Vijaya Parvati Vrat 2026: कल 27 जुलाई 2026, दिन सोमवार को आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है. पंचांग के अनुसार, आषाढ़ शुक्ल पक्ष त्रयोदशी से विजया पार्वती व्रत रखा जाता है. यह 5 दिवसीय पर्व होता है. विजया पार्वती व्रत को जया पार्वती व्रत के नाम से भी जानते हैं. विजया पार्वती व्रत 27 जुलाई को शुरू होगा और इसका समापन 1 अगस्त 2026 को होगा. विजया पार्वती व्रत के दौरान मां पार्वती की पूजा-अर्चना की जाती है. आइये विजया पार्वती व्रत के शुभ मुहूर्त, महत्व और व्रत से जुड़े नियमों के बारे में जानते हैं.

विजया पार्वती व्रत शुभ मुहूर्त (Vijaya Parvati Vrat Shubh Muhurat)

ब्रह्म मुहूर्त- 04:16 ए एम से 04:58 ए एम
प्रातः सन्ध्या- 04:37 ए एम से 05:40 ए एम
अभिजित मुहूर्त- 12:00 पी एम से 12:55 पी एम
विजय मुहूर्त- 02:43 पी एम से 03:38 पी एम
सायाह्न सन्ध्या- 07:15 पी एम से 08:18 पी एम
निशिता मुहूर्त- 12:07 ए एम से 12:49 ए एम, 28 जुलाई

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इस दिन शुभ मुहूर्त इस प्रकार रहने वाले हैं. इसके साथ ही जया पार्वती व्रत पर प्रदोष काल की पूजा का मह्तव होता है. प्रदोष काल का समय शाम को 7 बजकर 15 मिनट से लेकर 9 बजकर 20 मिनट तक रहेगा. इस शुभ मुहूर्त में आप पूजा कर सकते हैं.

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विजया पार्वती व्रत का महत्व (Vijaya Parvati Vrat Significance)

भगवान शिव की पत्नी मां पार्वती को समर्पित यह विजया पार्वती व्रत बेहद खास है. सुहागिन महिलाएं विजया पार्वती व्रत को पती की लंबी उम्र और अच्छी सेहत की कामना के लिए करती हैं. इससे वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है. कुंवारी कन्याएं विजया पार्वती व्रत को योग्य वर की प्राप्ति के लिए करती हैं. इसके साथ ही निसंतान दंपत्तियों के इस व्रत को करने से संतान प्राप्ति की इच्छा पूरी होती है. जीवन में सुख-समृद्धि और पारिवारिक जीवन को खुशहाल बनाए रखने के लिए इस व्रत को करना चाहिए.

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विजया पार्वती व्रत के नियम (Vijaya Parvati Vrat Rules)

विजया पार्वती व्रत के दिन मिट्टी के बर्तन में गेहूं या जौ बोए. इन्हें 5 दिनों तक पानी दें और अंतिम दिन इन्हें नदी में प्रवाहित कर दें. इस व्रत के दौरान नमक का त्याग करना होता है. विजया पार्वती व्रत के दौरान 5 दिनों तक नमक का सेवन पूरी तरह वर्जित होता है. इस व्रत में सिर्फ दूध, दही और फल खा सकते हैं. व्रत के 5 दिनों तक विधि-विधान के साथ सभी नियमों का पालन करना चाहिए.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.