास्त्र
नारायणास्त्र विष्णु भगवान का सबसे दिव्य और शक्तिशाली अस्त्र था. इस अस्त्र को चलाने के बाद इससे लाखों घातक तीरों की बौछार होती थी. इसे कोई दूसरा शस्त्र नहीं काट सकता था. इसके आगे समर्पण कर देना ही बचाव का एकमात्र उपाय था. अश्वत्थामा ने इसका इस्तेमाल पांडवों की सेना पर किया था. इसके प्रभाव से हजारों सैनिक मारे गए थे.
ये भी पढ़ें – Astro Tips: कुंडली में चंद्रमा की कमजोर स्थिति बनती है परेशानियों का कारण, जानिए इसके लक्षण और उपाय
वासवी शक्ति
महाभारत काल में देवराज इंद्र ने कर्ण को वासकी शक्ति नाम का दिव्य और शक्तिशाली अस्त्र दिया था. यह विनाशकारी अस्त्र था. इसका वार कभी खाली नहीं जाता था. महाभारत के युद्ध में घटोत्कच का वध करने के लिए इसका इस्तेमाल किया गया था.
आग्नेय अस्त्र
पौराणिक कथाओं के मुताबिक, यह दिव्य अस्त्र था. यह मंत्र शक्ति से चलता था. यह अस्त्र अपने लक्ष्य को जलाकर राख कर देता था. इसे सिर्फ पर्जन्य अस्त्र काट सकता था. पर्जन्य अस्त्र पानी की बारिश करता था. इससे आग्नेय अस्त्र को पराजिक किया जा सकता था.
ये भी पढ़ें – Mahabharata Story: कितने दिनों चला था महाभारत युद्ध, कितने लोग मारे गए थे और कौन-कौन बचा था? जानिए सबकुछ
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी पौराणिक कथाओं और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
संबंधित खबरें
नवरात्रि में जरूर गाएं माता रानी के ये 3 भजन, पढ़ें लिरिक्स
12 hrs agoनवरात्रि में दुर्गा सप्तशी का पाठ करेगा कल्याण, पंडित सुरेश पांडेय ने बताया
15 hrs agoमंगलवार के साथ ही शनिवार को भी होती है हनुमान जी की पूजा, जानिए वजह
18 hrs agoआज शारदीय नवरात्रि का तीसरा दिन, जानिए मां चंद्रघंटा की पूजा विधि और आरती
20 hrs agoनवरात्रि में कैसे करनी चाहिए पूजा? पंडित सुरेश पांडेय ने बताया सही तरीका
1 day agoनवरात्रि व्रत के दौरान इन नियमों का रखें ध्यान, वरना नहीं मिलेगा पूजा का फल
1 day agoकितने दिनों बाद उतारें कलावा? जानिए रक्षासूत्र से जुड़े हुए धार्मिक नियम
1 day agoनवरात्रि में नवार्ण मंत्र जाप से दूर होंगे दुख, पंडित सुरेश पांडेय से जानिए
1 day agoखाने से जुड़ी गलतियां ही नहीं, इन कारणों से भी टूट सकता है नवरात्रि का व्रत
1 day agoआज नवरात्रि के दूसरे दिन करें मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, जानिए विधि और मंत्र
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines