Chhoti Diwali Kab Hai: दिवाली का पर्व हर साल कार्तिक माह की अमावस्या को मनाया जाता है. इससे एक दिन पहले कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी यानी छोटी दिवाली मनाई जाती है. छोटी दिवाली कब है इसको लेकर लोगों के बीच कन्फ्यूजन बना हुआ है. पंचांग के अनुसार, तिथियों के फेरबदल के कारण ऐसा हो रहा है. छोटी दिवाली कल या परसों, यानी 7 या 8 नवंबर कब है? आइये इसके बारे में जानते हैं.
कब है छोटी दिवाली?
नरक चतुर्दशी पर्व के लिए कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि 7 नवंबर की सुबह 10 बजकर 47 मिनट से लेकर 8 नवंबर को सुबह 11 बजकर 27 मिनट तक रहेगी. पंचांग के अनुसार, नरक चतुर्दशी तिथि 8 नवंबर को मान्य होगी. छोटी दिवाली का पर्व 8 नवंबर को मनाया जाएगा. 8 नवंबर को सुबह 11 बजकर 27 मिनट तक चतुर्दशी तिथि मान्य रहेगी. इसके बाद अमावस्या लगल जाएगी.
कब है दिवाली 2026?
छोटी दिवाली 8 नवंबर को मनाई जाएगी. दोपहर के बाद अमावस्या मान्य होगी. ऐसे में दिवाली का पर्व भी 8 नवंबर को मनाया जाएगा. इस साल चतुर्दशी और अमावस्या तिथि के संयोग के कारण छोटी दिवाली और दिवाली का पर्व एक ही दिन है. छोटी दिवाली और दिवाली से जुड़े सभी पूजा और अनुष्ठान एक ही दिन कर सकते हैं. आइये छोटी दिवाली के महत्व के बारे में यहां जानते हैं.
छोटी दिवाली का महत्व
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, एक बार नरकासुर नाम के राक्षस ने 16 हजार स्त्रियों को बंदी बना लिया था. सभी लोग नरकासुर के आतंक से बहुत परेशान थे. ऋषियों और देवताओं ने भगवान कृष्ण से गुहार लगाई. इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध किया. नरकासुर का वध होने के बाद लोगों ने दीप जलाकर खुशियां मनाई. इस दिन नरक चतुर्दशी तिथि थी. इस दिन को छोटी दिवाली के रूप में मनाते हैं. इसके अलावा छोटी दिवाली पर यमराज के निमित्त 14 दीपक जलाने की परंपरा है. ऐसा करने से परिवार के सदस्यों को अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है. घर-परिवार में सुख-शांति के लिए दीपदान करना चाहिए.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.