Agahan Month Upay: अगहन मास में लगाएं ये 5 शुभ पौधे, घर से कभी नहीं जाएगी मां लक्ष्मी; होगी बरकत

Agahan Month Upay: अगहन मास का महीना धार्मिक दृष्टि से बेहद शुभ माना गया है. कहा जाता है कि इस समय कुछ विशेष पौधे लगाने और उनकी पूजा करने से घर में सुख, शांति और धन-समृद्धि का वास होता है. आइए जानते हैं, ये पौधे कौन-से हैं, जिसे अगहन में लगाने से लक्ष्मी कृपा बरसती है?

agahan-maas-holy-plant

Agahan Month Upay: हिंदू धर्म में अगहन मास यानी मार्गशीर्ष का महीना धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना गया है. इस पवित्र महीने में भगवान श्रीराम और माता सीता का विवाह हुआ था, वहीं श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश भी इसी माह में दिया था. इसलिए इसे पुण्य, दान और साधना का काल कहा गया है. इस समय यदि आप कुछ विशेष पौधों को लगाकर उनकी विधिवत पूजा करते हैं, तो घर में सुख-शांति, धन-धान्य और सौभाग्य का आगमन होता है. आइए जानते हैं, ये फलदायी पौधे कौन-सी हैं?

विज्ञापन

तुलसी का पौधा

अगहन मास में तुलसी का पौधरोपण और पूजन विशेष फलदायी माना गया है. यह लक्ष्मी कृपा और सौभाग्य का प्रतीक है. इस महीने घर के उत्तर-पूर्व दिशा में तुलसी का पौधा लगाएं और उसके चारों ओर केले के पत्तों से सुंदर मंडप बनाएं. तुलसी को लाल चुनरी ओढ़ाएं और सुहाग का सामान जैसे चूड़ी, बिंदी, आलता, सिंदूर और बिछिया अर्पित करें. इसके बाद घी का दीपक जलाएं और भगवान विष्णु की पूजा करें. ऐसा करने से घर में लक्ष्मी स्थायी रूप से निवास करती हैं और आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं.

विज्ञापन

आंवले का पौधा

अगहन माह में आंवले का वृक्ष अत्यंत शुभ माना गया है और यह सेहत और समृद्धि दोनों का प्रतीक है. अगहन में इसे लगाने और पूजा करने से पुण्य मिलता है. प्रातःकाल आंवले के वृक्ष के नीचे पूर्व दिशा की ओर मुंह करके बैठें. वृक्ष की जड़ों में दूध अर्पित करें और तने पर कच्चे सूत का धागा लपेटें. महिलाएं इस वृक्ष की सात परिक्रमा करें और सुख-समृद्धि की कामना करें. ऐसा करने से घर में स्वास्थ्य, समृद्धि और सौभाग्य का संचार होता है. आंवला देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु दोनों का प्रिय माना गया है.

विज्ञापन

केले का पौधा

वास्तु शास्त्र के अनुसार, केले का पौधा ब्रहस्पति देव का प्रतीक है. अगहन मास में इसे उत्तर-पूर्व दिशा में लगाना अत्यंत शुभ होता है. रोजाना इसकी पूजा करें और बताशे का भोग लगाएं. ऐसा करने से दांपत्य जीवन में प्रेम और सामंजस्य बढ़ता है. यह उपाय ग्रह दोषों को भी शांत करता है और घर में समृद्धि को स्थिर बनाए रखता है. इसलिए इसे वैवाहिक जीवन में सुख और स्थिरता का पौधा भी कहते हैं.

शमी का पौधा

शमी का पौधा शनि देव का प्रिय माना गया है. अगहन मास में शमी का पौधा लगाने से जीवन की रुकावटें दूर होती हैं और नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है. यही कारण है कि इसे बाधाओं को दूर करने वाला वृक्ष माना गया है. इसे मुख्य द्वार के पास या दक्षिण दिशा में लगाना शुभ रहता है. रोजाना इसमें जल चढ़ाएं और “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करें. इससे शनि दोष कम होता है और घर में स्थिरता आती है.

विज्ञापन

हरसिंगार का पौधा

हरसिंगार, जिसे पारिजात भी कहा जाता है, देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु दोनों का प्रिय पुष्प है. यह सौंदर्य और सौभाग्य का प्रतीक माना गया है. अगहन मास में इसे घर की पूर्व दिशा में लगाना शुभ होता है. इसकी सफेद-नारंगी फूलों की खुशबू घर की नकारात्मकता को दूर करती है. रोज सुबह इसके फूल तोड़कर भगवान विष्णु और लक्ष्मी की पूजा में अर्पित करें. इससे घर में शांति, प्रेम और सौभाग्य बढ़ता है.

विज्ञापन

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shyamnandan

Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ