Karwa Chauth: देशभर में 20 अक्टूबर 2024 को करवा चौथ का पर्व मनाया जाएगा। सुहागिन महिलाओं के लिए इस व्रत का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यदि पत्नी सच्चे मन से करवा चौथ का व्रत रखती है, तो उपवास के प्रभाव के कारण उसके पति की आयु बढ़ती है। इसके अलावा साथी की सेहत अच्छी रहती है और कपल के बीच प्रेम बढ़ता है।
करवा चौथ के दिन व्रत रखने के साथ-साथ महिलाएं सोलह श्रृंगार भी करती हैं। वो नए कपड़ों के साथ नई चूड़ियां, बिंदी, पायल और टॉप्स आदि कैरी करती हैं। ज्यादातर महिलाएं इस दिन लाल रंग की साड़ी या सूट पहनती हैं, लेकिन कुछ महिलाएं अपने पसंद के रंग के आउटफिट भी कैरी करती हैं। शास्त्रों में बताया गया है कि करवा चौथ के शुभ दिन कुछ विशेष रंगों के कपड़ों को पहनने से बचना चाहिए। चलिए जानते हैं पांच ऐसे रंगों के बारे में, जिन्हें करवा चौथ के दिन पहनना शुभ नहीं होता है।
काला रंग
धार्मिक मान्यता के अनुसार, करवा चौथ के दिन महिलाओं को काले रंग की साड़ी या सूट नहीं पहननी चाहिए। काला रंग अंधकार, नकारात्मकता और मृत्यु को दर्शाता है। इसके अलावा काले रंग का संबंध शनिदेव से भी है। ऐसे में यदि आप अपने खास दिन काले रंग के कपड़े पहनते हैं, तो नकारात्मक ऊर्जा के कारण आपके वैवाहिक जीवन में परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं।
सफेद रंग
सफेद रंग को हानि, शोक और उदासी का प्रतीक माना जाता है। यदि करवा चौथ के दिन आप सफेद रंग की साड़ी या सूट पहनती हैं, तो उसका नकारात्मक प्रभाव आपकी लव लाइफ पर भी पड़ सकता है।
गहरा नीला रंग
करवा चौथ के शुभ दिन सुहागिन महिलाओं को गहरे नीले रंग का सूट या साड़ी नहीं पहननी चाहिए। मान्यता है कि गहरा नीला रंग नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है, जिसका बुरा प्रभाव जीवन पर भी पड़ता है।
ग्रे कलर
ग्रे को अशुभ रंग माना जाता है। करवा चौथ के शुभ दिन ग्रे रंग की साड़ी या सूट महिलाओं को नहीं कैरी करना चाहिए। नहीं तो इस रंग के नकारात्मक प्रभाव के कारण आपके वैवाहिक जीवन में समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
भूरा रंग
ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि भूरे रंग का संबंध पापी ग्रह राहु और केतु से है। यदि करवा चौथ के दिन आप भूरे रंग की साड़ी या सूट पहनती हैं, तो आपको राहु और केतु दोष का सामना करना पड़ सकता है। इन दोनों ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव के कारण आपके वैवाहिक जीवन में परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।