Kundali Dosh Upay: कुंडली में ग्रहों की स्थिति और दृष्टि से कई योग बनते हैं. इनमें से कई योग अशुभ होते हैं. इन अशुभ योग के कारण व्यक्ति को जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है. यह महाअशुभ योग गरीबी का कारण बनते हैं. इन अशुभ योग के होने से अच्छा-खासा हंसते खेलते इंसान के जीवन में ग्रहण लग जाता है. इन अशुभ योग के कारण संपत्ति मिट्टी में मिल जाती है. आपकी कुंडली में अशुभ योग हैं तो चलिए इनके बारे में और इसके उपाय जानते हैं.
ग्रहण योग
अगर कुंडली में चंद्र ग्रह पाप ग्रह राहु या केतु के साथ हो तो ग्रहण योग का निर्माण होता है. इस ग्रहण योग के कारण व्यक्ति को जीवन में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. इस ग्रहण योग के प्रभाव से बचने के लिए 6 नारियल को सिर के ऊपर से वार कर पानी में प्रवाहित करना चाहिए. इसके साथ ही आदित्यहृदय स्तोत्र का पाठ करना चाहिए.
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चांडाल योग
कुंडली में देवगुरु बृहस्पति के साथ राहु या केतु के होने से गुरु चांडाल योग बनता है. इस अशुभ योग के कारण गरीबी का सामना करना पड़ता है. इस अशुभ योग से बचने के लिए अच्छी संगति रखें. हल्दी या चंदन का तिलक लगाएं. गुरुवार का व्रत रखें.
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दारिद्रय योग
अगर किसी जातक की कुंडली में 11वें घर का स्वामी कुंडली के 6, 8 अथवा 12वें में हो तो इससे दारिद्रय योग बनता है. इसके कारण व्यक्ति को जीवन में गरीबी का सामना करना पड़ता है. ऐसे व्यक्ति को धनहानि होती रहती है और व्यक्ति कर्ज में डूबता जाता है. इससे बचने के लिए अपने कर्म को सुधारें और कुंडली विशेषज्ञों से सलाह लें.
विष योग
कुंडली में शनि और चंद्र की युति और शनि की चंद्रमा पर दृष्टि पड़ने से यह विष योग बनता है. इस विष योग के बनने से इंसान को मृत्यु समान कष्ट झेलने पड़ते हैं. अगर आपकी कुंडली में विष योग है तो इसके निवारण के लिए हनुमान जी की उपासना करें. शनिवार को सरसों के तेल में छाया देखकर इसे दान करें. महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.