सोना वैभव और स्थायित्व का प्रतीक माना जाता है और चांदी शुद्धता और सौभाग्य का प्रतीक होती है. धनतेरस पर इन धातुओं को खरीदना शुभ माना जाता है. इन्हें खरीदने से आर्थिक समृद्धि आती है. इसके साथ ही धनतेरस पर तांबा, पीतल और स्टील के नए बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बर्तन खरीदना स्वास्थ्य, दीर्घायु और पारिवारिक सुख का सूचक माना जाता है. आपको धनतेरस पर बर्तन खरीदने के बाद इसे घर में खाली नहीं लाना चाहिए. इसमें चावल भरकर घर के अंदर लेकर आएं. धनतेरस की तिथि 19 अक्टूबर, रविवार को दोपहर 1 बजकर 52 मिनट पर समाप्त होगी. आप इस समय तक खरीदारी कर सकते हैं.
धनतेरस के अवसर दिल्ली में सोने और चांदी के आभूषणों की खरीदारी के लिए दुकानों पर दिख रही भीड़
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गणेश मंत्र: वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ, निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा.
लक्ष्मी मंत्र: ऊँ श्रींह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मी नम:
कुबेर मंत्र: ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः
पीतल भगवान धन्वंतरि की प्रिय धातु मानी जाती है. ऐसे में धनतेरस के दिन पीतल खरीदना शुभ होता है. आपको धनतेरस पर पीतल के बर्तन खरीदने चाहिए.
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धनतेरस की रात 13 दीपक जलाने की परंपरा है. धनतेरस की रात को आटे के 13 दीपक बनाएं, हर एक में घी और बाती के साथ एक कौड़ी रखें. घी के इन दीपकों को घर के मुख्य द्वार, आंगन आदि जगहों पर रखें. ऐसा करने से घर में धन की बढ़ोतरी होती है और भगवान कुबेर की कृपा मिलती है.
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धनतेरस के दिन मां लक्ष्मी, भगवान कुबेर और धनवंतरि की पूजा का विधान है. इस दिन इन सभी भगवानों की पूजा की जाती है. आपको भगवान की पूजा के बाद उन्हें भोग भी लगाना चाहिए. धनतेरस के दिन भगवान को खीर, बेसन लड्डू, गुड़-चना या धनिया लड्डू का भोग लगाना चाहिए. इन प्रसाद से भगवान प्रसन्न होते हैं और में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य का आशीर्वाद मिलता है.
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भगवान की मूर्ति अलग-अलग होनी चाहिए. आपस में जुड़ी हुई मूर्ति न खरीदें. इसके साथ ही मूर्ति हमेशा शांत और बैठी हुई मुद्रा में होनी चाहिए. मिट्टी या धातु की मूर्ति आप खरीद सकते हैं. मां लक्ष्मी की कमल के फूल पर विराजमान मूर्ति खरीदें. किसी अन्य वाहन पर विराजमान मूर्ति नहीं खरीदनी चाहिए. इसके साथ ही ध्यान रखें कि, शांत, सौम्य और प्रसन्न भाव के चेहरे वाली प्रतिमाएं खरीदें. गुस्से के भाव में चेहरा हो ऐसी मूर्ति न खरीदें.
ॐ धन्वंतरये नमः
ॐ नमो भगवते धन्वंतरये अमृतकलश हस्ताय सर्व रोगनिवारणाय त्रिलोकनाथाय श्री महाविष्णवे नमः
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धनतेरस पर वाहन खरीदने का पहला शुभ मुहूर्त सुबह 7 बजरक 49 मिनट से 9 बजकर 15 मिनट तक था. अब वाहन खरीदने का शुभ मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 32 मिनट से शाम को 4 बजकर 23 मिनट तक रहेगा. इसके बाद तीसरा मुहूर्त शाम को 6 बजकर 36 मिनट से रात को 8 बजकर 32 मिनट तक है. आप नया वाहन खरीद रहे हैं तो इन शुभ मुहूर्त में ही खरीदें.
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आज धनतेरस पर ब्रह्म योग और बुद्धादित्य योग का संयोग बन रहा है. यह शुभ योग धन, भाग्य और करियर में वृद्धि के लिए अत्यंत शुभ होते हैं.
पौराणिक कथा के अनुसार, प्राचीन काल में एक दिन धन की देवी माता लक्ष्मी ने अपने पति विष्णु जी से आग्रह किया कि वो उनके साथ पृथ्वी लोक पर भ्रमण करने के लिए चलें. विष्णु जी माता रानी के साथ चलने के लिए मान गए लेकिन उन्होंने उनके सामने एक शर्त रखी.
यदि आप इसके आगे की कथा के बारे में जानना चाहते हैं तो उसके लिए नीचे दिए हुए लिंक पर क्लिक करें. Dhanteras 2025 Katha In Hindi: धनतेरस की पूजा में जरूर पढ़ें ये कथा, सालभर धन से भरी रहेगी जेब
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पंचांग के मुताबिक, आज धनतेरस के शुभ दिन दोपहर में 3 बजकर 41 मिनट पर मन, माता, वाणी, मानसिक स्थिति और सुख के दाता चंद्र देव उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में गोचर करेंगे. इस गोचर से मेष राशि, कर्क राशि, वृश्चिक राशि और कन्या राशिवालों को विशेष लाभ होगा.
यदि आप इन 4 राशियों के राशिफल के बारे में जानना चाहते हैं तो उसके लिए नीचे दिए हुए लिंक पर क्लिक करें.
Dhanteras 2025 Rashifal: धनतेरस पर इन 4 राशियों का होगा भाग्योदय, राशि-नक्षत्र गोचर करेंगे चंद्र
पौराणिक कथा के अनुसार, प्राचीन काल में कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को समुद्र मंथन से भगवान धन्वंतरी अपने हाथ में सोने के कलश में अमृत लेकर प्रकट हुए थे. इसलिए धनतरेस पर भगवान धन्वंतरी की पूजा की जाती है. वहीं, सोना इसलिए खरीदा जाता है क्योंकि पीला रंग व सोना भगवान धन्वंतरी को अति प्रिय है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो लोग धनतेरस पर भगवान धन्वंतरी की पूजा करते हैं, उन्हें धन की कमी से छुटकारा मिलता है. साथ ही सेहत उत्तम रहती है.
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आज धनतेरस पर यम दीप जलाने का शुभ मुहूर्त शाम 5:48 से लेकर शाम 7:04 मिनट तक है. इस बीच आप कभी भी यमदान कर सकते हैं.
यदि आप धनतेरस के शुभकामना संदेशों के बारे में जानना चाहते हैं तो उसके लिए नीचे दिए हुए लिंक पर क्लिक करें….
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धनतेरस पर नमक, झाड़ू और तेल खरीदना शुभ रहता है, लेकिन शनिवार के दिन इन चीजों को नहीं खरीदना चाहिए. इस लिए आज नमक, झाड़ू और तेल न खरीदें. इसके अलावा लोहे की वस्तुएं, जूते-चप्पल, नुकीली चीजें और काले रंग की चीजें भी न खरीदें.
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Dhanteras 2025 Shubh Muhurat, Puja Vidhi in Hindi: द्रिक पंचांग के अनुसार, आज 18 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से लेकर कल यानी 19 अक्टूबर की दोपहर 1 बजकर 51 मिनट तक कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि रहेगी. ऐसे में आज 18 अक्टूबर 2025 को ही धनतेरस का पर्व मनाया जा रहा है, जिसे देश के कई राज्यों में धनत्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है. धनतेरस पर धन की देवी मां लक्ष्मी, धन के देवता कुबेर और आयुर्वेद के जनक भगवान धनवंतरी जी की विशेषतौर पर पूजा-अर्चना की जाती है. साथ ही खरीदारी करना शुभ रहता है. खासकर, सोने-चांदी से बनी चीजें, बर्तन, धनिया, खील-बताशे और झाड़ू खरीदने से घर में बरकत आती है और धन की कमी से छुटकारा मिलता है. इसके अलावा कुछ लोग जीवन में स्थिरता लाने के लिए धनतेरस पर पूजा करने के साथ शाम के समय यमराज के नाम का दीपक भी जलाते हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, धनतरेस पर यम का दीपक जलाने से अकाल मृत्यु के भय से छुटकारा मिलता है और जीवन में शांति बनी रहती है.
धनतेरस की पूजा के शुभ मुहूर्त, पूजन विधि, मंत्र, आरती और खरीदारी के सही समय आदि के बारे में जानने के लिए बने रहें News24 के साथ…
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