Gudi Padwa 2026 Shubh Muhurat & Puja Vidhi: हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को देशभर में धूमधाम से गुड़ी पड़वा का पर्व मनाया जाता है, जिससे मराठी नववर्ष की भी शुरुआत होती है. खासकर, मराठी और कोंकणी हिंदू इस त्योहार को बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं. द्रिक पंचांग के अनुसार, साल 2026 में ये पर्व आज 19 मार्च को मनाया जा रहा है, जिसके साथ ही मराठी शक सम्वत 1948 की शुरुआत हो गई है. मान्यता है कि इस दिन घर में विजय पताका यानी गुड़ी लगाने और उसकी विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करने से परिवार वालों के बीच प्रेम बढ़ता है. साथ ही घर में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है व घरवाले बीमारियों से बचे रहते हैं.

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चलिए अब जानते हैं आज कब से कब तक गुड़ी लगा सकते हैं. साथ ही आपको गुड़ी लगाने की विधि-नियम और उसे उतारने के शुभ मुहूर्त आदि के बारे में पता चलेगा.

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गुड़ी पड़वा की पूजा का शुभ मुहूर्त

  • गुड़ी लगाने का शुभ समय- सुबह 6:44 से सुबह 10:30 मिनट तक
  • दोपहर की पूजा का शुभ समय- दोपहर 12:04 से दोपहर 12:53 मिनट तक
  • गुड़ी उतारने का समय- शाम 5:18 से शाम 6:49 मिनट तक

गुड़ी पड़वा की पूजा विधि

  • सुबह जल्दी उठकर तेल-स्नान (शरीर की तिल या अन्य सुगंधित तेल से मालिश करना) करें.
  • नए कपड़े पहनकर घर के मुख्य द्वार पर गुड़ी (एक बांस की लकड़ी पर साड़ी, कलश और नीम-पत्ते लगाना) लगाएं.
  • गुड़ी की पूजा करने के बाद नीम के पत्ते और गुड़ का प्रसाद खाएं.
  • शाम में पूजा करने के बाद गुड़ी को उतारकर घर के मंदिर या किसी शुद्ध जगह पर रख दें.

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गुड़ी से जुड़े नियम

  • गुड़ी को घर के मुख्य द्वार या खिड़की पर लगाना चाहिए.
  • गुड़ी को पूर्व या उत्तर दिशा में लगाना शुभ होता है.
  • ऊंचाई पर गुड़ी लगाना शुभ होता है.
  • बांस की लकड़ी से ही गुड़ी बनाएं.
  • गुड़ी पर तांबे या चांदी का कलश ही लगाएं.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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