Dashavatar Vrat: दशावतार व्रत और पूजा भगवान विष्णु पूजा का महापर्व है, जो उनके 10 रूपों, मत्स्य से कल्कि तक, को समर्पित है, जो उन्होंने अधर्म और पाप का नाश करने के लिए लिया है और लेंगे. मान्यता है कि इस व्रत से सारे पाप मिटते हैं और जीवन के दुख दूर होते हैं, मुश्किलें खत्म होती हैं. यह हर साल भाद्रपद मास एक शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है, जो इस वर्ष आज सोमवार 21 सितंबर, 2026 को पड़ रही है. आइए जानते है, दशावतार व्रत-पूजा का महत्व और रहस्य क्या है?
दशावतार पूजा का महत्व
हिन्दू धर्म में भगवान विष्णु ने हर युग में सृष्टि की रक्षा और अधर्म का नाश करने और धर्म की स्थापना करने लिए अनेकों अवतार लिए है, लेकिन उनके 10 अवतार सबसे अहम और पूरी सृष्टि को नई दिशा देने वाला साबित हुआ है. मान्यता है कि दशावतार व्रत रखने से और भगवान विष्णु के 10 रूपों की साधना से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है.
यह भी पढ़ें: Salt Intake during Vrat: व्रत और उपवास में नमक से क्यों रखी जाती है दूरी? जानिए इसके पीछे की धार्मिक मान्यता
इन मंत्रों से करें भगवान विष्णु 10 रूपों की पूजा
भगवान विष्णु के दशावतार के दसों अवतारों की पूजा, जाप और साधना अलग-अलग मंत्रों किया जाता है:
मत्स्य अवतार: ॐ मत्स्य रूपाय नमः – इस मंत्र के जाप से केतु दोष निवारण होता है.
कूर्म (कछुआ) अवतार: ॐ कूर्म रूपाय नमः – यह मंत्र शनि दोष निवारण करता है.
वराह अवतार: ॐ वराहय नमः – इस मंत्र के जाप से राहु दोष निवारण होता है.
नरसिंह अवतार: ॐ नमो नृसिंहाय – यह मंत्र मंगल दोष निवारण के लिए महत्वपूर्ण माना गया है.
वामन अवतार: ॐ वामन रूपाय नमः – यह मंत्र गुरु ग्रह बृहस्पति की मजबूती के लिए प्रभावशाली है.
परशुराम अवतार: ॐ परशुरामाय नमः – शुक्र दोष निवारण के लिए इस मंत्र का जाप करते हैं.
श्रीराम अवतार: ॐ राम रामाय नमः – सूर्य की कृपा के लिए यह मंत्र श्रेष्ठ है.
श्रीकृष्ण अवतार: ॐ क्लीं कृष्णाय नमः – इस मंत्र का जाप चंद्रमा और मन की शांति के लिए करते हैं.
बुद्ध अवतार: ॐ गौतमबुद्धाय नमः – मान्यता है कि इस मंत्र से बुध दोष निवारण होता है.
कल्कि अवतार: ॐ कोंग कल्कि देवाय नमः – भगवान कल्कि का अवतार होना अभी बाकी है. वे भविष्य के रक्षक हैं.
इसके साथ ही मूल विष्णु मंत्र ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप अत्यंत फलदायी माना गया है. इसके निरंतर जाप से हर प्रकार से सुरक्षा प्राप्त होती है.
यह भी पढ़ें: Ganesh Temple Facts: इस देश का गणेश मंदिर है अनोखा, अजीब है मान्यता, लोग गणपति बप्पा को अर्पित करते हैं ‘बबल टी’
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है
संबंधित खबरें
शरद पूर्णिमा पर चांद की रोशनी में क्यों रखते हैं खीर? जानिए इसका कारण
5 hrs agoकब शुरू हो रहा कार्तिक माह? जानें तारीख और व्रत-त्योहार की पूरी लिस्ट
7 hrs agoआज प्रदोष काल में करें महादेव की पूजा, मिलेगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद
14 hrs agoवास्तु टिप्स: इन 5 चीजों को जमीन पर न रखें, घर से चली जाती है सुख-समृद्धि
1 day agoकब है नरक चतुर्दशी? जानिए छोटी दिवाली की तारीख और यम का दीपक जलाने का महत्व
1 day agoचाणक्य नीते में बताए गए हैं अच्छे बेटे के गुण, रोशन करते हैं परिवार का नाम
1 day agoआज है पापांकुशा एकादशी, पापों से मुक्ति के लिए करें विष्णु भगवान की पूजा
1 day agoफूलों के उपाय से बनेंगे बिगड़े काम, पंडित सुरेश पांडेय से जानिए
2 days ago25 अक्टूबर को है कोजागरी लक्ष्मी पूजा, मिलेगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद
2 days agoआज या कल, कब है पापांकुशा एकदाशी? जानिए व्रत का सही दिन
2 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines