TrendingNew YearPollutionimd weather forecast

---विज्ञापन---

Kojagari Puja 2025: कब है कोजागरी पूजा? इस दिन धरती पर विचरण करती हैं मां लक्ष्मी, धन-दौलत के लिए इस विधि से करें पूजा

Kojagari Puja 2025: कोजागारी पूजा मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने और धन लाभ की प्राप्ति के लिए खास होती है. यह कोजागारी पूजा आश्विन माह की शुक्ल पक्ष पूर्णिमा को होती है.

Credit- News 24 Gfx

Kojagari Puja 2025: आश्विन माह की शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि को कोजागरी पूजा होती है. यह दिन मां लक्ष्मी की पूजा के लिए खास होता है. धार्मिक मान्याओं के अनुसार, कोजागरी पूजा के दिन मां लक्ष्मी धरती पर विचरण करती है. वह धरती पर आती हैं और स्वच्छता, श्रद्धा और सत्कर्म से रहने वाले भक्तों के घर में वास करती हैं. यह कोजागरी पूजा का पर्व शरद पूर्णिमा के दिन ही मनाया जाता है. चलिए जानते हैं इस बार शरद पूर्णिमा और कोजागरी पूजा किस दिन पड़ रही है.

कब है कोजागरी पूजा? (Kojagari Puja Date)

कोजागरी पूजा शरद पूर्णिमा के दिन मनाई जाएगी. शरद पूर्णिमा आश्विन माह की शुक्ल पक्ष पूर्णिमा को मनाई जाती है. इस बार यह तिथि 6 अक्टूबर की दोपहर 12 बजकर 23 मिनट पर शुरू हो रही है. जिसका समापन अगले दिन 7 अक्टूबर को सुबह 9 बजकर 19 मिनट पर होगा. शरद पूर्णिमा का पर्व 6 अक्टूबर को मनाया जाएगा. कोजागरी पूजा भी इसी दिन होगी. कोजागरी पूजा का शुभ मुहूर्त देर रात रात 11 बजकर 45 मिनट से 12 बजकर 34 मिनट तक रहेगा.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें – Hair on Feet Fingers: पैरों के अंगूठे-उंगलियों पर बाल आना देता है कई संकेत, जानें क्या कहता है सामुद्रिक शास्त्र?

---विज्ञापन---

कोजागरी पूजा का महत्व (Kojagari Puja Significance)

कोजागरी पूजा के दिन मां लक्ष्मी की पूजा का विधान है. ऐसी मान्यता है कि, इस दिन मां लक्ष्मी धरती पर विचरण करती हैं. वह साफ-सफाई वाले स्वच्छ घरों में जाती हैं और भक्तों को आशीर्वाद देती है. इस दिन लोग घरों की सफाई कर दीप जलाते हैं और मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं.

कोजागरी पूजा विधि (Kojagari Puja Vidhi)

कोजागरी पूजा में निशिता मुहूर्त के समय मां लक्ष्मी की पूजा करें. देवी मां के समक्ष दीपक जलाएं और अक्षत, सिंदूर, गुलाब, कमल के फूल, कमलगट्टा, पीली कौड़ियां, धूप, दीप, गंध, आदि अर्पित करें. इसके बाद मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए मंत्रों का जाप करें. मां लक्ष्मी को बताशे, खीर और सफेद मिठाई का भोग लगाएं.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.


Topics:

---विज्ञापन---