LPG Gas e KYC: किन उपभोक्ताओं के बंद होंगे LPG कनेक्शन? पढ़ें नई गाइडलाइन

सरकार की ओर से जारी नई गाइडलाइन के अनुसार e-KYC केवल उन LPG ग्राहकों के लिए अनिवार्य है जिनका रिकॉर्ड अभी तक अधूरा है या जिनका वेरिफिकेशन कभी नहीं हुआ है. अगर आप एक सामान्य उपभोक्ता हैं और पहले ही केवाईसी पूरी कर चुके हैं, तो आपको इसे दोहराने की आवश्यकता नहीं है. यह नियम सिर्फ उन लोगों पर लागू होता है जिनका रिकॉर्ड अब तक अपडेट नहीं हुआ है.

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किसे करानी होगी और किसे नहीं?

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यदि आप एक सामान्य एलपीजी ग्राहक हैं और आपने पहले अपना eKYC करवा लिया है, तो आपको यह प्रक्रिया दोबारा करने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है. PMUY के लाभार्थियों के लिए नियम थोड़े अलग हैं. उन्हें साल में कम से कम एक बार ई-केवाईसी करानी होती है. विशेष रूप से, एक वित्तीय वर्ष में 7 सिलेंडर लेने के बाद, 8वें और 9वें सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी (DBT) के लिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जरूरी है.

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ग्राहक घर बैठे कर सकते हैं eKYC

ग्राहक घर बैठे कर सकते हैं eKYC3 / 6

ग्राहकों को बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के लिए गैस एजेंसी जाने की जरूरत नहीं है. मंत्रालय ने बताया कि eKYC की प्रक्रिया घर बैठे आसानी से और मुफ्त में पूरी की जा सकती है. ग्राहक संबंधित गैस कंपनी के मोबाइल एप के जरिए इसे खुद ही पूरा कर सकते हैं. eKYC के लिए सिर्फ 'आधार कार्ड' और 'रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर' की ही आवश्यकता होती है.

कालाबाजारी पर लग सकेगी लगाम

कालाबाजारी पर लग सकेगी लगाम 4 / 6

सरकार का कहना है कि eKYC कराने का मुख्य उद्देश्य सिस्टम में पारदर्शिता लाना है. इससे 'घोस्ट कंज्यूमर्स' यानी उन फर्जी गैस कनेक्शनों को हटाने में मदद मिलती है जो किसी और के नाम पर चल रहे हैं. इसके अलावा इससे एलपीजी की कालाबाजारी रोकने में भी मदद मिलेगी. इसका मकसद सिर्फ इतना है कि ज्यादा से ज्यादा गैस ग्राहक अपना बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करवा लें, ताकि सिस्टम में फर्जीवाड़ा न हो.

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क्या कहते हैं नियम

क्या कहते हैं नियम5 / 6

सुप्रीम कोर्ट के 2018 के फैसले के मुताबिक, सरकार सिर्फ उन्हीं सेवाओं या फायदों के लिए आधार अनिवार्य कर सकती है, जहां पैसा सीधे सब्सिडी के रूप में दिया जा रहा हो. गैस कनेक्शन अपने आप में कोई सब्सिडी नहीं है. कोई भी बाजार भाव पर कनेक्शन ले सकता है और करोड़ों लोग बिना किसी सरकारी मदद के पूरी कीमत चुकाकर गैस खरीदते हैं. ऐसे लोगों के लिए आधार बायोमेट्रिक अनिवार्य करने का कोई कानूनी आधार नहीं है.

2024 में भी बनी थी भ्रम की स्थिति

2024 में भी बनी थी भ्रम की स्थिति6 / 6

यह भ्रम पहली बार नहीं फैलाया जा रहा है. जुलाई 2024 में गैस एजेंसियों ने अपना टारगेट पूरा करने के लिए उन ग्राहकों को कनेक्शन काटने की धमकी दी थी जो सब्सिडी नहीं लेते थे लेकिन e-KYC के लिए मना कर रहे थे. तब एक RTI के जवाब में HPCL ने कहा था कि उन्होंने ऐसी कोई अनिवार्य सूचना जारी नहीं की है.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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