Kharmas 2026: हिंदू पंचांग में कुछ ऐसे समय माने जाते हैं जब मांगलिक कार्यों से दूरी रखने की सलाह दी जाती है. इन्हीं में से एक है खरमास. वर्ष में दो बार आने वाला यह काल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है. साल 2026 में दूसरा यानी मीन खरमास मार्च से शुरू होगा. इस दौरान कई शुभ कार्य वर्जित रहते हैं, जबकि पूजा, जप और दान का विशेष महत्व माना जाता है.

क्या होता है खरमास?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य लगभग हर 30 दिन में एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है. जब सूर्य गुरु ग्रह की राशियों धनु और मीन में प्रवेश करता है, तब उस अवधि को खरमास कहा जाता है. इस कारण साल में दो बार खरमास आता है.

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पहला धनु खरमास होता है, जब सूर्य धनु राशि में पहुंचता है. दूसरा मीन खरमास कहलाता है, जब सूर्य मीन राशि में प्रवेश करता है. धार्मिक मान्यता है कि इस समय ग्रहों की स्थिति कुछ मांगलिक कार्यों के लिए अनुकूल नहीं मानी जाती है.

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कब शुरू होगा मीन खरमास 2026?

ज्योतिषीय गणना के अनुसार साल 2026 में सूर्य 14 मार्च को कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेगा. सूर्य का यह गोचर 14 अप्रैल 2026 तक रहेगा. इस तरह 14 मार्च से 14 अप्रैल तक का समय मीन खरमास माना जाएगा. लगभग एक महीने की यह अवधि धार्मिक साधना और पूजा के लिए विशेष मानी जाती है.

खरमास में न करें ये शुभ कार्य

धार्मिक मान्यता के अनुसार खरमास में कई मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं. इनमें प्रमुख रूप से विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन और नई शुरुआत से जुड़े कुछ संस्कार शामिल हैं. ज्योतिष मान्यता यह भी कहती है कि जब सूर्य गुरु की राशि में होता है तो गुरु ग्रह का प्रभाव कुछ समय के लिए कमजोर माना जाता है. गुरु को शुभता और मांगलिक कार्यों का कारक ग्रह माना जाता है. इसलिए इस अवधि में बड़े शुभ कार्य टालने की परंपरा रही है.

इन कार्यों को माना गया है शुभ

खरमास को केवल वर्जनाओं का समय नहीं माना जाता है. धार्मिक ग्रंथों में इसे भक्ति और साधना का विशेष काल बताया गया है. इस दौरान भगवान विष्णु की पूजा, मंत्र जप, कथा श्रवण, व्रत, दान और सेवा जैसे कार्यों को बहुत शुभ माना जाता है. कई लोग इस समय तीर्थ स्नान, गरीबों को अन्न दान और धार्मिक अनुष्ठान भी करते हैं.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.