क्यों सिकुड़ रहा है हमारा चांद? वैज्ञानिकों ने दी बड़ी चेतावनी

वैज्ञानिकों ने चांद को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है. चांद का आकार धीरे-धीरे छोटा हो रहा है. इस बदलाव से चांद पर भीषण भूकंप आ रहे हैं, जो भविष्य के मानव मिशनों के लिए चुनौतीपूर्ण हैं.

Moon shrinking NASA warning (6)
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चांद में क्यों आ रही हैं दरारें?

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जैसे अंगूर सूखकर किशमिश बन जाता है, वैसे ही ठंडा होने पर चांद की सतह पर ऊंची-ऊंची पहाड़ जैसी दरारें बन रही हैं. इन दरारों के कारण चांद पर घंटों तक चलने वाले शक्तिशाली भूकंप और लैंडस्लाइड की घटनाएं बढ़ रही हैं.

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धरती से बढ़ रही दूरी

धरती से बढ़ रही दूरी3 / 6

चांद गायब तो नही होगा, लेकिन वह हर साल धरती से लगभग 3.8 सेंटीमीटर दूर खिसकता जा रहा है. हालांकि इसे पूरी तरह दूर जाने या खत्म होने में अभी अरबों साल का लंबा वक्त लगेगा.

दिन हो जाएंगे छोटे

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अगर कभी चांद गायब हुआ, तो धरती इतनी तेज घूमेगी कि एक दिन महज 6 से 12 घंटे का रह जाएगा. चांद की गुरुत्वाकर्षण शक्ति ही पृथ्वी की घूमने की रफ्तार को कंट्रोल में रखती है.

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मौसम में मचेगी तबाही

मौसम में मचेगी तबाही5 / 6

चांद के बिना धरती अपने अक्ष पर डगमगाने लगेगी जिससे मौसम का संतुलन पूरी तरह बिगड़ जाएगा. समुद्र में उठने वाली लहरों की ताकत भी 75 प्रतिशत तक कम हो जाएगी जिससे समुद्री जीवन खत्म हो जाएगा.

मिशन आर्टेमिस पर खतरा

मिशन आर्टेमिस पर खतरा6 / 6

नासा के आर्टेमिस मिशन के लिए चांद के भूकंप और सिकुड़ती सतह एक बड़ी चिंता का विषय बन गई है. भविष्य में चांद पर बेस बनाने वाले अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा के लिए ये बदलाव खतरनाक साबित हो सकते हैं.

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लेखक के बारे में

Raja Alam

Raja Alam

राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में चार वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.
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