गुरुवार को किए ये काम तो हो सकते हैं कंगाल, खुद देवगुरु बृहस्पति ने कथा में बताई है ये बात!

Guruwar Rules: गुरुवार के दिन कुछ कार्यों को करने से धन की हानि हो सकती है। ऐसा गुरुवार व्रत कथा में स्वयं बृहस्पति देव ने बताया है।

Guruwar Upay

गुरुवार को वर्जित हैं ये काम

Guruwar Rules: गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित होता है। इस दिन कुछ कार्यों को करने की मनाही होती है। माना जाता है कि इन कार्यों को करने से जीवन में कई प्रकार की समस्याओं को सामना करना पड़ सकता है। इसके साथ ही धन की हानि भी देखने को मिल सकती है।

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इस बात का जिक्र खुद बृहस्पतिवार व्रत कथा में मिलता है। जिनके अनुसार गुरुवार के दिन कुछ कामों को करना वर्जित माना जाता है। आइए जानते हैं कि वे कौन से काम हैं, जो गुरुवार के दिन नहीं करने चाहिए।

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बाल और दाढ़ी बनवाना

गुरुवार के दिन बाल कटवाने और दाढ़ी बनवाना वर्जित कहा गया है। माना जाता है इस दिन दाढ़ी, नाखून या बाल कटवाने से घर की आर्थिक स्थिति बिगड़ती है। इसका नकारात्मक असर संतान सुख और सेहत पर भी पड़ता है।

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तामसिक भोजन करना

गुरुवार के दिन भोजन में मांस, प्याज, लहसुन नहीं खाना चाहिए। इसके साथ ही शराब भी नहीं पीनी चाहिए, ऐसा करने से गुरुदेव भगवान का प्रकोप झेलना पड़ता है। इसके साथ ही व्यक्ति को धन की भी हानि होती है।

साफ-सफाई करना

इस दिन घर की दैनिक साफ-सफाई के अलावा डीप क्लीनिंग आदि नहीं करनी चाहिए। शास्त्रों में इस दिन पोछा भी नहीं लगाना चाहिए। ऐसा करने से माता लक्ष्मी नाराज होती हैं और धनहानि के योग बनते हैं।

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कपड़े धोना

गुरुवार के दिन कपड़े न धुलने चाहिए या नहीं धुलने के लिए देने चाहिए। इससे भी धन नाश के योग बनते हैं।

गुरुवार व्रत कथा में लिखी है यह बात!

गुरुवार व्रत कथा के अनुसार एक राजा बड़ा प्रतापी और दान देने वाला था, जिसके पास धन आदि किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं थी। वहीं, दूसरी ओर रानी उतनी ही आलसी और धर्म-कर्म नहीं करने वाली थी। एक बार गुरुवार के दिन स्वयं बृहस्पति देव एक ब्राह्मण का वेश धारण करके राजा के द्वारा पर भिक्षा मांगने लगे। तभी रानी वहां आई और उसने ब्राह्मण से कहा कि मैं ये धन और दान से परेशान हूं। कोई ऐसा उपाय बताएं कि धन खत्म हो जाए।

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रानी की यह बात सुनकर वो ब्राह्मण देव भी चिंता में पड़ गए कि ये कैसी स्त्री है कि धन को नष्ट करना चाहती है। इस पर उन्होंने रानी से कहा कि आप अपने धन को पुण्य कामों में लगा दें, गर्मी में प्याऊ लगवाएं, कुंवारी कन्याओं का विवाह कराएं आदि धार्मिक कार्य करें। उनकी बात सुनकर रानी बोली की ये सभी काम मेरे पतिदेव करते हैं मैं तो बस ये धन नष्ट करने का उपाय जानना चाहती हूं।

देवगुरु ने बताए कंगाल बनने के उपाय

रानी की बात सुनकर देवगुरु बृहस्पति ने कहा कि अगर आप स्वयं ऐसा चाहती हैं तो यही होगा। इस पर उन्होंने रानी को उपाय बताए। उन्होंने कहा कि गुरुवार के दिन सोकर उठना, घर लीपना-पोतना, राजा से कहना कि दाढ़ी और बाल बनवा लें। भोजन बनाकर चूल्हे के पीछे रख देना। धोबी को कपड़े धुलने को देना और बालों को धोना। इसके साथ ही भोजन में मांस- मदिरा और प्याज खाना। ऐसा करने से धन समाप्त हो जाएगा।

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राजा हो गया कंगाल

रानी ने ब्राह्मण देव की बात सुनकर अगले गुरुवार से ही ऐसा करना शुरू कर दिया। चार गुरुवार भी नहीं बीत पाए कि राजा कंगाल हो गया। इस कारण माना जाता है कि गुरुवार के दिन इन कामों को करने से कंगाली आ सकती है। इसी कारण गुरुवार के दिन इन कामों को वर्जित माना गया है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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