Holika Dahan 2026: होलिका दहन के अवसर पर होलिका और प्रहलाद की कहानी सुनाई जाती है. इसके अलावा होलिका की प्रेम कहानी की कथा है जिसे कम लोग जानते हैं. होलिका दहन के कारण होलिका की प्रेम कहानी अधूरी रह गई थी. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, हिरण्यकश्यप की बहन होलिका की मृत्यु के बाद उसकी प्रेम कहानी अधूरी रह गई थी.

होलिका और इलोजी की प्रेम कहानी

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि के दिन होलिका और इलोजी का विवाह होना था. असुर राजा हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन को प्रहलाद को जलाने के लिए कहा. होलिका को वरदान था वह अग्नि में नहीं जलेगी इसलिए हिरण्यकश्यप ने होलिका को उसे गोर में लेकर अग्नि में बैठने को कहा. लेकिन भगवान विष्णु की कृपा से प्रहलाद बच गए और होलिका जल गई.

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होलिका को जब शुरुआत में हिरण्यकश्यप ने ऐसा करने के लिए कहा तो उसने मना कर दिया लेकिन फिर हिरण्यकश्यप ने विवाह में बाधा डालने और इलोजी को मारने की धमकी दी जिसके बाद होलिका मान गई. लेकिन होलिका जब अग्नि में बैठी तो जिस दुशाला को होलिका ओढ़कर बैठी थी वो प्रहलादे ऊपर चली गई. प्रहलाद बच गए और होलिका जलकर राख हो गई. इस तरह से होलिका और इलोजी की प्रेम कहानी अधूरी रह गई थी.

बारात लेकर पहुंचे इलोजी

होलिका से इलोजी की शादी होने थी उन्हें इस घटना के बारे में जानकारी नहीं थी. इलोजी बारात लेकर पहुंचे तो इलोजी को इस घटना के बारे में पता चला इसके बाद उन्होंने सुधबुध खो दिया और सब छोड़कर वन में चले गए.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.