खामोश खतरा! पृथ्वी को तबाही की ओर धकेल सकते हैं गुजरते तारे, वैज्ञानिकों की चेतावनी
एक नई स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि अंतरिक्ष में गुजरने वाले तारे भविष्य में सौरमंडल को अस्थिर कर सकते हैं. इससे पृथ्वी के टकराने या अंतरिक्ष में फेंके जाने का खतरा भी पैदा हो सकता है.

अंतरिक्ष से खामोश खतरा
2 / 9अंतरिक्ष हमेशा से रहस्यमयी रहा है, लेकिन अब वैज्ञानिकों ने एक नया खतरा उजागर किया है. एक नई स्टडी के मुताबिक, हमारे सौरमंडल के पास से गुजरने वाले तारे भविष्य में बड़ी तबाही ला सकते हैं. ये खतरा इतना खामोश है कि हमें इसका अंदाजा भी नहीं होगा, लेकिन इसके असर विनाशकारी हो सकते हैं.
स्टडी में क्या कहा गया
3 / 9यह रिसर्च जर्नल Icarus में प्रकाशित हुई है. इसमें हजारों कंप्यूटर सिमुलेशन के जरिए यह समझने की कोशिश की गई कि अगर कोई तारा हमारे सौरमंडल के पास से गुजरे तो क्या होगा. नतीजे बताते हैं कि सौरमंडल पहले की सोच से ज्यादा अस्थिर हो सकता है.
10,000 AU दूर भी खतरा
4 / 9वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगर कोई तारा करीब 10,000 खगोलीय इकाई (AU) की दूरी तक भी आ जाता है, तो उसका ग्रेविटेशन असर दिखा सकता है. यह दूरी भले ही बहुत ज्यादा लगे, लेकिन अंतरिक्ष के हिसाब से यह खतरनाक रूप से करीब है.
ओर्ट क्लाउड में हलचल
5 / 9सौरमंडल के किनारे मौजूद बर्फीले इलाके को ओर्ट क्लाउड कहा जाता है. गुजरते तारे इस इलाके को हिला सकते हैं, जिससे धूमकेतु और बाकी पिंड अंदर की ओर बढ़ सकते हैं. इससे ग्रहों की कक्षाएं भी प्रभावित हो सकती हैं.
बुध ग्रह सबसे ज्यादा खतरे में
6 / 9रिसर्च के मुताबिक, बुध ग्रह की कक्षा सबसे ज्यादा अस्थिर हो सकती है. इसके ऑर्बिट में 50% से 80% तक अव्यवस्था बढ़ने की संभावना है. इससे पूरे सौरमंडल में चेन रिएक्शन शुरू हो सकता है.
मंगल और प्लूटो भी सुरक्षित नहीं
7 / 9स्टडी बताती है कि मंगल ग्रह के टकराने या सौरमंडल से बाहर निकलने की 0.3% संभावना है. वहीं प्लूटो के लिए यह खतरा 5% तक बताया गया है, जो काफी बड़ा जोखिम माना जा रहा है.
पृथ्वी पर मंडराता खतरा
8 / 9सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पृथ्वी के लिए भी खतरा मौजूद है. वैज्ञानिकों का कहना है कि पृथ्वी के किसी दूसरे ग्रह से टकराने की 0.2% संभावना है. यह छोटा आंकड़ा लग सकता है, लेकिन इसके परिणाम बेहद विनाशकारी होंगे.
चेन रिएक्शन से तबाही
9 / 9अगर बुध की कक्षा बिगड़ती है, तो इसका असर बाकी ग्रहों पर भी पड़ सकता है. शुक्र या मंगल पृथ्वी से टकरा सकते हैं या फिर पृथ्वी को बृहस्पति की ओर धकेल सकते हैं. बृहस्पति का गुरुत्वाकर्षण इतना शक्तिशाली है कि वह पृथ्वी को सौरमंडल से बाहर फेंक सकता है. इस रिसर्च का नेतृत्व वैज्ञानिक Nathan Kaib और Sean Raymond ने किया है. उनका कहना है कि अब तक के मॉडल इस खतरे को कम आंकते रहे हैं. असल में सौरमंडल कहीं ज्यादा संवेदनशील हो सकता है. (All Photos Credit: Social Media)
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