Kaalchakra News24 Today, Pandit Suresh Pandey: सनातन धर्म के लोगों के लिए हिंदू पंचांग का खास महत्व है, जिसके तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण पांच अंग हैं। तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण को देखकर शुभ कार्यों की डेट व मुहूर्त निकाला जाता है। करण हिंदू पंचांग का महत्वपूर्ण अंग है, जो तिथि का आधा भाग होता है। चंद्रमा जब 6 अंश पूर्ण कर लेता है, तो तब एक करण पूरा होता है। एक तिथि में पूर्वार्ध और उत्तरार्ध यानी दो करण होते हैं।
ज्योतिष में कुल 11 करण हैं। हर करण का प्रभाव व्यक्ति के व्यक्तित्व पर पड़ता है, जो उनकी सफलता और असफलता को निर्धारित करता है। प्रत्येक करण हमारे सुख और दुख का निर्णायक भी है। आज के कालचक्र में पंडित सुरेश पांडेय आपको गर करण के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।
गर करण का महत्व
गर करण एक गतिशील करण है, जो चलायमान है। इसे प्रौढ़ माना जाता है, जो बैठी हुई अवस्था में होता है। पृथ्वी के प्रभाव से गर करण में सहनशीलता और धैर्य का गुण आता है। जिन लोगों का जन्म गर करण में होता है, वो मस्तमौला होते हैं। इन लोगों को नींद बहुत प्रिय होती है। इसलिए इन्हें आलसी भी कहा जाता है। ये लोग खाने-पीने के शौकीन होते हैं, जो कभी भाग्य के भरोसे नहीं रहते हैं।
रिश्तेदारों से गर करण में जन्मे व्यक्ति के रिश्ते अच्छे रहते हैं। इन लोगों की धर्म-कर्म में रुचि होती है। ऐसा व्यक्ति न्याय प्रिय होता है, जो लोग निपुण और वाद-विवाद में आनंद लेने वाले होते हैं। गर करण में जन्म लेने वाले व्यक्ति खेती करके भी आमदनी अर्जित करते हैं। इन लोगों को माता-पिता का सुख तो मिलता है। लेकिन ये अपने घर से दूर ही रहते हैं। ये लोग महत्वकांक्षी होते हैं, जिन्हें मानसिक, शारीरिक या आर्थिक कष्ट का सामना करना पड़ता है। लेकिन इन्हें पृथ्वी का पूजन करने से विशेष लाभ होता है।
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गर करण में मांगलिक कार्य करने चाहिए या नहीं?
गर करण को शुभ करण की श्रेणी में रखा गया है, जिस दौरान कोई भी नया काम शुरू करना शुभ माना जाता है। इस करण में शुरू किए गए कार्यों के सफल होने की संभावना ज्यादा रहती है। साहस या कड़ी मेहनत वाले कार्यों को भी गर करण में करना लाभदायक होता है।
यदि आप गर करण के बारे में और विस्तार से जानना चाहते हैं, तो इसके लिए ये वीडियो जरूर देखें।
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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