Chhoti Diwali Kab Hai: कल या परसों, कब है छोटी दिवाली? नोट कर लें नरक चतुर्दशी की सही तारीख

Chhoti Diwali 2026 Date: हर साल कार्तिक माह की चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी मनाई जाती है. नरक चतुर्दशी पर छोटी दिवाली मनाई जाती है. छोटी दिवाली की तारीख को लेकर लोगों के बीच अटकलें चल रही हैं. आइये इसकी सही तारीख जानते हैं.

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नरक चतुर्दशी वाले दिन ही छोटी दिवाली मनाई जाती है. इस साल छोटी दिवाली की तारीख को लेकर कन्फ्यूजन बना हुआ है. (Photo Credit - AI)

Chhoti Diwali Kab Hai: दिवाली का पर्व हर साल कार्तिक माह की अमावस्या को मनाया जाता है. इससे एक दिन पहले कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी यानी छोटी दिवाली मनाई जाती है. छोटी दिवाली कब है इसको लेकर लोगों के बीच कन्फ्यूजन बना हुआ है. पंचांग के अनुसार, तिथियों के फेरबदल के कारण ऐसा हो रहा है. छोटी दिवाली कल या परसों, यानी 7 या 8 नवंबर कब है? आइये इसके बारे में जानते हैं.

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कब है छोटी दिवाली?

नरक चतुर्दशी पर्व के लिए कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि 7 नवंबर की सुबह 10 बजकर 47 मिनट से लेकर 8 नवंबर को सुबह 11 बजकर 27 मिनट तक रहेगी. पंचांग के अनुसार, नरक चतुर्दशी तिथि 8 नवंबर को मान्य होगी. छोटी दिवाली का पर्व 8 नवंबर को मनाया जाएगा. 8 नवंबर को सुबह 11 बजकर 27 मिनट तक चतुर्दशी तिथि मान्य रहेगी. इसके बाद अमावस्या लगल जाएगी.

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कब है दिवाली 2026?

छोटी दिवाली 8 नवंबर को मनाई जाएगी. दोपहर के बाद अमावस्या मान्य होगी. ऐसे में दिवाली का पर्व भी 8 नवंबर को मनाया जाएगा. इस साल चतुर्दशी और अमावस्या तिथि के संयोग के कारण छोटी दिवाली और दिवाली का पर्व एक ही दिन है. छोटी दिवाली और दिवाली से जुड़े सभी पूजा और अनुष्ठान एक ही दिन कर सकते हैं. आइये छोटी दिवाली के महत्व के बारे में यहां जानते हैं.

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छोटी दिवाली का महत्व

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, एक बार नरकासुर नाम के राक्षस ने 16 हजार स्त्रियों को बंदी बना लिया था. सभी लोग नरकासुर के आतंक से बहुत परेशान थे. ऋषियों और देवताओं ने भगवान कृष्ण से गुहार लगाई. इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध किया. नरकासुर का वध होने के बाद लोगों ने दीप जलाकर खुशियां मनाई. इस दिन नरक चतुर्दशी तिथि थी. इस दिन को छोटी दिवाली के रूप में मनाते हैं. इसके अलावा छोटी दिवाली पर यमराज के निमित्त 14 दीपक जलाने की परंपरा है. ऐसा करने से परिवार के सदस्यों को अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है. घर-परिवार में सुख-शांति के लिए दीपदान करना चाहिए.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Aman Maheshwari

Aman Maheshwari

अमन माहेश्वरी न्यूज 24 में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह खबरों को समझकर पाठकों तक आसान शब्दों में पहुंचाने का काम बखूबी करते हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन (BJMC) किया है. इसके बाद उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन (MJMC) किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. सबसे पहले जी मीडिया डीएनए हिंदी के साथ जुड़े. पिछले 5 साल से अमन डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं. डीएनए हिंदी में बतौर ट्रेनी जर्नलिस्ट ज्वाइन किया. इसके बाद सब एडिटर के पद पर काम किया. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अमन ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण और प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान धार्मिक खबरों को बखूबी कवर किया. धर्म और ज्योतिष - अमन धर्म-ज्योतिष सेक्शन के लिए लिखने के दौरान अंक ज्योतिष, वास्तु, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार से जुड़े विषयों पर लेख तैयार करते हैं. देवी-देवता और उनसे जुड़ी पौराणिक कथाओं, मंदिर, तीर्थ, धार्मिक स्थल और धार्मिक परंपराएं से जुड़े लेख लिखते हैं. इसके साथ ही धार्मिक यात्राओं से जुड़े उपयोगी लेख अमन तैयार करते हैं. Email - aman@bagconvergence.in X Account - MrAman0501
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