छठ पूजा 2024 कब है?
आस्था और पवित्रता के इस महान पर्व का बिहार-यूपी के लोग पूरे साल बेसब्री से इंतजार करते हैं। यह एक महान सामाजिक उत्सव है, जो लोगों को एक साथ लाता है और सामाजिक बंधन को मजबूत करता है। बिहार, यूपी और झारखंड के लोग, चाहे दुनिया में कहीं हों, वे छठ के मौके पर घर जरूर जाते हैं। इस साल छठ पूजा की शुरुआत 5 नवंबर को नहाय-खाय से होगी, वहीं खरना 6 नवंबर, संध्या अर्घ्य 7 और सुबह सूर्य पूजा का अर्घ्य और पारण 8 नवंबर को है। ये भी पढ़ें: Mahabharata Story: अर्जुन की चौथी पत्नी थी एक जलपरी, लेने आई थी जान, दे बैठी दिल…पढ़ें एक लाजवाब लव स्टोरीइन 9 चीजों के बिना अधूरी है छठ पूजा
डाला और सूप: छठ पूजा की सभी सामग्रियों को डाला और सूप में रखा जाता है। ये डाला और सूप बांस के बने होते हैं। आजकल कुछ लोग धातु के बने डाला और सूप भी उपयोग में लाने लगे हैं, लेकिन बांस से बनी ये वस्तुएं श्रेष्ठ मानी गई हैं। ठेकुआ: ठेकुआ और छठ एक-दूसरे के पर्यायवाची बन चुके हैं। आटा, गुड़, ड्राई फ्रूट्स के मिश्रण से बने घी या तेल में तले ठेकुए बिना छठ पूजा अधूरी मानी जाती है।ये छठ आइटम भी हैं बेहद जरूरी
इन 9 छठ आइटम के अलावा छठ की डाला और सूप में मूली, सुथनी, शकरकंद, अल्हुआ (मीठा आलू), सिंघारा, पत्ते सहित हल्दी और अदरक की गांठे भी अनिवार्य छठ आइटम में शामिल हैं। लेकिन उपलब्ध न होने पर भी छठ पूजा संपन्न कर सकते हैं। साथ ही सभी प्रकार के फल, जैसे- सेब, नारंगी, मुसम्मी, अन्नानास, अनार आदि भी चढ़ाए जाते हैं। जहां तक मिठाइयों की बात है, छठ पूजा की तीन मिठाइयां बेहद खास मानी गई हैं, ये हैं- चीनी पाक मिठाई, खाजा और बताशा। ये भी पढ़ें: Chhath Puja 2024 Date: छठ पूजा कब है? जानें नहाय-खाय, खरना और सूर्य अर्घ्य देने की सही तिथि ये भी पढ़ें: Sharad Purnima 2024: चांद की रोशनी में क्यों रखते हैं खीर? जानें महत्व और नियम
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