Kartik Month 2026 Tulsi Puja: कार्तिक माह हिंदू कैलेंडर के अनुसार, 8वां महीना है. यह महीना भगवान विष्णु की पूजा के लिए खास होता है. कार्तिक माह में कई बड़े त्योहार जैसे दिवाली और छठ पर्व आते हैं. कार्तिक माह 27 अक्टूबर से शुरू हो गया है, जिसका समापन 24 नवंबर को होगा. कार्तिक महीने में तुलसी पूजा का खास महत्व होता है. इस महीने तुलसी विवाह भी किया जाता है. कार्तिक माह में तुलसी पूजा के महत्व और पूजा से जुड़े नियमों के बारे में जानते हैं.
कार्तिक माह में तुलसी पूजा का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी को भगवान विष्णु का प्रिय माना जाता है. कार्तिक महीने में श्रीहरि विष्णु की पूजा का महत्व है. ऐसे में उन्हें प्रसन्न करने के लिए तुलसी की पूजा करना शुभ होता है. कार्तिक माह में देव उठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु चार महीने बाद योग निद्रा से जागते हैं. इस कारण से भी कार्तिक माह में विष्णु भगवान, मां लक्ष्मी और तुलसी के पौधे की पूजा का महत्व है. तुलसी की पूजा से जीवन में सुख-समृद्धि आती है.
तुलसी पूजा के जरूरी नियम
आप सुबह जल्दी उठने के बाद स्नान कर तुलसी के पौधे में जल अर्पित करें. इसके साथ ही पौधे के पास घी का दीपक जलाएं. तुलसी की पूजा करने के साथ ही तुलसी की कम से कम 3 बार परिक्रमा करें. आपको शाम के समय तुलसी के नीचे दीपक जलाना चाहिए. आप तुलसी के पौधे की पूजा के समय विष्णु के मंत्रों का जाप और विष्णु सहस्रनाम का पाठ कर सकते हैं. ऐसा करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा से परिवार में सुख-शांति आएगी. बता दें कि, आपको रविवार, एकादशी और सूर्यास्त के बाद तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए. अगर आपको पूजा के लिए तुलसी के पत्ते की जरूरत है तो, एक दिन पहले तोड़कर रखें.
श्री तुलसी जी की आरती (Tulsi Mata Aarti)
जय जय तुलसी माता, सबकी सुखदाता वर माता।
सब योगों के ऊपर, सब रोगों के ऊपर,
रुज से रक्षा करके भव त्राता।
जय जय तुलसी माता।
बहु पुत्री है श्यामा, सूर वल्ली है ग्राम्या,
विष्णु प्रिय जो तुमको सेवे, सो नर तर जाता।
जय जय तुलसी माता।
हरि के शीश विराजत त्रिभुवन से हो वंदित,
पतित जनों की तारिणि, तुम हो विख्याता।
जय जय तुलसी माता।
लेकर जन्म बिजन में आई दिव्य भवन में,
मानव लोक तुम्हीं से सुख सम्पत्ति पाता।
जय जय तुलसी माता।
हरि को तुम अति प्यारी श्याम वर्ण सुकुमारी,
प्रेम अजब है श्री हरि का तुम से नाता।
जय जय तुलसी माता।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यातों पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.