Kaalchakra News24 Today, Pandit Suresh Pandey: वास्तु शास्त्र में घर में मौजूद छोटी से छोटी चीज की सही दिशा के बारे में बताया गया है। कहा जाता है कि यदि व्यक्ति अपने घर का निर्माण वास्तु के नियमों को ध्यान में रखते हुए करवाता है, तो उसके कारण उनके जीवन में सदा खुशहाली बनी रहती है। इसके अलावा घरवालों को वास्तु दोष भी नही लगता है, जिसके कारण उनकी आर्थिक स्थिति सदा स्थिर रहती है।
आज के कालचक्र में पंडित सुरेश पांडेय आपको घर की उन तीन दिशाओं के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके गंदे और नीचा होने से घरवालों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
किस दिशा में पानी का स्रोत नहीं होना चाहिए?
घर का नैऋत्य कोण यानी दक्षिण-पश्चिम भाग नीचा होता है या इस दिशा में गड्ढा होता है, तो ऐसी परिस्थिति में परिवार का मुखिया हर समय बीमार रहता है। इसके अलावा इस दिशा में पानी का स्रोत होने पर भी घर में बीमारियां बनी रहती हैं। ऐसे में घर में पैसे नहीं टिकते हैं।
दक्षिण-पश्चिम दिशा में रसोई का होना भी अशुभ माना जाता है। इससे वास्तु दोष लगता है, जिससे घरवालों की सेहत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ऐसी परिस्थिति में फर्श पर लकड़ी की टाइल्स लगवाने से वास्तु दोष के प्रभाव को कम किया जा सकता है।
इस दिशा में न रखें कूड़ा-कचरा
उत्तर दिशा में गंदगी के होने से घरवालों को पैसों की कमी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा जिस घर की उत्तर दिशा दक्षिण दिशा की तुलना में ऊंची होती है, वहां कभी भी धन की देवी माता लक्ष्मी का वास नहीं होता है। धन आता है, तो टिक नहीं पाता है। इसके अलावा वास्तु दोष भी लगता है। ऐसी परिस्थिति में घर की उत्तर दिशा में श्री यंत्र को स्थापित करना चाहिए। इसके अलावा घर के उत्तर-पूर्व दिशा में तुलसी और केले का एक-एक पौधा लगाना भी शुभ होता है।
गृह क्लेश का कारण
वास्तु शास्त्र के अनुसार, दक्षिण-पूर्व दिशा का स्वामी शुक्र देव को माना जाता है। इस दिशा में पानी का स्रोत होने से घर में हर समय तनाव का वातावरण रहता है। घरवालों के बीच प्रेम बरकरार नहीं रहता है। इस दोष से बचने के लिए इस दिशा में मौजूद स्लैब पर लाल ग्रेनाइट का पत्थर लगवाना चाहिए। इससे वास्तु दोष का अशुभ प्रभाव कम होगा, जिससे घर में सदा खुशहाली का वातावरण बना रहेगा।
यदि आप भी जानना चाहते हैं वास्तु दोष के अन्य कारणों के बारे में, तो इसके लिए ये वीडियो जरूर देखें।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।