Indira Ekadashi ke Upay: सितंबर महीने की अंतिम एकादशी यानी इंदिरा एकादशी पितृपक्ष के दिनों में पड़ने के कारण बेहद खास महत्व रखता है। धार्मिक मान्यता भी है कि इस एकादशी को विष्णु पूजा करने से पितृों को तृप्ति और मोक्ष मिलता है। पद्म पुराण के अनुसार, इंदिरा एकादशी पर विधिपूर्वक व्रत कर इसके पुण्य को पूर्वज के नाम पर दान कर देने पर उन्हें मोक्ष मिल जाता है। वहीं, इंदिरा एकादशी पर तुलसी पूजा का भी विशेष महत्व है।
साथ ही, चातुर्मास में पड़ने के कारण भी इंदिरा एकादशी खास बन जाता है। इस दिन लोग भगवान सत्यनारायण की पूजा कर उनकी कथा सुनते हैं। वहीं, मान्यता है कि इस एकादशी की रात कुछ विशेष उपाय करने भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी दोनों की कृपा प्राप्त होती है। इन खास उपायों से घर में ऋद्धि-सिद्धि का वास होता है और पितरों की कृपा से बिगड़े काम भी बन जाते हैं। आइए जानते हैं, क्या हैं ये खास उपाय?
इंदिरा एकादशी की रात करें ये 3 उपाय
लौंग से धन के उपाय
इंदिरा एकादशी की रात में 7 लौंग लें। उसे किसी लाल कपड़े में बांध लें। फिर उस पोटली को घर के पूजा-मंदिर में रख दें। फिर घी का दीपक जलाएं और धन की देवी मां लक्ष्मी और धन के खजांची भगवान कुबेर का ध्यान करें। इसके बाद इसके बाद 7 में से 2 लौंग को जलते हुए दीपक में डाल दें। इसके बाद बचे हुए 5 लौंग को लाल कपड़े में बांधकर मां लक्ष्मी का ध्यान करते हुए अपनी तिजोरी में रख लें। ध्यान रहे कि इस उपाय को इंदिरा एकादशी की रात में करना है। मान्यता है कि इंदिरा एकादशी की रात लौंग के इस उपाय को करने के दर में धन की आमद तेज हो जाती है और बड़े से बड़ा कर्ज दूर हो जाता है।
सुख और समृद्ध के लिए तुलसी के उपाय
इंदिरा एकादशी की शाम में अंधेरा होने के बाद तुलसी जी के आगे घी के 5 दीये जलाएं और उनकी पूजा करें। इसके बाद भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए, उनके तने में लाल चुनरी बांधें। इससे आपके जीवन में दो लाभ हो सकते हैं। पहला, दांपत्य जीवन मधुर और मजबूत रहेगा और दूसरा, घर के खुशियों और समृद्धि में तेजी से बढ़ोतरी होगी। साथ ही इस उपाय से अविवाहितों का विवाह शीघ्र होने के योग बनते हैं। दरअसल हिन्दू धर्म की मान्यता है तुलसी की पूजा और विष्णु भगवान का ध्यान करने से दांपत्य जीवन में प्रेम और विश्वास बढ़ता है। इससे पितरों की कृपा भी प्राप्त होती है बिगड़े काम बनने लगते हैं।
स्वास्थ्य और संपन्नता के लिए दीये के उपाय
इंदिरा एकादशी की रात में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी के सामने 11 दीये जलाएं। यदि ये दीये तिल के तेल में जलाएं जाएं तो और भी फलदायी माना गया है। भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी को पीले भोजन का भोग लगाएं, जैसे बादाम-केसर हलवा, पीले रसगुल्ले, गुड़ की मीठी भात आदि। भोग लगाने के बाद ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ और ‘ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मी नमः’ का जाप करें। इस उपाय से स्वास्थ्य उत्तम रहता है, समृद्धि बढ़ती है और पितर-पूर्वज भी प्रसन्न होते हैं।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।