Holi Bhai Dooj 2026: होली के अगले दिन भाई दूज का पर्व मनाया जाता है. आज 5 मार्च को होली भाई दूज है. होली भाई दूज चैत्र कृष्ण द्वितीया तिथि को मनाई जाती है. यह पर्व भाई-बहन के रिश्तों को समर्पित होता है. भाई दूज पर बहन भाई के माथे पर तिलक करती हैं और लंबी उम्र के साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करती हैं. होली भाई दूज पर यमुना माता और यमदेव यानी यमराज की पूजा का महत्व होता है. आज के दिन बहन को अपने भाई को तिलक करने के साथ ही यमराज और यमुना जी की आरती करनी चाहिए.
यमुना माता की आरती (Yamuna Mata Ki Aarti Lyrics in Hindi)
ओम जय यमुना माता, हरि जय यमुना माता।
जो नहावे फल पावे सुख दुःख की दाता।।
ओम जय यमुना माता…
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पावन श्रीयमुना जल अगम बहै धारा।
जो जन शरण में आया कर दिया निस्तारा।।
ओम जय यमुना माता…
---विज्ञापन---
जो जन प्रातः ही उठकर नित्य स्नान करे।
यम के त्रास न पावे जो नित्य ध्यान करे।।
ओम जय यमुना माता…
कलिकाल में महिमा तुम्हारी अटल रही।
तुम्हारा बड़ा महातम चारो वेद कही।।
ओम जय यमुना माता…
आन तुम्हारे माता प्रभु अवतार लियो।
नित्य निर्मल जल पीकर कंस को मार दियो।।
ओम जय यमुना माता…
नमो मात भय हरणी शुभ मंगल करणी।
मन बेचैन भया हैं तुम बिन वैतरणी ।।
ओम जय यमुना माता…
यमराज जी की आरती (Yamraj Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi)
धर्मराज कर सिद्ध काज, प्रभु मैं शरणागत हूँ तेरी।
पड़ी नाव मझदार भंवर में, पार करो, न करो देरी॥
धर्मराज कर सिद्ध काज..
धर्मलोक के तुम स्वामी, श्री यमराज कहलाते हो।
जों जों प्राणी कर्म करत हैं, तुम सब लिखते जाते हो॥
अंत समय में सब ही को, तुम दूत भेज बुलाते हो।
पाप पुण्य का सारा लेखा, उनको बांच सुनते हो॥
भुगताते हो प्राणिन को तुम, लख चौरासी की फेरी॥
धर्मराज कर सिद्ध काज..
चित्रगुप्त हैं लेखक तुम्हारे, फुर्ती से लिखने वाले।
अलग अगल से सब जीवों का, लेखा जोखा लेने वाले॥
पापी जन को पकड़ बुलाते, नरको में ढाने वाले।
बुरे काम करने वालो को, खूब सजा देने वाले॥
कोई नही बच पाता न, याय निति ऐसी तेरी॥
धर्मराज कर सिद्ध काज..
दूत भयंकर तेरे स्वामी, बड़े बड़े दर जाते हैं।
पापी जन तो जिन्हें देखते ही, भय से थर्राते हैं॥
बांध गले में रस्सी वे, पापी जन को ले जाते हैं।
चाबुक मार लाते, जरा रहम नहीं मन में लाते हैं॥
नरक कुंड भुगताते उनको, नहीं मिलती जिसमें सेरी॥
धर्मराज कर सिद्ध काज..
धर्मी जन को धर्मराज, तुम खुद ही लेने आते हो।
सादर ले जाकर उनको तुम, स्वर्ग धाम पहुचाते हो।
जों जन पाप कपट से डरकर, तेरी भक्ति करते हैं।
नर्क यातना कभी ना करते, भवसागर तरते हैं॥
कपिल मोहन पर कृपा करिये, जपता हूँ तेरी माला॥
धर्मराज कर सिद्ध काज..
होली भाई दूज का महत्व
होली के अगले दिन चैत्र कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि को भाई अपनी बहन के घर भोजन करता है और उससे तिलक करवाता है तो इससे अकाल मृत्यु का भय खत्म होता है. यह दिन भाई-बहन के रिश्ते में प्यार बढ़ाने और मननुटाव को दूर करने के लिए खास होता है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.