भूल से भी जीवन में न करें ये काम
मित्रघात: मित्र से किसी भी प्रकार का घात करने वाले यानी दोस्त को धोखा देने वाले, उसे ठगने वाले, उनसे झूठ बोलने वाले लोगों के लिए गरुड़ पुराण में नरक मिलने की बात की गई है। इस पुराण के अनुसार, मित्रघाती व्यक्ति अगले जन्म में गिद्ध बनकर मरे हुए दुर्गंधयुक्त सड़े पशुओं को खाते हैं। ये भी पढ़ें: Jitiya Vrat 2024: ओंगठन के बिना शुरू नहीं हो सकता है जितिया व्रत, जानिए क्या है ये रस्म? अनैतिक काम वासना: अनैतिक रूप से काम वासना में लिप्त रहने वाले स्त्री-पुरुष और पुण्य तिथि, व्रत, श्राद्ध और पितृपक्ष (केवल कर्ता) में शारीरिक संबंध बनाने वाले लोगों को मृत्यु के बाद नरक में स्थान मिलता है। गरुड़ पुराण के अनुसार, ऐसे लोगों को नरक में रौरव नामक भीषण नरक भोगना पड़ता है। अधर्म: गरुड़ पुराण कहता है कि जो व्यक्ति अधर्म के रास्ते पर चलते हैं और अधर्म के माध्यम ही अपना और अपने परिवार के लिए धन जमा करते हैं, उनका धन उनके जीवनकाल में ही समाप्त हो जाता है। वहीं, मृत्यु के बाद वे कई प्रकार के दंड भोगकर अंधतामिस्र नामक नरक में जा गिरते हैं। परिवार में प्रताड़ना: जो व्यक्ति माता-पिता या फिर परिवार के सदस्यों के साथ गलत व्यवहार करता है या उन्हें प्रताड़ित करता है। गरुड़ पुराण के अनुसार ऐसे कर्म करने वालों की गर्भ में ही मृत्यु हो जाती है और उसे अनिश्चित काल तक धरती नसीब नहीं होती है। ईश्वर विमुखता: गुरुड़ पुराण के अनुसार, ईश्वर विमुखता यानी भगवान को भूल कर केवल अपना और रिश्तेदारों का पेट भरने और सुख-मौज में लगे रहने वाले और साधु-संतों, जरूरतमंदों को दान देने वाले व्यक्ति नरक में भांति-भांति के दुख भोगता है। ये भी पढ़ें: Sharad Purnima 2024: चांद की रोशनी में क्यों रखते हैं खीर? जानें महत्व और नियम
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।