Trump Tariff: भारत समेत 60 देशों पर ट्रंप लगाएंगे नया टैरिफ, क्या होगा असर?
Trump Imposes New Tariffs: टैरिफ को लेकर अमेरिकी कोर्ट से मात खाने के बाद अब ट्रंप नया पैंतरा लगाने जा रहे हैं. इस बार बहाना है जबरन मजदूरी का. अमेरिका का कहना है कि भारत अपने यहां बंधुआ मजदूरी पर सख्ती से रोक लगाए. अगर ऐसा न हुआ तो अमेरिकी कानून तहत ऐसे माल पर बैन लग सकता है.

आयात होने वाले उत्पादों पर नए टैरिफ
2 / 6अमेरिका ने भारत समेत दुनिया के कई बड़े ट्रेडिंग पार्टनर देशों से आयात होने वाले उत्पादों पर नए टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा है. हालांकि यह अभी केवल प्रस्तावित कदम है और अंतिम फैसला सार्वजनिक सलाह और सुनवाई के बाद लिया जाएगा. USTR की ओर से जारी बयान के अनुसार भारत से आने वाले सामान पर 12.5 प्रतिशत तक का नया टैरिफ लगाया जा सकता है.
प्रस्ताव लागू होने पर भारत पर हो सकता है असर
3 / 6अगर यह प्रस्ताव लागू होता है तो भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिकी बाजार में कंपटीशन करना महंगा हो सकता है. खासकर इंजीनियरिंग सामान, टेक्सटाइल, रसायन, फार्मा और अन्य एक्सपोर्ट सेक्टर पर इसका असर पड़ सकता है. बता दें ट्रंप सरकार ने भारत के स्टील और एल्युमीनियम जैसे उत्पादों पर जो भारी टैक्स लगाया था, ट्रेड डील के तहत भारत उसे हटवाना चाहता है ताकि कंपनियों को अमेरिकी बाजार में बराबरी मिले.
कितना टैरिफ है प्रस्तावित? जुलाई में होगी सुनवाई
4 / 6लाइव मिंट की खबर के मुताबिक अमेरिका ने कनाडा, मैक्सिको, यूरोपीय संघ, ब्रिटेन और ताइवान जैसे देशों से आयात होने वाले उत्पादों पर न्यूनतम 10 प्रतिशत टैरिफ का प्रस्ताव रखा है. वहीं भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्राजील और स्विट्जरलैंड जैसे देशों के लिए 12.5 प्रतिशत शुल्क का प्रस्ताव रखा है. अमेरिकी प्रशासन ने प्रस्ताव पर 6 जुलाई तक लिखित सुझाव मांगा है. 7 जुलाई से सेक्शन 301 पैनल सार्वजनिक सुनवाई शुरू करेगा. इससे आगे की कार्रवाई तय होगी.
अमेरिका बोला-ग्लोबल ट्रेड मजदूरी को बढ़ावा न दे
5 / 6अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीर ने कहा कि कई बड़े ट्रेडिंग पार्टनर जबरन श्रम से बने उत्पादों के आयात को रोकने में पर्याप्त प्रयास नहीं कर रहे हैं. उन्होंने कहा, "यह स्थिति अमेरिकी मजदूरों के लिए असमान प्रतिस्पर्धा पैदा करती है. अब अमेरिका इस अंतर को और बर्दाश्त नहीं करेगा." ग्रीर के अनुसार कुछ देशों ने शुरुआती कदम जरूर उठाए हैं, लेकिन सभी ट्रेडिंग पार्टनर्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि ग्लोबल ट्रेड जबरन मजदूरी को बढ़ावा न दे.
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नया रास्ता
6 / 6अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले भी व्यापक टैरिफ लगाने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन फरवरी में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने आपातकालीन शक्तियों के तहत लगाए गए कुछ शुल्कों को रद्द कर दिया था. इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने सेक्शन 301 जांच का सहारा लिया है, जिसे कानूनी रूप से अधिक मजबूत माना जाता है. फिलहाल अमेरिका ने सेक्शन 122 के तहत 10 प्रतिशत का अस्थायी वैश्विक शुल्क भी लागू कर रखा है, जिसकी अवधि जुलाई में समाप्त हो रही है.
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