Dwijapriya Sankashti 2026: हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी का व्रत होता है यह दिन चंद्रमा और गणेश जी की पूजा के लिए खास होता है. आज फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि है. आज द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी व्रत है. द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी का व्रत करने से गणेश जी की कृपा मिलती है और विघ्न दूर होते हैं. आप आज व्रत पूजा और उपाय के साथ कर्ज मुक्ति के उपाय कर सकते हैं. आइये द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी पर कर्ज मुक्ति के उपायों के बारे में जानते हैं.
द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी कर्ज मुक्ति के उपाय
आपको द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी का व्रत करने के साथ ही कर्ज मुक्ति के लिए गणेश जी को 21 दूर्वा घास और गुड़ का भोग लगाना चाहिए. इसके साथ ही आप शाम के समय तिल के लड्डू गणेश जी को चढ़ाएं. आपको शाम के समय ‘ॐ गणेश ऋणम छिंद वरेण्यम हुम नमः फट’ और ‘ॐ श्रीं गं सौम्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं में वशमानय स्वाहा’ इन मंत्रों का जाप करना चाहिए. इसके साथ ही कर्ज मुक्ति के लिए ऋणमोचक गणेश स्तोत्र का पाठ करना चाहिए. इससे कर्ज के बोझ से मुक्ति मिलती है.
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ऋणमुक्ति गणेश स्तोत्र (Rin Mukti Ganesh Stotram)
ॐ स्मरामि देव-देवेश।वक्र-तुण्डं महा-बलम्।
षडक्षरं कृपा-सिन्धु, नमामि ऋण-मुक्तये।।
महा-गणपतिं देवं, महा-सत्त्वं महा-बलम्।
महा-विघ्न-हरं सौम्यं, नमामि ऋण-मुक्तये।।
एकाक्षरं एक-दन्तं, एक-ब्रह्म सनातनम्।
एकमेवाद्वितीयं च, नमामि ऋण-मुक्तये।।
शुक्लाम्बरं शुक्ल-वर्णं, शुक्ल-गन्धानुलेपनम्।
सर्व-शुक्ल-मयं देवं, नमामि ऋण-मुक्तये।।
रक्ताम्बरं रक्त-वर्णं, रक्त-गन्धानुलेपनम्।
रक्त-पुष्पै पूज्यमानं, नमामि ऋण-मुक्तये।।
कृष्णाम्बरं कृष्ण-वर्णं, कृष्ण-गन्धानुलेपनम्।
कृष्ण-पुष्पै पूज्यमानं, नमामि ऋण-मुक्तये।।
पीताम्बरं पीत-वर्णं, पीत-गन्धानुलेपनम्।
पीत-पुष्पै पूज्यमानं, नमामि ऋण-मुक्तये।।
नीलाम्बरं नील-वर्णं, नील-गन्धानुलेपनम्।
नील-पुष्पै पूज्यमानं, नमामि ऋण-मुक्तये।।
धूम्राम्बरं धूम्र-वर्णं, धूम्र-गन्धानुलेपनम्।
धूम्र-पुष्पै पूज्यमानं, नमामि ऋण-मुक्तये।।
सर्वाम्बरं सर्व-वर्णं, सर्व-गन्धानुलेपनम्।
सर्व-पुष्पै पूज्यमानं, नमामि ऋण-मुक्तये।।
भद्र-जातं च रुपं च, पाशांकुश-धरं शुभम्।
सर्व-विघ्न-हरं देवं, नमामि ऋण-मुक्तये।।
ऋणमुक्ति गणेश स्तोत्र पाठ की विधि
आप ऋणमुक्ति गणेश स्तोत्र का पाठ करने के लिए स्नान कर पूजा स्थान की सफाई करें. गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करें. विधि विधान से गणेश जी की पूजन करें और श्रद्धापूर्वक ऋणमुक्ति गणेश स्तोत्र का पाठ करें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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