Deepak Lightning Rules: घर में संध्या के समय दीपक जलाना केवल परंपरा नहीं है, बल्कि यह सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि लाने का एक पवित्र अनुष्ठान माना जाता है. लेकिन अक्सर लोग दीपक जलाते समय कुछ छोटी-छोटी गलतियां कर देते हैं. इससे पूजा का फल नहीं मिलता और मां लक्ष्मी प्रसन्न नहीं होती हैं. आइए जानते हैं, दीपक जलाते समय कौन-सी गलतियों से बचना चाहिए?
दीपक जलाते समय न करें ये गलतियां
पुराना या गंदा दीपक न इस्तेमाल करें: टूटे, फटे या गंदे दीपक का उपयोग कभी न करें. हमेशा साफ और नए मिट्टी या धातु के दीपक ही चुनें.
फूंक मारकर न बुझाएं: दीपक को मुंह से बुझाना अशुभ माना जाता है. इसे बुझाने के लिए फूल या हाथ की हवा का उपयोग करें.
दीपक से दीपक न जलाएं: कभी भी एक जलते दीपक से दूसरे को न जलाएं. माचिस या नए फूंकने वाली बत्ती का इस्तेमाल करें.
जमीन पर सीधे न रखें: दीपक को सीधे फर्श पर न रखें. इसे प्लेट, रेत, चावल या किसी पत्ते के ऊपर ही रखें.
गलत दिशा से बचें: पूजा का मुख्य दीपक कभी भी दक्षिण दिशा की ओर न रखें. दक्षिण दिशा केवल यम दीपक के लिए विशेष होती है.
बीच में न बुझने दें: दीपक बीच में बुझना अशुभ है. हमेशा पर्याप्त घी या तेल रखें.
गलत तेल का प्रयोग न करें: मूंगफली या सूरजमुखी का तेल दैनिक पूजा में न जलाएं. इससे घर में कलह और कर्ज बढ़ सकता है.
यह भी पढ़ें: Kali Yuga Timeline: कब और कैसे शुरू हुआ कलियुग, अंत होने में कितना समय है शेष, जानें विस्तार से
सही तेल और बत्ती का चुनाव
घी का दीपक: मां लक्ष्मी की कृपा और सुख-समृद्धि के लिए उत्तम माना गया है.
तिल का तेल: शनि दोष और बाधाएं दूर करने के लिए श्रेष्ठ होता है.
सरसों का तेल: नकारात्मक ऊर्जा और बुरी शक्तियों को दूर करने के लिए उपयुक्त है.
रुई की बत्ती: सामान्य पूजा और दिनचर्या के लिए उपयुक्त है.
लाल बत्ती: मां लक्ष्मी और दुर्गा की विशेष कृपा के लिए श्रेष्ठ है.
पीली बत्ती: यह भगवान विष्णु की पूजा में सर्वोत्तम है.
दीपक का सही स्थान और समय
दायां और बायां: घी का दीपक हमेशा बाईं ओर और तेल का दीपक दाईं ओर रखें.
मुख्य द्वार: दक्षिणी कोने में चौमुखी दीपक जलाने से बुरी शक्तियां प्रवेश नहीं करतीं हैं.
सही समय: सुबह 5 से 10 बजे और शाम 5 से 7 बजे के बीच दीपक जलाना उत्तम माना गया है.
करें ये भी काम
पूजा के दौरान दीपक जलाते समय हल्की सुगंधित धूप या फूल भी रखें. इससे घर में सकारात्मक वाइब और मानसिक शांति बढ़ती है. दीपक के आस-पास सफाई और शांति बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है. नियमित पूजा और सही नियमों का पालन करने से घर में सुख-समृद्धि, धन और स्वास्थ्य की वृद्धि होती है.
यह भी पढ़ें: Dwapar Yug: आज के दिन शुरू हुआ था द्वापर युग, 8 लाख 64 हजार साल तक चला ये काल, जानें चौंकाने वाली सच्चाई
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
संबंधित खबरें
कौन हैं अजिंक्य शिंदे? जिन्हें अभिजीत दीपके ने सौंपी CJP आंदोलन की कमान
10 hrs agoशारदीय नवरात्रि पर किस समय करें कलश स्थापना? जानिए मुहूर्त और विधि
11 hrs agoकल से शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ, जानिए सभी तिथियां और घटस्थापना मुहूर्त
13 hrs agoआज अमावस्या पर करें पितृ स्त्रोत का पाठ, तीन पीढ़ियों के पूर्वज होंगे तृप्त
13 hrs agoशारदीय नवरात्रि में अखंड ज्योति कैसे जलाएं? इन नियमों का रखें ध्यान
14 hrs agoआज है पितृ पक्ष का खास दिन, जानिए अमावस्या का महत्व और श्राद्ध मुहूर्त
18 hrs agoकैसे करें अपने-पराए की पहचान? चाणक्य नीति से जानिए लोगों की परख करना
1 day agoपितृपक्ष में करें पक्षियों वाला उपाय, पैसों की तंगी होगी दूर
1 day agoनवरात्रि शुरू होने से पहले करें घर की सफाई, आज ही हटा दें ये 5 चीजें
1 day agoपितृ पक्ष अमावस्या पर शुभ संयोग, पितरों को प्रसन्न करने के लिए करें ये उपाय
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines