Shri Hanuman Tandav Stotram Lyrics: श्री हनुमान तांडव स्तोत्र बजरंगबली को समर्पित एक अत्यंत शक्तिशाली व ऊर्जावान स्तोत्र है, जिसका रोजाना पाठ करना शुभ होता है. इस स्तोत्र में हनुमान जी के स्वरूप, असीम पराक्रम, करुणा, युद्ध कौशल, सेवा और भक्ति आदि का अद्भुत वर्णन किया गया है. प्राचीन काल में लोकेश्वरख्य भट्ट (Lokeswarakhya Bhatta) नामक एक महान विद्वान ने बजरंग बली को खुश करने के लिए हनुमान तांडव स्तोत्र की रचना की थी, जिसका आज यानी कलयुग में पाठ करने का खास महत्व है.
मान्यता है कि इसके नियमित पाठ से भय, डर, चिंता, क्रोध और अहंकार आदि नकारात्मक भावों, कष्टों व दोषों से मुक्ति मिलती है. चलिए अब जानें श्री हनुमान तांडव स्तोत्र के लिरिक्स और नियमों के बारे में.
श्री हनुमान तांडव स्तोत्र
वन्दे सिन्दूरवर्णाभं लोहिताम्बरभूषितम्। रक्ताङ्गरागशोभाढ्यं शोणापुच्छं कपीश्वरम्॥
सुशङ्कितं सुकण्ठभुक्तवान् हि यो हितं। वचस्त्वमाशु धैर्य्यमाश्रयात्र वो भयं कदापि न॥
भजे समीरनन्दनं, सुभक्तचित्तरञ्जनं, दिनेशरूपभक्षकं, समस्तभक्तरक्षकम्।
सुकण्ठकार्यसाधकं, विपक्षपक्षबाधकं, समुद्रपारगामिनं, नमामि सिद्धकामिनम्॥१॥
सुशङ्कितं सुकण्ठभुक्तवान् हि यो हितं वचस्त्वमाशु धैर्य्यमाश्रयात्र वो भयं कदापि न।
इति प्लवङ्गनाथभाषितं निशम्य वानराऽधिनाथ आप शं तदा, स रामदूत आश्रयः ॥ २॥
सुदीर्घबाहुलोचनेन, पुच्छगुच्छशोभिना, भुजद्वयेन सोदरीं निजांसयुग्ममास्थितौ।
कृतौ हि कोसलाधिपौ, कपीशराजसन्निधौ, विदहजेशलक्ष्मणौ, स मे शिवं करोत्वरम्॥३॥
सुशब्दशास्त्रपारगं, विलोक्य रामचन्द्रमाः, कपीश नाथसेवकं, समस्तनीतिमार्गगम्।
प्रशस्य लक्ष्मणं प्रति, प्रलम्बबाहुभूषितः कपीन्द्रसख्यमाकरोत्, स्वकार्यसाधकः प्रभुः॥४॥
प्रचण्डवेगधारिणं, नगेन्द्रगर्वहारिणं, फणीशमातृगर्वहृद्दृशास्यवासनाशकृत्।
विभीषणेन सख्यकृद्विदेह जातितापहृत्, सुकण्ठकार्यसाधकं, नमामि यातुधतकम्॥५॥
नमामि पुष्पमौलिनं, सुवर्णवर्णधारिणं गदायुधेन भूषितं, किरीटकुण्डलान्वितम्।
सुपुच्छगुच्छतुच्छलंकदाहकं सुनायकं विपक्षपक्षराक्षसेन्द्र-सर्ववंशनाशकम्॥६॥
रघूत्तमस्य सेवकं नमामि लक्ष्मणप्रियं दिनेशवंशभूषणस्य मुद्रीकाप्रदर्शकम्।
विदेहजातिशोकतापहारिणम् प्रहारिणम् सुसूक्ष्मरूपधारिणं नमामि दीर्घरूपिणम्॥७॥
नभस्वदात्मजेन भास्वता त्वया कृता महासहा यता यया द्वयोर्हितं ह्यभूत्स्वकृत्यतः।
सुकण्ठ आप तारकां रघूत्तमो विदेहजां निपात्य वालिनं प्रभुस्ततो दशाननं खलम्॥८॥
इमं स्तवं कुजेऽह्नि यः पठेत्सुचेतसा नरः कपीशनाथसेवको भुनक्तिसर्वसम्पदः।
प्लवङ्गराजसत्कृपाकताक्षभाजनस्सदा न शत्रुतो भयं भवेत्कदापि तस्य नुस्त्विह॥९॥
नेत्राङ्गनन्दधरणीवत्सरेऽनङ्गवासरे। लोकेश्वराख्यभट्टेन हनुमत्ताण्डवं कृतम् ॥ १०॥
ॐ इति श्री हनुमत्ताण्डव स्तोत्रम्
ये भी पढ़ें- Radha Or Radhe: राधा या राधे, किसका जाप करना सही? जानें क्या कहता है शास्त्र
श्री हनुमान तांडव स्तोत्र से जुड़े नियम
- शांत मन और दिमाग से इस स्तोत्र का पाठ करें.
- स्तोत्र को बीच में न छोड़ें.
- संध्या काल और रात के समय इस स्तोत्र का पाठ करने से बचना चाहिए.
- स्नान किए बिना इस स्तोत्र का पाठ नहीं करना चाहिए.
ये भी पढ़ें- Lizard Walking on Ground: घर में फर्श पर छिपकली का रेंगना शुभ संकेत है या अशुभ? जानें क्या कहता है शकुन शास्त्र
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
संबंधित खबरें
नवरात्रि में जरूर करें अर्गला स्तोत्र का पाठ, बरसेगी मां दुर्गा की कृपा
9 hrs agoशारदीय नवरात्रि में रोजाना करें मां दुर्गा की आरती, यहां पढ़ें लिरिक्स
3 days agoसुख-समृद्धि के लिए पितृ पक्ष में करें पितृ चालीसा का पाठ, पढ़ें लिरिक्स
10 days agoपितृ पक्ष में श्राद्ध के बाद जरूर करें पितरों की आरती, यहां पढ़ें
12 days agoपितृ पक्ष के दौरान जरूर करें पितृ स्तोत्र का पाठ, मिलेगा पितरों का आशीर्वाद
17 days agoगणेशोत्सव पर रोजाना करें श्री गणेश चालीसा का पाठ, सभी संकट होंगे दूर
34 days agoआज रविवार को करें आदित्य ह्रदय स्तोत्र का पाठ, करियर में मिलेगी सफलता
38 days agoकजरी तीज पर जरूर करें ये आरती, वरना अधूरा माना जाएगा आपका व्रत
45 days agoआज दूर्वा गणेश चतुर्थी पर करें गणपति चालीसा का पाठ, हर विघ्न-बाधा टालेंगे बप्पा
59 days agoशिव जी की आरती के बिना अधूरा है सावन सोमवार का व्रत, यहां पढ़ें शिव आरती लिरिक्स
66 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines