Shri Tara Devi Aarti In Hindi: माता पार्वती, देवों के देव महादेव की अर्धांगिनी हैं. सृष्टि को बचाने और धरती पर धर्म की स्थापना करने के लिए देवी पार्वती ने समय-समय पर विभिन्न अवतार लिए हैं. 10 महाविद्याओं को भी मां पार्वती का रूप माना जाता है, जिन सभी का अपना महत्व है. मां तारा (Shri Tara Devi) को दस महाविद्याओं में से दूसरा स्थान प्राप्त है, जिन्हें दया, ज्ञान, शक्ति और सार्वभौमिक की देवी माना जाता है. हिंदु धर्म के लोगों के अलावा बौद्ध धर्म के लोग भी माता तारा की उपासना करते हैं. वैसे तो किसी भी तिथि पर माता तारा की पूजा की जा सकती है, लेकिन माघ गुप्त नवरात्रि के दूसरे दिन विशेषतौर पर माता रानी की पूजा की जाती है.
माना जाता है कि मां तारा की कृपा से बड़े से बड़े संकट से मुक्ति पाई जा सकती है. साथ ही भय, नकारात्मक ऊर्जा, अचानक आने वाली परेशानियों, खराब सेहत, धन की कमी और एकाग्र न कर पाना आदि समस्याओं से मुक्ति मिलती है. यदि आप भी मां तारा की उपासना करते हैं या करने की सोच रहे हैं तो उनकी आरती (Shri Tara Devi Aarti In Hindi) करके ही पूजा का समापन करें. चलिए जानते हैं मां तारा की आरती के सही लिरिक्स के बारे में.
मां तारा की आरती (Shri Tara Devi Aarti In Hindi)
जय तारा तुम जग विख्यात, ब्रह्माणी रूप सुन्दर भात।
चंद्रमा कोहनी भ्राजत, हंस रूप बन माँ तुम आई।
कनकवाले केशों में, धूप-दीप फिर सजे।
कंबल नीला, वस्त्र सुंदर, चरणों में अंगूर सजे।
चन्दन बासम बिलोचन पर, बेल पत्रानि मला धरू।
भक्तों के काज राखो, शंकर मन्दिर विशेष आयूं।
जय तारा तुम जग विख्यात, ब्रह्माणी रूप सुन्दर भात।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.