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Chaitra Navratri 2026 Live: नवरात्रि के 9 दिन मां दुर्गा को कौन से फूल अर्पित करें?
Chaitra Navratri 2026 Live: कब करें कन्या पूजन?
चैत्र नवरात्रि में 26 मार्च 2026 को अष्टमी तिथि और 27 मार्च 2026 को नवमी तिथि पर कन्या पूजन किया जा सकता है.
Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि के दौरान इन चीजों का सपने में दिखना है अशुभ
Chaitra Navratri 2026 Live: मां शैलपुत्री बीज मंत्र के इस बीज मंत्र का करें जाप
या देवी सर्वभूतेषु मां शैलपुत्री रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
Chaitra Navratri 2026 Live: मां शैलपुत्री के प्रिय भोग
चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा के दौरान आप देवी मां को प्रसन्न करने के लिए शुद्ध देसी घी से बनी चीजों का भोग लगा सकते हैं. मां शैलपुत्री को सफेद मिठाइयों जैसे बर्फी, पेड़े और खीर का भोग लगाएं.
Chaitra Navratri 2026 Live: आज जरूर पढ़ें मां शैलपुत्री की पौराणिक कथा
चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाती है. आपको आज नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की इस पौराणिक कथा का पाठ अवश्य करना चाहिए. इस कथा के अनुसार, एक बार एक राजा दक्ष ने विशाल यज्ञ का आयोजन किया था. उसने सभी देवी-देवताओं को बुलाया लेकिन शिव जी को निमंत्रण नहीं दिया. इस पर उनकी पुत्री सती ने विरोध किया जो शिव जी की पत्नी थीं. दक्ष ने एक महायज्ञ में भगवान शिव का अपमान किया. इसके बाद वह अपने पति शिव जी का अपमान न सह पाईं और उन्होंने यज्ञ की अग्नि में कूदकर आत्मदाह कर लिया. इसके बाद में माता सती ने पुनर्जन्म लिया और वह पर्वतराज हिमालय के घर पुत्री के रूप में पैदा हुई जिन्हें मां शैलपुत्री कहा गया. नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है.
Chaitra Navratri 2026 Live: अवश्य करें 'दुर्गा सप्तशती पाठ' का पाठ
ॐ ज्ञानिनामपि चेतांसि देवी भगवती हि सा।
बलादाकृष्य मोहाय महामाया प्रयच्छति।।
दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेष जन्तोः स्वस्थैः स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि।
दारिद्र्य दुःख भयहारिणि का त्वदन्या सर्वोपकार करणाय सदार्द्रचित्ता।।
सर्वमङ्गल माङ्गल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यंम्बके गौरि नारायणि नमोस्तु ते॥
शरणागत दीनार्तपरित्राण परायणे
सर्वस्यार्ति हरे देवि नारायणि नमोस्तु ते॥
सर्वस्वरुपे सर्वेशे सर्वशक्ति समन्विते।
भयेभ्यस्त्राहि नो देवि दुर्गे देवि नमोस्तु ते॥
रोगानशेषानपंहसि तुष्टारुष्टा तु कामान् सकलानभीष्टान्।
त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां त्वामाश्रिता हि आश्रयतां प्रयान्ति॥
सर्वबाधा प्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरि।
एवमेव त्वया कार्यम् अस्मद् वैरि विनाशनम्॥
Chaitra Navratri 2026 Live: कलश स्थापना के समय करें इस मंत्र का जाप
ॐ कलशस्य मुखे विष्णुः कण्ठे रुद्रः समाश्रितः ।
मूले त्वस्य स्थितो ब्रह्मा मध्ये मातृगणाः स्मृताः ॥
कुक्षौ तु सागराः सर्वे सप्तद्वीपा वसुन्धरा ।
ऋग्वेदोऽथ यजुर्वेदः सामवेदो ह्यथर्वणः ॥
अङ्गैश्च सहिताः सर्वे कलशं तु समाश्रिताः ॥
Chaitra Navratri 2026 Live: घटस्थापना का शुभ मुहूर्त शुरू, जल्द कर लें कलश स्थापना
आज चैत्र नवरात्रि पर लोग अपने घरों में कलश स्थापना करते हैं. इसके लिए आज दो शुभ मुहूर्त हैं. इनमें से एक मुहूर्त सुबह के समय था जो समाप्त हो चुका है. अब घटस्थापना का दूसरा शुभ मुहूर्त 12 बजकर 5 मिनट पर शुरू हो चुका है जिसका समापन 12 बजकर 52 मिनट पर हो जाएगा. आप इस समय के बीच घटस्थापना अवश्य कर लें.
Chaitra Navratri 2026 Live: चैत्र नवरात्रि के दौरान भूलकर भी न करें ऐसी गलतियां
चैत्र नवरात्रि के दौरान आपको कई गलतियों को करने से बचना चाहिए. व्रत करने वाले लोगों को सात्विक भोजन करना चाहिए. नवरात्रि में प्याज-लहसुन से परहेज करना चाहिए. साफ-सफाई के साथ रहना चाहिए. गंदे कपड़े न पहनें, झूठ बोलने से बचें, नाखून, बाल, दाढ़ी और बाल न काटें. व्रती लोगों को दिन के समय सोने से बचना चाहिए. अन्न और जल की बर्बादी न करें. तामसिक और नशीली चीजों का सेवन करने से बचें. किसी से विवाद न करें और किसी को अपशब्द कहें.
Chaita Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि के दौरान इन चीजों का सपनों में दिखना है शुभ
Chaitra Navratri 2026 Live: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समस्त देशवासियों को दी चैत्र नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं
आज चैत्र नवरात्रि के पर्व पर भारत के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स से समस्त देशवासियों को चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व हार्दिक शुभकामनाएं दी. उन्होंने मां भगवती से सभी के उत्तम स्वास्थ्य, समृद्धि और वैभवपूर्ण जीवन की कामना का संदेश साझा किया.
Chaitra Navratri 2026 Live: चैत्र नवरात्रि में सभी नौ दिनों के अलग-अलग शुभ रंग
नवरात्रि के पहले दिन- लाल और पीला
नवरात्रि का दूसरा दिन- हरा और सफेद
नवरात्रि का तीसरा दिन- आसमानी, नारंगी और हरा
नवरात्रि का चौथा दिन- नारंगी
नवरात्रि का पांचवां दिन- सफेद
नवरात्रि का छठा दिन- आसमानी, नारंगी, लाल, हरा
नवरात्रि का सातवां दिन- नीला, काला और ग्रे
नवरात्रि का आठवां दिन- गुलाबी, लाल और सफेद
नवरात्रि का नौवां दिन- नारंगी और लाल
Chaitra Navratri 2026 Live: चैत्र नवरात्रि की पूजा में करें 'श्री दुर्गा चालीसा' का पाठ
श्री दुर्गा चालीसा (Shri Durga Chalisa in Hindi)
नमो नमो दुर्गे सुख करनी । नमो नमो अम्बे दुःख हरनी ॥
निराकार है ज्योति तुम्हारी । तिहूँ लोक फैली उजियारी ॥
शशि ललाट मुख महाविशाला । नेत्र लाल भृकुटि विकराला ॥
रूप मातु को अधिक सुहावे । दरश करत जन अति सुख पावे ॥
तुम संसार शक्ति लय कीना । पालन हेतु अन्न धन दीना ॥
अन्नपूर्णा हुई जग पाला । तुम ही आदि सुन्दरी बाला ॥
प्रलयकाल सब नाशन हारी । तुम गौरी शिवशंकर प्यारी ॥
शिव योगी तुम्हरे गुण गावें । ब्रह्मा विष्णु तुम्हें नित ध्यावें ॥
रूप सरस्वती को तुम धारा । दे सुबुद्धि ऋषि-मुनिन उबारा ॥
धरा रूप नरसिंह को अम्बा । प्रगट भईं फाड़कर खम्बा ॥
रक्षा कर प्रह्लाद बचायो । हिरण्याक्ष को स्वर्ग पठायो ॥
लक्ष्मी रूप धरो जग माहीं । श्री नारायण अंग समाहीं ॥
क्षीरसिन्धु में करत विलासा । दयासिन्धु दीजै मन आसा ॥
हिंगलाज में तुम्हीं भवानी । महिमा अमित न जात बखानी ॥
मातंगी अरु धूमावति माता । भुवनेश्वरी बगला सुख दाता ॥
श्री भैरव तारा जग तारिणी । छिन्न भाल भव दुःख निवारिणी ॥
केहरि वाहन सोह भवानी । लांगुर वीर चलत अगवानी ॥
कर में खप्पर-खड्ग विराजै । जाको देख काल डर भाजे ॥
सोहै अस्त्र और त्रिशूला । जाते उठत शत्रु हिय शूला ॥
नगर कोटि में तुम्हीं विराजत । तिहुंलोक में डंका बाजत ॥
शुम्भ निशुम्भ दानव तुम मारे । रक्तबीज शंखन संहारे ॥
महिषासुर नृप अति अभिमानी । जेहि अघ भार मही अकुलानी ॥
रूप कराल कालिका धारा । सेन सहित तुम तिहि संहारा ॥
परी गाढ़ सन्तन पर जब-जब । भई सहाय मातु तुम तब तब ॥
अमरपुरी अरु बासव लोका । तब महिमा सब रहें अशोका ॥
ज्वाला में है ज्योति तुम्हारी । तुम्हें सदा पूजें नर-नारी ॥
प्रेम भक्ति से जो यश गावै । दुःख दारिद्र निकट नहिं आवें ॥
ध्यावे तुम्हें जो नर मन लाई । जन्म-मरण ताकौ छुटि जाई ॥
जोगी सुर मुनि कहत पुकारी । योग न हो बिन शक्ति तुम्हारी ॥
शंकर आचारज तप कीनो । काम अरु क्रोध जीति सब लीनो ॥
निशिदिन ध्यान धरो शंकर को । काहु काल नहिं सुमिरो तुमको ॥
शक्ति रूप को मरम न पायो । शक्ति गई तब मन पछितायो ॥
शरणागत हुई कीर्ति बखानी । जय जय जय जगदम्ब भवानी ॥
भई प्रसन्न आदि जगदम्बा । दई शक्ति नहिं कीन विलम्बा ॥
मोको मातु कष्ट अति घेरो । तुम बिन कौन हरै दुःख मेरो ॥
आशा तृष्णा निपट सतावे । मोह मदादिक सब विनशावै ॥
शत्रु नाश कीजै महारानी । सुमिरौं इकचित तुम्हें भवानी ॥
करो कृपा हे मातु दयाला । ऋद्धि-सिद्धि दे करहु निहाला ॥
जब लगि जियउं दया फल पाऊं । तुम्हरो यश मैं सदा सुनाऊं ॥
दुर्गा चालीसा जो नित गावै । सब सुख भोग परमपद पावै ॥
देवीदास शरण निज जानी । करहु कृपा जगदम्ब भवानी ॥
॥इति श्रीदुर्गा चालीसा सम्पूर्ण॥
Chaitra Navratri 2026 Live: आज पूजा के समय करें मां दुर्गा की आरती
मां दुर्गा की आरती (Durga Mata Ki Aarti)
जय अंबे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।
तुमको निशिदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥
ओम जय अंबे गौरी
मांग सिन्दूर विराजत, टीको मृगमद को।
उज्जवल से दोउ नैना, चन्द्रवदन नीको॥
ओम जय अंबे गौरी
कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै।
रक्तपुष्प गल माला, कण्ठन पर साजै॥
ओम जय अंबे गौरी
केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्परधारी।
सुर-नर-मुनि-जन सेवत, तिनके दुखहारी॥
ओम जय अंबे गौरी
कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती।
कोटिक चन्द्र दिवाकर, सम राजत ज्योति॥
ओम जय अंबे गौरी
शुम्भ-निशुम्भ बिदारे, महिषासुर घाती।
धूम्र विलोचन नैना, निशिदिन मदमाती॥
ओम जय अंबे गौरी
चण्ड-मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे।
मधु-कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे॥
ओम जय अंबे गौरी
ब्रहमाणी रुद्राणी तुम कमला रानी।
आगम-निगम-बखानी, तुम शिव पटरानी॥
ओम जय अंबे गौरी
चौंसठ योगिनी मंगल गावत, नृत्य करत भैरूं।
बाजत ताल मृदंगा, अरु बाजत डमरु॥
ओम जय अंबे गौरी
तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता।
भक्तन की दु:ख हरता, सुख सम्पत्ति करता॥
ओम जय अंबे गौरी
भुजा चार अति शोभित, वर-मुद्रा धारी।
मनवान्छित फल पावत, सेवत नर-नारी॥
ओम जय अंबे गौरी
कंचन थाल विराजत, अगर कपूर बाती।
श्रीमालकेतु में राजत, कोटि रतन ज्योति॥
ओम जय अंबे गौरी
श्री अम्बेजी की आरती, जो कोई नर गावै।
कहत शिवानन्द स्वामी, सुख सम्पत्ति पावै॥
ओम जय अंबे गौरी, ओम जय अंबे गौरी
Chaitra Navratri 2026 Live: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज शुभ अवसर पर सभी नागरिकों को दी बधाई
चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा का दिन देशभर में अलग-अलग जगहों पर कई नामों से मनाया जाता है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सभी देशवासियों को चैत्र शुक्लादि, उगादी, गुड़ी-पड़वा, चेती-चांद, नवरेह एवं साजिबु-चेरोबा पर्व की शुभकामनाएं दी.
Chaitra Navratri 2026 Live: कलश स्थापना की विधि
कलश स्थापना करना बहुत ही पवित्र अनुष्ठान होता है. इसे विधि-विधान से करना चाहिए. कलश स्थापना करने के लिए स्नान आदि कर साफ वस्त्र पहन लें. कलश को पूजा स्थान पर रखें. इसमें तल भरें और इसके चारों और आम या अशोक के पत्ते बांधें. कलश के जल में लौंग, इलायची, चावल, वीनी और सिक्का इन सभी चीजों को डालें. इसके ऊपर जटा वाले नारियल पर कलावा या लाल चुनरी लपेटकर रखें. कलश को सृष्टि और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. नवरात्रि पर कलश स्थापना करने से घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है.
Chaitra Navratri 2026 Live: पीएम मोदी ने दी नवरात्रि की शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स (पूर्व में ट्विटर) से चैत्र नवरात्री की शुभकामनाएं शेयर की हैं.
Chaitra Navratri 2026 Live: नवरात्रि पर वैष्णो देवी के मंदिर में भक्तों की भीड़
चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मां वैष्णो देवी के मंदिर कटरा में भक्तों की भीड़ है. यहां भारी संख्या में भक्त माता के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं.
watch कटरा, जम्मू-कश्मीर: चैत्र नवरात्रि के पहले दिन के अवसर पर पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता वैष्णो देवी मंदिर पहुंच रहे हैं। pic.twitter.com/clRIs3mky5— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 19, 2026
Chaitra Navratri 2026 Live: कलश स्थापना के लिए जरूरी सामग्री
मिट्टी का कलश
गंगाजल
आम या अशोक के पत्ते
नारियल
लाल कपड़ा
इलायची
सिक्का
जौ के बीज (जवारे)
रोली
अक्षत
फूल
कलावा
Chaitra Navratri 2026 Live: चैत्र नवरात्रि पर अखंड ज्योत जलाने की विधि
आप चैत्र नवरात्रि के अवसर पर घर में अखंड ज्योत जला रहे हैं तो नवरात्रि के पहले दिन सुबह स्नान कर विधि-पूर्वक पूजा करें और घटस्थापना करें. अखंड ज्योति जलाने के लिए अक्षत, हल्दी एक चौकी या जमीन पर डालें. उसके ऊपर लाल या पीला बिछाकर दीपक रखें. पूजा के दौरान इस दीपक को जलाएं और नौ दिनों तक इसे बुझने न दें. इसमें घी डालते रहें.
Chaitra Navratri 2026 Live: चैत्र नवरात्रि 2026 कैलेंडर
प्रतिपदा, 19 मार्च 2026, गुरुवार – मां शैलपुत्री पूजा और घटस्थापना
द्वितीया, 20 मार्च 2026, शुक्रवार – मां ब्रह्मचारिणी पूजा
तृतिया, 21 मार्च 2026, शनिवार – मां चंद्रघंटा पूजा
चतुर्थी, 22 मार्च 2026, रविवार – मां कुष्मांडा पूजा
पंचमी, 23 मार्च 2026, सोमवार – मां स्कंदमाता पूजा
षष्ठी, 24 मार्च 2026, मंगलवार – मां कात्यायनी पूजा
सप्तमी, 25 मार्च 2026, बुधवार – मां कालरात्रि पूजा
अष्टमी, 26 मार्च 2026, गुरुवार – मां महागौरी पूजा (दुर्गा अष्टमी)
नवमी, 27 मार्च 2026, शुक्रवार – मां सिद्धिदात्री पूजा (रामनवमी)
Chaitra Navratri 2026 Live: चैत्र नवरात्रि 2026 महत्व
चैत्र नवरात्रि के अवसर पर भक्त 9 दिनों तक व्रत रखते हैं और मां दुर्गा के स्वरूपों की पूजा करते हैं. नवरात्रि में भक्त प्रतिपदा से लेकर नवमी तक अलग-अलग देवी की पूजा-अर्चना करते हैं. अष्टमी और नवमी तिथि के दिन कन्या पूजन किया जाता है. इस बार चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू हो और कन्या पूजन 26 और 27 मार्च को किया जाएगा.
Chaitra Navratri 2026 Maa Shailputri Day 1, Shubh Muhurat, Puja Vidhi: नौ दिनों के पावन पर्व नवरात्रि की शुरुआत आज से हो रही है. आज चैत्र माह की शुक्ल पक्ष प्रतिपदा को पहला नवरात्र है. नवरात्रि का पहला दिन मां शैलपुत्री की पूजा के लिए समर्पित होता है. चैत्र नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना और देवी शैलपुत्री और मां दुर्गा की पूजा अर्चना की जाती है. आज के घट स्थापना की विधि, मुहूर्त, मंत्र, आरती आदि के बारे में यहां जानते हैं.
चैत्र नवरात्रि 2026 कब से शुरू है?
चैत्र नवरात्रि का पर्व आज 19 मार्च 2026, दिन गुरुवार से शुरू हो रहा है. आज से चैत्र नवरात्रि का आरंभ हो रहा है जिसका समापन 27 मार्च को रामनवमी के दिन होगा. नवरात्रि में अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन के साथ इसका समापन होगा.
घटस्थापना मुहूर्त 2026
आज चैत्र नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 52 मिनट से लेकर 7 बजकर 43 मिनट तक रहेगा. इसके बाद दूसरा मुहूर्त दोपहर को 12 बजकर 5 मिनट से लेकर 12 बजकर 52 मिनट तक होगा. आप इस मुहूर्त में कलश स्थापना और पूजन कर सकते हैं.
मां शैलपुत्री पूजा विधि
- मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान कर पीले वस्त्र पहन लें.
- पूजा स्थल की सफाई कर कलश स्थापना करें और चौकी लगाकर मां शैलपुत्री की प्रतिमा स्थापित करें.
- माता को रोली, अक्षत, सफेद फूल अर्पित करें. माता के समक्ष गाय के घी का दीपक जलाएं.
- मंत्रोच्चार करें और आरती कर पूजा संपन्न करें. देवी मां को मखाने की खीर का भोग लगाए.
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मां शैलपुत्री आरती
शैलपुत्री मां बैल असवार।
करें देवता जय जयकार।।
शिव शंकर की प्रिय भवानी।
तेरी महिमा किसी ने ना जानी।।
पार्वती तू उमा कहलावे।
जो तुझे सिमरे सो सुख पावे।।
ऋद्धि-सिद्धि परवान करे तू।
दया करे धनवान करे तू।।
सोमवार को शिव संग प्यारी।
आरती तेरी जिसने उतारी।।
उसकी सगरी आस पुजा दो।
सगरे दुख तकलीफ मिला दो।।
घी का सुंदर दीप जला के।
गोला गरी का भोग लगा के।।
श्रद्धा भाव से मंत्र गाएं।
प्रेम सहित फिर शीश झुकाएं।।
जय गिरिराज किशोरी अंबे।
शिव मुख चंद्र चकोरी अंबे।।
मनोकामना पूर्ण कर दो।
भक्त सदा सुख संपत्ति भर दो।।
मां शैलपुत्री मंत्र
ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः॥
या देवी सर्वभूतेषु माँ शैलपुत्री रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥
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नवरात्रि Day 1 व्रत कथा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां शैलपुत्री को पूर्व जन्म में प्रजापति दक्ष की पुत्री के रूप में माना जाता है. उनका नाम सती था. माता सती का विवाह भगवान शिव से हुआ और प्रजापति दक्ष ने यज्ञ का आयोजन किया. सभी देवताओं को उन्होंने बुलाया लेकिन शिव जी को नहीं बुलाया. सती माता के पिता दक्ष ने शिव जी के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया. इसके बाद माता सती ने उसी यज्ञ की अग्नि में कूदकर प्राणों की आहूति दे दी. इसके बाद अगले जन्म में उन्होंने पर्वतराज हिमालय की पुत्री के रूप में जन्म लिया था. वह अगले जन्म में ‘शैलपुत्री’ कहलाईं.
पूजा सामग्री लिस्ट
नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के लिए मिट्टी या रेत, जौ के बीज, मिट्टी का छोटा बर्तन, कलश, गंगाजल, आम के पत्ते, सुपारी, सिक्का, अक्षत, नारियल, लाल चुन्नी इन चीजों की जरूरत होगी. मां दुर्गा और शैलपुत्री की पूजा के लिए रोली, हल्दी, कुमकुम, फूल माला, धूप, दीपक, अगरबत्ती, कपूर, पान, लौंग, इलायदी और भोग के लिए फूल और मिठाइयों की आवश्यकता होगी.
नवरात्रि Day 1 का रंग
चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा में पीला या नारंगी रंग शुभ होता है. यह रंग मां शैलपुत्री को अत्यंत प्रिय है. आपको नवरात्रि के पहले दिन पीले रंग के वस्त्र पहनने चाहिए. यह रंग ऊर्जा और शक्ति का प्रतीक होता है.
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