Genesh Ji Aarti Lyrics in Hindi: गणेश जी की आरती करने से जीवन के विघ्न हर दूर होते हैं. भगवान गणेश जी विघ्नों को दूर करते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है. गणेश जी कृपा के लिए चतुर्थी तिथि और बुधवार के दिन गणेश जी की आरती जरूर करें. आप यहां गणेश जी की संपूर्ण आरती पढ़ सकते हैं.

गणेश जी आरती | Ganesh Ji Aarti

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।
एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी,
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी।
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।
पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा,
लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा।
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया,
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया।

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जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।
'सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी,
कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी।
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।

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गणेश जी वंदना

वर्णानामर्थसंघानां रसानां छन्दसामपि,
मंगलानां च कर्त्तारौ वन्दे वाणीविनायकौ।
गजाननं भूत गणादि सेवितं,
कपित्थ जम्बू फल चारू भक्षणम् ।
उमासुतं शोक विनाशकारकम्,
नमामि विघ्नेश्वर पाद पंकजम् ।

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गणेश जी मंत्र | Ganesh Ji Mantra

  • ॐ गं गणपतये नमः॥
    -ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि।
    तन्नो दन्तिः प्रचोदयात्॥
  • ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा॥
  • वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
    निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
  • गजाननं भूतगणादि सेवितं
    कपित्थजम्बूफलचारुभक्षणम्।
    उमासुतं शोकविनाशकारकं
    नमामि विघ्नेश्वरपादपङ्कजम्॥

गणेश जी कथा | Ganesh Ji Katha

गणेश जी भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र हैं. पौराणिक कथाओं के अनुसार, गणेश जी को माता पार्वती ने हल्दी और चंदन के उपटन से बनाया था और उसमें प्राण डाल दिए थे. इसके बाद गणेश जी को द्वार पर पहरा देने के लिए कहा था. इसके बाद भगवान शिव वहां आए लेकिन गणेश जी ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया. भगवान शिव ने क्रोधित होकर गणेश जी का सिर धड़ से अलग कर दिया था. माता पार्वती को इसका पता चला, तो वह बहुत दुखी हुईं. इसके बाद गणेश जी को पुनर्जीवित करने के लिए हाथी के बच्चे का सिर लगा दिया गया था. तब से गणेश जी को प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता माना जाता है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

गणेश जी की आरती से जुड़े सामान्य सवाल-जवाब | Ganesh Ji Aarti FAQs