Kaalchakra News24 Today, Pandit Suresh Pandey: जीवन जीने के लिए भोजन करना बहुत जरूरी है, लेकिन कई बार गलत और अनहेल्दी फूड के कारण व्यक्ति को सेहत से जुड़ी परेशानियां होने लगती हैं। इसके अलावा तामसिक भोजन के कारण भी कुंडली में ग्रहों की स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। खासतौर पर राहु और शनि देव के क्रोध का सामना करना पड़ता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में नवग्रहों की स्थिति कमजोर होती है, उन्हें सफलता मिलने में समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
आज के कालचक्र में पंडित सुरेश पांडेय आपको बताएंगे कि तामसिक भोजन के कारण व्यक्ति की कुंडली में कौन-कौन से ग्रहों की स्थिति कमजोर होती है। इसके अलावा उससे होने वाले अशुभ प्रभावों के बारे में भी जानने को मिलेगा।
तामसिक भोजन क्या होता है?
तामसी यानी तामसिक भोजन वो होता है, जो शरीर और मन को सुस्त करता है। बासी भोजन, प्रोसेस्ड फूड यानी ऐसे खाद्द पदार्थ, जिनसें मैदा, वनस्पति, घी या रसायनों का प्रयोग होता है। इसके अलावा पेस्ट्री, पिज्जा, बर्गर, ब्रेड, चॉकलेट, सॉफ्ट ड्रिंक, तंदूरी रोटी, रुमाली रोटी, नान, बेकरी उत्पाद, तंबाकू, शराब और डिब्बा बंद फूड को रोजाना खाने से स्वास्थ्य धीरे-धीरे और शरीर कमजोर पड़ने लगता है।
इंद्रियों पर नहीं रहता है वश!
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, तामसिक भोजन करने वाले लोग बहुत मूडी होते हैं। इनका अपनी इंद्रियों पर वश नहीं होता है। इसलिए इनके मने में असुरक्षा की भावना, अतृप्त इच्छाएं, वासनाएं और भोग की इच्छा हावी होती है। इसके कारण ये लोग अन्य लोगों से अच्छा व्यवहार नहीं करते हैं।
राहु के क्रोध का करना पड़ता है सामना!
जब कोई नियमित रूप से शराब का सेवन करता है, तो ऐसे लोगों की कुंडली में राहु की स्थिति अच्छी नहीं रहती है। कमजोर राहु के कारण जीवन में विभिन्न परेशानियां आने लगती हैं। वहीं जो लोग आए दिन घर का खाना छोड़ बाहर का खाना खाते हैं, उन्हें भी राहु के अशुभ प्रभाव का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा जो लोग सुबह घर पर नाश्ता नहीं करते हैं और ऑफिस जाकर खाना खाते हैं, उन्हें भी राहु के क्रोध का सामना करना पड़ता है।
राहु की दशा में तामसिक भोजन का सेवन करने से व्यक्ति कानूनी मामलों में भी फंस सकता है। ऐसे में राई, खटाई, मिठाई, उड़द की दाल और बीज वाले फल या बेल पर लगने वाले फलों का सेवन करने से बचना चाहिए।
शनि देव भी हो जाते हैं नाराज!
जो लोग बहुत ज्यादा तामसिक भोजन का सेवन करते हैं, उन्हें राहु के साथ-साथ शनि के क्रोध का भी सामना करना पड़ता है। कुंडली में नौवें भाव और दसवें भाव का शनि कितना भी शुभ क्यों न हो, लेकिन व्यक्ति तामसिक भोजन का सेवन करता है, तो उसे शनि के क्रोध का सामना करना ही पड़ता है। वहीं जिन लोगों के ऊपर केतु की दशा चल रही होती है, उन्हें भी तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए।
तामसिक भोजन के सेवन से होने वाले अन्य नुकसान के बारे में जानने के लिए ये वीडियो जरूर देखें।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।