हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ महीने के मंगलवार को क्यों कहते हैं बुढ़वा मंगल? महाभारत से है इसका कनेक्शन

Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ महीने के हर मंगलवार का खास महत्व होता है. ज्येष्ठ महीने के मंगलवार को बड़ा मंगल और बुढ़वा मंगल के नाम से जानते हैं. इसे बड़ा मंगल और बुढ़वा मंगल क्यों कहते हैं? इसको लेकर क्या मान्यता है चलिए जानते हैं.

विज्ञापन
Photo Credit- AI

Bada Mangal 2026: हनुमान जी की पूजा के लिए मंगलवार का दिन बहुत ही खास होता है. हर मंगलवार को हनुमान मंदिरों में भक्तों की खूब भीड़ लगती है. हनुमान जी की पूजा से सभी कष्ट और संकट दूर होते हैं. बजरंगबली को चिरंजीवी माना जाता है. वह हर युग में पृथ्वी पर मौजूद रहकर भक्तों की प्रार्थना को सुनते हैं. हनुमान जी की पूजा के लिए ज्येष्ठ महीने का मंगलवार भी बेहद खास होता है. इसे बड़ा मंगल और बुढ़वा मंगल कहते हैं. इसको लेकर क्या मान्यता है चलिए जानते हैं.

क्यों कहते हैं बुढ़वा मंगल?

ज्येष्ठ महीने के मंगलवार को महाभारत की कथा से जोड़कर देखा जाता है. पौराणिक कथा के अनुसार, महाभारत में पांडव भाइयों में से एक भीम के पास 10 हजार हाथियों का बल था. भीम को अपने बल पर अभिमान हो गया था. हनुमान जी ने भीम का अभिमान तोड़ा था. एक बार अज्ञातवास में द्रौपदी के पास एक पुष्प उड़कर आ गया. द्रौपदी को पुष्प बहुत पसंद आया और ऐसे ही पुष्प लाने के लिए उस दिशा में भीम को भेजा.

ये भी पढ़ें – आज है तीसरा बड़ा मंगल, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और विशेष उपाय

विज्ञापन

भीम पुष्प लेने के लिए उस दिशा में आगे बढ़ रहे थे. रास्ते में आने वाले पेड़ और सभी लताओं को भीम उखाड़कर फेंकते हुए आगे बढ़ते रहे. तब रास्ते में एक वृद्ध वानर अपनी पूंछ फैलाकर बैठा मिला. भीम ने वानर को पूंछ हटाने के लिए कहा. बूढ़े वानर ने कमजोर होने के कारण खुद को ऐसा करने में असमर्थ बताया. भीम से कहा वह खुद पूंछ हटाकर एक तरफ कर दें. भीम ने पूंछ को उठाने की खूब कोशिश की लेकिन वह ऐसा नहीं कर सके.

ये भी पढ़ें – Vastu Tips: घर के मेन गेट पर रखी ये 5 चीजें बनती हैं तरक्की में बाधा, वास्तु में मानी जाती हैं अशुभ

विज्ञापन

टूट गया भीम का घमंड

भीम को समझ आ गया यह कोई साधारण वानर नहीं है. इसके बाद हनुमान जी ने अपने असली रूप में दर्शन दिये और भीम ने क्षमा मांगी. ऐसी मान्यता है कि, वह दिन ज्येष्ठ माह का मंगलवार था. इस कारण से इस दिन को बड़ा मंगल कहते हैं. हनुमान जी ने वृद्ध वानर के रूप में भीम का घमंड तोड़ा था इसलिए इसे बुढ़वा मंगल कहते हैं. बुढ़वा मंगल पर हनुमान जी के वृद्ध रूप की पूजा होती है.

ये भी पढ़ें – Nautapa 2026: कब शुरू होगा नौतपा? इन 9 दिनों करें ये खास उपाय, सूर्यदेव की कृपा से दूर होगा पितृ दोष

विज्ञापन

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारी पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Aman Maheshwari

अमन माहेश्वरी न्यूज 24 में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह खबरों को समझकर पाठकों तक आसान शब्दों में पहुंचाने का काम बखूबी करते हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन (BJMC) किया है. इसके बाद उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन (MJMC) किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. सबसे पहले जी मीडिया डीएनए हिंदी के साथ जुड़े. पिछले 5 साल से अमन डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं. डीएनए हिंदी में बतौर ट्रेनी जर्नलिस्ट ज्वाइन किया. इसके बाद सब एडिटर के पद पर काम किया. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अमन ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण और प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान धार्मिक खबरों को बखूबी कवर किया. धर्म और ज्योतिष - अमन धर्म-ज्योतिष सेक्शन के लिए लिखने के दौरान अंक ज्योतिष, वास्तु, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार से जुड़े विषयों पर लेख तैयार करते हैं. देवी-देवता और उनसे जुड़ी पौराणिक कथाओं, मंदिर, तीर्थ, धार्मिक स्थल और धार्मिक परंपराएं से जुड़े लेख लिखते हैं. इसके साथ ही धार्मिक यात्राओं से जुड़े उपयोगी लेख अमन तैयार करते हैं. Email - aman@bagconvergence.in X Account - MrAman0501
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola