जमीन के नीचे क्या पेट्रोल-डीजल के तालाब हैं? जानें कहां से आता है कच्चे तेल का भंडार
जमीन के नीचे पेट्रोल-डीजल के कोई तालाब या नदियां नहीं हैं. असल में, तेल जमीन के नीचे चट्टानों के छोटे-छोटे छेदों में फंसा होता है, बिल्कुल वैसे ही जैसे एक गीले स्पंज में पानी भरा रहता है. इन तेल के भंडारों को 'रिजर्वोयर्स' कहा जाता है. पृथ्वी पर अलग-अलग जगह भूमिगत भंडार हैं. ड्रिलिंग मशीन की मदद से तेल कंपनियां इन्हें बाहर निकालती हैं और रिफाइनरी में भेजती हैं. जानें पूरी प्रक्रिया

किसे कहते हैं कच्चा तेल?
2 / 5पेट्रोलियम फॉसिल फ्यूल है, यानी प्राचीन जीवों के अवशेषों से बना. लाखों-करोड़ों साल पहले समुद्रों और झीलों में प्लैंकटन, शैवाल और छोटे जीव-जंतु मरे और समुद्र तल पर जमा हो गए. इन पर मिट्टी, रेत और कीचड़ की मोटी परतें चढ़ती गईं. भारी दबाव और धरती की आंतरिक गर्मी के कारण, बिना ऑक्सीजन के ये अवशेष रासायनिक रूप से बदलने लगे. यही 'बायोमास' धीरे-धीरे काले, गाढ़े तरल में बदल गया जिसे हम कच्चा तेल कहते हैं.
कैसे हुआ कच्चे तेल का निर्माण?
3 / 5करोड़ों साल पहले समुद्र के छोटे जीव और पौधे मरकर मिट्टी और तलछट के नीचे दब गए. धरती के अंदर की अत्यधिक गर्मी और दबाव से ये केरोजन में बदलते थे, जो आगे चलकर कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस में बदल जाते हैं। इस रिफाइनरी में भेजा जाता है, जहां इसे अलग-अलग तापमान पर गर्म करके पेट्रोल, डीजल, केरोसिन और एलपीजी जैसी चीजों में बांटा जाता है
चट्टानों में जमा होता गया तेल
4 / 5प्राचीन समुद्री जीवों के अवशेष दबते-दबते सोर्स रॉक में बदल जाते हैं। गर्मी और दबाव से तेल बनता है, जो धीरे-धीरे रिसकर ऐसी चट्टानों में जमा हो जाता है जो स्पंज की तरह छिद्रपूर्ण होती हैं. इनके ऊपर कठोर और गैर-छिद्रपूर्ण चट्टानों की एक परत होती है जो तेल को बाहर निकलने से रोककर एक 'ट्रैप' की तरह काम करती है.
कैसे निकाला जाता है तेल?
5 / 5तेल कंपनियां ड्रिलिंग मशीन की मदद से गहराई तक कुएं खोदती हैं और इन चट्टानी भंडारों से गाढ़ा, कीचड़ जैसा कच्चा तेल बाहर खींचती हैं. वह सीधे गाड़ियों में नहीं डाला जा सकता. उसे 'कच्चा तेल' कहते हैं. यह एक चिपचिपा और गंदा दिखने वाला तरल होता है.
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