Evening Bad Habits: ज्योतिष और धर्म शास्त्र में दिन के अलग अलग समय का खास महत्व बताया गया है. शाम का समय देवी लक्ष्मी और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है. इस समय की गई छोटी सी भूल भी जीवन पर बुरा प्रभाव डाल सकती है. इसी कारण कुछ कार्य शाम के बाद वर्जित बताए गए है. आइए जानते हैं, दिन छिपने के बाद कौन-से 4 काम नहीं करने चाहिए, वरना न केवल बीमारी बल्कि आर्थिक संकट से जूझना पड़ सकता है?
शाम में सोने की आदत
धर्म ग्रंथ के अनुसार सूर्य अस्त होने के बाद सो जाना उचित आदत नही मानी जाती. ऐसा करने से शरीर सुस्त रहता है और रोग जल्दी पास आते है. बुजुर्ग मानते है कि शाम में सोने से काम करने की इच्छा घटती है और मन आलसी बनता है. बेहतर यही रहता है कि इस समय हल्की पूजा, दीपक जलाना या परिवार के साथ समय बिताया जाए.
मुख्य द्वार खुला रखना
शाम के समय घर का मुख्य द्वार खुला रखना शुभ संकेत माना गया है. मान्यता के अनुसार इसी समय देवी लक्ष्मी घर में प्रवेश करती है. बंद दरवाजा सकारात्मक ऊर्जा को रोक सकता है. यदि सुरक्षा कारण से दरवाजा बंद करना पड़े तो दीपक जलाकर द्वार के पास साफ सफाई रखना लाभदायक माना जाता है.
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दहलीज पर बैठने की भूल
घर की दहलीज को सम्मान का स्थान कहा गया है. शाम के समय दहलीज पर बैठना या सामान रखना अशुभ संकेत माना जाता है. शास्त्र अनुसार इससे धन का प्रवाह रुकता है. दहलीज को हमेशा स्वच्छ और खाली रखना घर में सुख समृद्धि बनाए रखने का सरल उपाय माना जाता है.
शाम में स्नान करने की मान्यता
ज्योतिष शास्त्र में शाम के समय स्नान को भी अनुचित बताया गया है. ऐसा माना जाता है कि इस समय स्नान करने से शरीर की प्राकृतिक ऊर्जा कमजोर पड़ती है. यदि किसी कारण स्नान करना पड़े तो इसके बाद पूजा पाठ या तिलक लगाने से बचाव करने की सलाह दी जाती है.
ये बातें भी रखें याद
शाम के समय घर में अंधेरा न रहने दे. सूर्य ढलते ही दीपक या बल्ब जलाना सकारात्मक वातावरण बनाता है. इस समय झाड़ू लगाना या कचरा बाहर फेंकना भी उचित नही माना जाता. तुलसी के पास दीपक जलाना और शांत संगीत सुनना मन को स्थिर रखता है.
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है।News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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