Bhanu Saptami 2026: आज भानु सप्तमी का खास दिन है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह दिन बहुत ही खास है. ऐसा माना जाता है कि, इसी दिन धरती पर सूर्य की पहली किरण पड़ी थी. भानु सप्तमी का दिन सूर्य देव की पूजा के लिए समर्पित होता है. आज रविवार के दिन भानु सप्तमी पड़ने से इसका महत्व और बढ़ गया है. आप सूर्य देव को प्रसन्न करने और सुख-सौभाग्य की प्राप्ति के लिए सूर्य चालीसा का पाठ कर सकते हैं. सूर्य चालीसा का पाठ करने से हर क्षेत्र में सफलता, सुख-शांति और समृद्धि की प्राप्त होती है.
सूर्य चालीसा का पाठ (Surya Chalisa Lyrics in Hindi)
दोहा
कनक बदन कुण्डल मकर,मुक्ता माला अङ्ग।
पद्मासन स्थित ध्याइए,शंख चक्र के सङ्ग॥
चौपाई
जय सविता जय जयति दिवाकर,
सहस्त्रांशु सप्ताश्व तिमिरहर॥
भानु पतंग मरीची भास्कर,
सविता हंस सुनूर विभाकर॥
विवस्वान आदित्य विकर्तन,
मार्तण्ड हरिरूप विरोचन॥
अम्बरमणि खग रवि कहलाते,
वेद हिरण्यगर्भ कह गाते॥
सहस्त्रांशु प्रद्योतन, कहिकहि,
मुनिगन होत प्रसन्न मोदलहि॥
अरुण सदृश सारथी मनोहर,
हांकत हय साता चढ़ि रथ पर॥
मंडल की महिमा अति न्यारी,
तेज रूप केरी बलिहारी॥
उच्चैःश्रवा सदृश हय जोते,
देखि पुरन्दर लज्जित होते॥
मित्र मरीचि, भानु, अरुण, भास्कर,
सविता सूर्य अर्क खग कलिकर॥
पूषा रवि आदित्य नाम लै,
हिरण्यगर्भाय नमः कहिकै॥
द्वादस नाम प्रेम सों गावैं,
मस्तक बारह बार नवावैं॥
चार पदारथ जन सो पावै,
दुःख दारिद्र अघ पुंज नसावै॥
नमस्कार को चमत्कार यह,
विधि हरिहर को कृपासार यह॥
सेवै भानु तुमहिं मन लाई,
अष्टसिद्धि नवनिधि तेहिं पाई॥
बारह नाम उच्चारन करते,
सहस जनम के पातक टरते॥
उपाख्यान जो करते तवजन,
रिपु सों जमलहते सोतेहि छन॥
धन सुत जुत परिवार बढ़तु है,
प्रबल मोह को फंद कटतु है॥
अर्क शीश को रक्षा करते,
रवि ललाट पर नित्य बिहरते॥
सूर्य नेत्र पर नित्य विराजत,
कर्ण देस पर दिनकर छाजत॥
भानु नासिका वासकरहुनित,
भास्कर करत सदा मुखको हित॥
ओंठ रहैं पर्जन्य हमारे,
रसना बीच तीक्ष्ण बस प्यारे॥
कंठ सुवर्ण रेत की शोभा,
तिग्म तेजसः कांधे लोभा॥
पूषां बाहू मित्र पीठहिं पर,
त्वष्टा वरुण रहत सुउष्णकर॥
युगल हाथ पर रक्षा कारन,
भानुमान उरसर्म सुउदरचन॥
बसत नाभि आदित्य मनोहर,
कटिमंह, रहत मन मुदभर॥
जंघा गोपति सविता बासा,
गुप्त दिवाकर करत हुलासा॥
विवस्वान पद की रखवारी,
बाहर बसते नित तम हारी॥
सहस्त्रांशु सर्वांग सम्हारै,
रक्षा कवच विचित्र विचारे॥
अस जोजन अपने मन माहीं,
भय जगबीच करहुं तेहि नाहीं ॥
दद्रु कुष्ठ तेहिं कबहु न व्यापै,
जोजन याको मन मंह जापै॥
अंधकार जग का जो हरता,
नव प्रकाश से आनन्द भरता॥
ग्रह गन ग्रसि न मिटावत जाही,
कोटि बार मैं प्रनवौं ताही॥
मंद सदृश सुत जग में जाके,
धर्मराज सम अद्भुत बांके॥
धन्य-धन्य तुम दिनमनि देवा,
किया करत सुरमुनि नर सेवा॥
भक्ति भावयुत पूर्ण नियम सों,
दूर हटतसो भवके भ्रम सों॥
परम धन्य सों नर तनधारी,
हैं प्रसन्न जेहि पर तम हारी॥
अरुण माघ महं सूर्य फाल्गुन,
मधु वेदांग नाम रवि उदयन॥
भानु उदय बैसाख गिनावै,
ज्येष्ठ इन्द्र आषाढ़ रवि गावै॥
यम भादों आश्विन हिमरेता,
कातिक होत दिवाकर नेता॥
अगहन भिन्न विष्णु हैं पूसहिं,
पुरुष नाम रविहैं मलमासहिं॥
दोहा
भानु चालीसा प्रेम युत, गावहिं जे नर नित्य,
सुख सम्पत्ति लहि बिबिध, होंहिं सदा कृतकृत्य॥
सूर्य चालीसा पाठ विधि (Surya Chalisa Path Vidhi)
सूर्य चालीसा का पाठ करने के लिए सुबह स्नान कर सूर्य को अर्घ्य दें. इसके बाद पूजा स्थान पर शांत मन के साथ बैठकर सूर्य देवता का ध्यान करें और सूर्य चालीसा का पाठ करें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
संबंधित खबरें
शारदीय नवरात्रि में रोजाना करें मां दुर्गा की आरती, यहां पढ़ें लिरिक्स
1 day agoसुख-समृद्धि के लिए पितृ पक्ष में करें पितृ चालीसा का पाठ, पढ़ें लिरिक्स
8 days agoपितृ पक्ष में श्राद्ध के बाद जरूर करें पितरों की आरती, यहां पढ़ें
10 days agoपितृ पक्ष के दौरान जरूर करें पितृ स्तोत्र का पाठ, मिलेगा पितरों का आशीर्वाद
15 days agoगणेशोत्सव पर रोजाना करें श्री गणेश चालीसा का पाठ, सभी संकट होंगे दूर
32 days agoआज रविवार को करें आदित्य ह्रदय स्तोत्र का पाठ, करियर में मिलेगी सफलता
36 days agoकजरी तीज पर जरूर करें ये आरती, वरना अधूरा माना जाएगा आपका व्रत
43 days agoआज दूर्वा गणेश चतुर्थी पर करें गणपति चालीसा का पाठ, हर विघ्न-बाधा टालेंगे बप्पा
57 days agoशिव जी की आरती के बिना अधूरा है सावन सोमवार का व्रत, यहां पढ़ें शिव आरती लिरिक्स
64 days agoसावन में रोज पढ़ें शिव चालीसा, मिलेगा महादेव का आशीर्वााद
68 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines