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हर बीमारी से मुक्ति दिलाता है बजरंगबली का ये शक्तिशाली स्तोत्र, दवाइयों के साथ जरूर करें पाठ

Hanuman Puja: अगर आप या आपका कोई अपना गंभीर बीमारी से पीड़ित है तो भगवान हनुमान एक स्तोत्र आपकी परेशानी को दूर कर सकता है। आप चिकित्सकीय इलाज कराने के साथ ही अगर इस पाठ को करेंगे तो आपको 100 प्रतिशत लाभ होगा। माना जाता है कि इस पाठ को स्वयं तुलसीदास ने किया था और उन्हें उस बीमारी से मुक्ति मिल गई थी।

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Credit- pexels

Hanuman Puja: भगवान हनुमान को संकटमोचन कहा जाता है। बजरंगबली की पूजा हर प्रकार का संकट हर लेती है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार अगर कोई व्यक्ति गंभीर बीमारी से पीड़ित हो तो उसको बजरंगबली की शरण में जाना चाहिए। मान्यता है कि भगवान हनुमान की पूजा से असाध्य रोगों से भी मुक्ति मिल जाती है।

भगवान राम के भक्त और रामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास ने हनुमान जी के एक ऐसे स्तोत्र की रचना की है, जिसका पाठ करने से गंभीर रोगों से मुक्ति पाई जा सकती है। अगर कोई व्यक्ति चिकित्सकीय इलाज के साथ इसका पाठ करता है तो उसे बीमारी से जल्द ही निजात मिल जाता है।

तुलसीदास पड़ गए थे बीमार

मान्यता है कि एक बार गोस्वामी तुलसीदास काफी गंभीर रूप से बीमार पड़ गए थे। इस बीमारी से उनको काफी पीड़ा हो रही थी। उस समय उन्होंने एक स्तोत्र की रचना की और उनका जाप भी किया। इससे उनपर भगवान हनुमान की कृपा हुई और उन्हे उस बीमारी से मुक्ति मिल गई। इस स्तोत्र को बाद में हनुमान बाहुक नाम से जाना गया। हनुमान बाहुक में 44 चरण हैं। इनका पाठ करने वाले व्यक्ति को हर गंभीर बीमारी से छुटकारा मिल जाता है।

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क्या है हनुमान बाहुक?

हनुमान बाहुक एक स्तोत्र है, जिसमें 44 छंद हैं। यह स्तोत्र हनुमान जी की महिमा, शक्ति, और भक्ति का वर्णन करता है। प्रत्येक छंद में हनुमान जी की स्तुति, उनके बल, बुद्धि, और भक्तों के प्रति करुणा का गुणगान किया गया है। यह स्तोत्र हिंदी और अवधी भाषा में लिखा गया है, जो इसे भक्तों के लिए सरल और प्रभावशाली बनाता है। हनुमान बाहुक का पाठ विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है जो शारीरिक रोगों, मानसिक तनाव, या अन्य कठिनाइयों से जूझ रहे हैं।

ऐसे करें पाठ

अगर कोई व्यक्ति गठिया, गले के रोग, जोड़ों या सिरदर्द, आदि से परेशान है तो उसे एक पात्र में जल रखकर हनुमान बाहुक का 21 दिनों तक पाठ करना चाहिए। पाठ पूरा होने पर प्रतिदिन उस जल को पी लें और अगले दिन दूसरा जल रखें। ऐसा करने से बीमारी का अंत हो जाता है। वहीं अगर काम रुके हुए हैं या कोई इच्छा पूरी नहीं हो रही है तो भी हनुमान बाहुक का पाठ काफी प्रभावशाली माना गया है।

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जादू-टोने से भी दिलाता है मुक्ति

अगर किसी व्यक्ति को इस बात का भय है कि उसके ऊपर कोई काला जादू कर रहा है तो या विश्वासघात किया जा रहा है तो उसे नियमित हनुमान बाहुक का पाठ करना चाहिए। ऐसा करने से उसपर जादू-टोने का असर नहीं होता है। इसके साथ ही हनुमान बाहुक का पाठ करने वाले व्यक्ति के ऊपर भूत-प्रेत भी अपनी दृष्टि नहीं डाल पाते हैं। ऐसे व्यक्ति को किसी भी प्रकार की नकारात्मक शक्ति नहीं छू सकती है।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्रों पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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