Twisha Sharma Case: ट्विशा की सास को पेंशन कितनी मिलती है? जानिए रिटायर्ड जज को क्या-क्या खास सुविधाएं मिलती हैं
ट्विशा केस के बाद अक्सर लोगों का सवाल रहता है कि कोर्ट से रिटायर्ज जज को सरकार की तरफ से क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं? आइए जानते हैं.

पेंशन तय होने का आधार क्या होता है
2 / 7इन सबके बीच गिरिबाला सिंह की पेंशन को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है. रिटायर्ड न्यायिक अधिकारियों की पेंशन उनके अंतिम वेतन, सेवा अवधि और पद के अनुसार तय होती है. हर राज्य में नियम अलग होने के कारण पेंशन राशि में काफी अंतर देखने को मिलता है.
निचली अदालत के जजों की औसत पेंशन
3 / 7सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों के अनुसार निचली अदालतों के कई रिटायर्ड जजों को लगभग ₹19000 से ₹20000 मासिक पेंशन मिलती है, जिसे कई बार कम मानते हुए सुधार की मांग उठती रही है.
पेंशन का सामान्य नियम क्या है
4 / 7न्यायिक नियमों के तहत रिटायर्ड जजों को उनके अंतिम मूल वेतन का लगभग 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में दिया जाता है, जो उनके पद और सेवा सालों पर निर्भर करता है.
हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की पेंशन
5 / 7हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जजों की पेंशन जिला जजों की तुलना में ज्यादा होती है उनके उच्च वेतनमान और सेवा शर्तों के कारण सालाना लगभग ₹13.5 लाख से ₹15 लाख या ज्यादा होती है.
रिटायर्ड जजों को मिलने वाली मेडिकल सुविधाएं
6 / 7रिटायर्ड जजों और उनके जीवनसाथी को सरकार द्वारा मेडिकल सुविधाएं दी जाती हैं, जिसमें CGHS या पैनल अस्पतालों में इलाज, कैशलेस सुविधा और खर्च की प्रतिपूर्ति जैसी सेवाएं शामिल होती हैं.
रिटायरमेंट के बाद अन्य खास सुविधाएं
7 / 7रिटायरमेंट के बाद कुछ वरिष्ठ जजों को स्टाफ, ड्राइवर और सुरक्षा जैसी सुविधाएं भी मिल सकती हैं, जो उनके पद और सुरक्षा जरूरतों के आधार पर तय की जाती हैं. (Image: Pexels/News24)
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