Chandra Grahan 2026: जब भी कभी ग्रहण लगता है तो मंदिरों के कपाट बंद कर दिये जाते हैं. ग्रहण लगने से पहले सूतक काल का आरंभ होने पर ही मंदिर बंद कर दिये जाते है और ग्रहण समाप्त होने के बाद खोले जाते हैं. बता दें कि, सूतक काल वह अवधि होती है जब पूजा-अर्चना करना और भगवान की प्रतिमा को स्पर्श करना वर्जित होता है. आज 3 मार्च की शाम चंद्र ग्रहण लग रहा है. इसके सूतक काल का आरंभ सुबह 6 बजे के करीब हो चुका है ऐसे में मंदिरों के कपाट बंद कर दिये गए हैं.

कब खुलेंगे मंदिरों के कपाट?

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देश के कई बड़े प्रसिद्ध मंदिरों के कपाट बंद किये गए हैं. अयोध्या के राम मंदिर के कपाट बंद हैं. दिल्ली के कई प्रसिद्ध मंदिरों के कपाट बंद किये गए हैं जो ग्रहण के बाद खोले जाएंगे. ग्रहण से पहले सूतक के दौरान मंदिरों में पूजा-पाठ स्थगित कर दिया गया है. आज ग्रहण के बाद मंदिरों के कपाट करीब 7 बजे के बाद खुलेंगे. ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों में शुद्धिकरण यानी गंगाजल के छिड़काव के बाद मंदिर खोले जाएंगे. इसके बाद मंदिरों में आरती होगी और भक्त दर्शन कर सकेंगे.

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कटरा के माता वैष्णो देवी, अयोध्या के राम मंदिर, बनारस के काशी विश्वनाथ मंदिर और प्रयागराज के सुप्रसिद्ध श्री बड़े हनुमान जी मंदिर (लेटे हनुमान जी) के कपाट ग्रहण के कारण बंद रहेंगे. इसके अलावा दिल्ली के कई प्रसिद्ध मंदिर ग्रहण और सूतक काल के कारण बंद रहेंगे. शाम को 6 बजकर 46 मिनट पर ग्रहण समाप्त होगा. इसके बाद शुद्धिकरन संपन्न होने पर मंदिरों में पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान शुरू होंगे.

ग्रहण के दौरान भी बंद नहीं होते इन मंदिरों के कपाट

कई प्रसिद्ध मंदिर है जिन मंदिरों के कपाट ग्रहण के दौरान और सूतक काल में भी बंद नहीं होते हैं. इन मंदिरों में भक्त दर्शन कर सकते हैं.

कालकाजी मंदिर, दिल्ली
महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन
कल्पेश्वर मंदिर, उत्तराखंड
विष्णुपद मंदिर, गया
लक्ष्मीनाथ मंदिर, बीकानेर
श्रीनाथजी मंदिर, राजस्थान
श्री कृष्ण मंदिर, थिरुवरप्पु
कल्पेश्वर तीर्थ, उत्तराखंड

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.