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Dev Uthani Ekadashi 2026: कब है देव उठनी एकादशी व्रत? 4 महीने बाद योग निद्रा से जागेंगे भगवान विष्णु

Dev Uthani Ekadashi 2026: भगवान विष्णु चार महीने की योग निद्रा के बाद देव उठनी एकादशी के दिन जागते हैं. इस दिन से मांगलिक कार्य की शुरुआत हो जाती है. आइये देव उठनी एकादशी की तारीख के बारे में जानते हैं.

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भगवान विष्णु चार महीने बाद योग निद्रा से जागेंगे. इस दिन को देव उठनी एकादशी के रूप में मनाया जाता है. (Photo Credit - AI)

Dev Uthani Ekadashi Date: भगवान विष्णु चार महीने के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं. उनका यह निद्रा योग आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी से लेकर कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तक होता है. इन चार महीनों को चातुर्मास कहते हैं. यह देवशयनी एकादशी से लेकर देव उठनी एकादशी तक होता है. देव उठनी एकादशी नवंबर महीने में आने वाली है. आप यहां देव उठनी एकादशी की सही तारीख के बारे में जान सकते हैं.

कब है देव उठनी एकादश?

देव उठनी एकादशी कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है. द्रिक पंचांग के अनुसार, इस तिथि का आरंभ 20 नवंबर की सुबह 7 बजकर 5 मिनट पर हो रहा है. इसका समापन अगले दिन 21 नवंबर को सुबह 6 बजकर 31 मिनट पर होगा. अगले दिन का सूर्योदय होने से पहले तिथि का समापन हो रहा है. एकादशी तिथि 20 नवंबर को पूरे दिन रहेगी. द्रिक पंचांग के अनुसार, 20 नवंबर को एकादशी व्रत करना उचित होगा.

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देव उठनी एकादशी का महत्व

देव उठनी एकादशी व्रत को देवुत्थान एकादशी और प्रबोधिनी एकादशी के नाम से भी जानते हैं. इस दिन भगवान विष्णु योग निद्रा से बाहर आते हैं. इस कारण से इसका बेहद खास महत्व है. देव उठनी एकादशी पर तुलसी विवाह की परंपरा है. एकादशी के दिन पूजा-अर्चना कर मंत्रोच्चार, शंखनाद और घंटियों की ध्वनि के साथ श्रीहरि को जगाते हैं. इसे ही देव प्रवोधन कहते हैं. इसी वजह से इसका एक नाम प्रबोधिनी एकादशी है.

देव उठनी एकादशी के उपाय

एकादशी के दिन सुबह स्नान कर श्रीहरि विष्णु का ध्यान कर व्रत का संकल्प लें. विष्णु भगवान की प्रतिमा का पंचामृत से अभिषेक करें. एकादशी के दिन श्रीमद् भागवत कथा का पाठ करें. पीपल के पेड़ के नीचे घी का दीपक जलाएं. ऐसा करने से मां लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलेगा. घर-परिवार से दुख और दरिद्रता को दूर करने के लिए आपको इन सभी उपायों को करना चाहिए. एकादशी के दिन गरीबों और जरूरतमंद लोगों की मदद करें.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यातों पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Aman Maheshwari

अमन माहेश्वरी न्यूज 24 में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह खबरों को समझकर पाठकों तक आसान शब्दों में पहुंचाने का काम बखूबी करते हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन (BJMC) किया है. इसके बाद उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन (MJMC) किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. सबसे पहले जी मीडिया डीएनए हिंदी के साथ जुड़े. पिछले 5 साल से अमन डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं. डीएनए हिंदी में बतौर ट्रेनी जर्नलिस्ट ज्वाइन किया. इसके बाद सब एडिटर के पद पर काम किया. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अमन ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण और प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान धार्मिक खबरों को बखूबी कवर किया. धर्म और ज्योतिष - अमन धर्म-ज्योतिष सेक्शन के लिए लिखने के दौरान अंक ज्योतिष, वास्तु, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार से जुड़े विषयों पर लेख तैयार करते हैं. देवी-देवता और उनसे जुड़ी पौराणिक कथाओं, मंदिर, तीर्थ, धार्मिक स्थल और धार्मिक परंपराएं से जुड़े लेख लिखते हैं. इसके साथ ही धार्मिक यात्राओं से जुड़े उपयोगी लेख अमन तैयार करते हैं. Email - aman@bagconvergence.in X Account - MrAman0501
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