क्यों सिकुड़ रहा है हमारा चांद? वैज्ञानिकों ने दी बड़ी चेतावनी
वैज्ञानिकों ने चांद को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है. चांद का आकार धीरे-धीरे छोटा हो रहा है. इस बदलाव से चांद पर भीषण भूकंप आ रहे हैं, जो भविष्य के मानव मिशनों के लिए चुनौतीपूर्ण हैं.

चांद में क्यों आ रही हैं दरारें?
2 / 6जैसे अंगूर सूखकर किशमिश बन जाता है, वैसे ही ठंडा होने पर चांद की सतह पर ऊंची-ऊंची पहाड़ जैसी दरारें बन रही हैं. इन दरारों के कारण चांद पर घंटों तक चलने वाले शक्तिशाली भूकंप और लैंडस्लाइड की घटनाएं बढ़ रही हैं.
धरती से बढ़ रही दूरी
3 / 6चांद गायब तो नही होगा, लेकिन वह हर साल धरती से लगभग 3.8 सेंटीमीटर दूर खिसकता जा रहा है. हालांकि इसे पूरी तरह दूर जाने या खत्म होने में अभी अरबों साल का लंबा वक्त लगेगा.
दिन हो जाएंगे छोटे
4 / 6अगर कभी चांद गायब हुआ, तो धरती इतनी तेज घूमेगी कि एक दिन महज 6 से 12 घंटे का रह जाएगा. चांद की गुरुत्वाकर्षण शक्ति ही पृथ्वी की घूमने की रफ्तार को कंट्रोल में रखती है.
मौसम में मचेगी तबाही
5 / 6चांद के बिना धरती अपने अक्ष पर डगमगाने लगेगी जिससे मौसम का संतुलन पूरी तरह बिगड़ जाएगा. समुद्र में उठने वाली लहरों की ताकत भी 75 प्रतिशत तक कम हो जाएगी जिससे समुद्री जीवन खत्म हो जाएगा.
मिशन आर्टेमिस पर खतरा
6 / 6नासा के आर्टेमिस मिशन के लिए चांद के भूकंप और सिकुड़ती सतह एक बड़ी चिंता का विषय बन गई है. भविष्य में चांद पर बेस बनाने वाले अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा के लिए ये बदलाव खतरनाक साबित हो सकते हैं.
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