ITR फाइल करने का तरीका बदला, नजरअंदाज किया तो पछताएंगे
सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) के फॉर्म को अपडेट कर दिया है. बीते एक अप्रैल से प्रभावी हुए इन बदलावों का उद्देश्य टैक्स फाइलिंग को आसान और ज्यादा पारदर्शी बनाना है. इन बदलावों से टैक्सपेयर्स के लिए अपनी इनकम की सही-सही जानकारी देना आसान हो जाता है और गलतियों या बेमेल जानकारी का जोखिम भी कम हो जाता है.

आईटीआर फॉर्म 1 में नए बदलाव
2 / 5कैपिटल गेन: पहले आयकर रिटर्न-1 में कैपिटल गेन इनकम को शो करना मुमकिन नहीं था, हालांकि नए बदलावों के तहत अब नए फार्म में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) इसमें दिखाई जा सकती है, बशर्ते आपकी वो रकम 1.25 लाख रुपए तक हो.
छोटे निवेशकों को ट्रांसफर होने की जरूरत नहीं
3 / 5लाइव मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, एसडी सिंह एंड एसोसिएट्स, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के संस्थापक सूरज सिंह ने कहा, "छोटे इक्विटी लाभ के लिए छोटे निवेशकों को अब आईटीआर-2 में ट्रांसफर होने की आवश्यकता नहीं है और मामूली लाभ वाले वेतनभोगी लोगों के लिए यह प्रक्रिया सरल हो गई है."
लॉन्ग कैपिटल गेन के अनुरूप
4 / 5पहले लॉन्ग कैपिटल गेन पर टैक्स दो अलग-अलग दरों 10% और 12.5% से लगता था. बजट 2024-25 में, सभी संपत्तियों पर लॉन्ग कैपिटल गेन की दरें एक समान करते हुए बिना इंडेक्सेशन के 12.5% और इंडेक्सेशन के साथ 20% तय किया गया. ये दरें वित्त वर्ष 2025-26 में आयकर रिटर्न-1 दाखिल करते समय लागू होंगी.
आयकर दाखिल करने की पात्रता बढ़ी
5 / 5पहले केवल एक मकान संपत्ति से आय अर्जित करने वाले करदाता ही आयकर दाखिल करने के लिए 1 फॉर्म का उपयोग कर सकते थे. अब, दो मकान संपत्तियों से आय अर्जित करने वाले भी इस फॉर्म का उपयोग करके आयकर दाखिल कर सकते हैं.
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