इतिहास में जब सूअर को दी गई फांसी! फ्रांस की इस अजीब घटना ने दुनिया को चौंका दिया

आज के आधुनिक दौर में ये बात सुनने में अजीब लगती है कि किसी जानवर को अदालत में पेश किया गया हो और उसे इंसानों की तरह सजा दी गई हो. लेकिन मध्यकालीन यूरोप, खासकर फ्रांस में, ऐसा कई बार हुआ है. उस समय कानून और समाज की सोच आज से बिल्कुल अलग थी. फ्रांस में एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया था, जहां एक सूअर पर एक छोटे बच्चे की हत्या का आरोप लगाया गया. इस मामले में सूअर को ना सिर्फ गिरफ्तार किया गया, बल्कि उसके खिलाफ अदालत में मुकदमा भी चलाया गया और अंत में उसे फांसी की सजा दे दी गई.

pig hanged in france
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Credit: AI

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मासूम बच्चे की मौत से मचा हड़कंप

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मध्यकालीन फ्रांस के एक गांव में एक छोटे बच्चे की अचानक मौत हो गई. ये घटना पूरे इलाके में सनसनी बन गई. शुरुआती जांच में पता चला कि बच्चे पर किसी जानवर ने हमला किया था, जिससे उसकी जान चली गई.

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सूअर पर लगा गंभीर आरोप

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जांच के दौरान गांव वालों ने एक सूअर को पकड़ लिया, जिस पर बच्चे पर हमला करने का शक था. लोगों ने दावा किया कि उसी सूअर ने बच्चे को मार डाला. उस समय समाज में जानवरों को भी अपराधी माना जाता था.

जानवर को कैद किया गया

जानवर को कैद किया गया 4 / 8

इस मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि सूअर को भागने से रोकने के लिए उसे कैद में रखा गया. उसे बिल्कुल वैसे ही रखा गया जैसे किसी इंसानी अपराधी को जेल में रखा जाता है.

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अदालत में पेश किया गया सूअर

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सूअर को बाकायदा अदालत में पेश किया गया. यह कोई मजाक नहीं बल्कि एक औपचारिक प्रक्रिया थी. उस समय यूरोप में जानवरों के खिलाफ मुकदमे चलाने की परंपरा थी.

इंसानों की तरह चला मुकदमा

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अदालत में गवाह बुलाए गए, सबूत पेश किए गए और घटना की पूरी सुनवाई हुई. इस दौरान सूअर को भी एक आरोपी के रूप में देखा गया, मानो वो अपने अपराध के लिए जिम्मेदार हो.

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मौत की सजा का ऐलान

मौत की सजा का ऐलान7 / 8

लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने सूअर को दोषी करार दिया. यह फैसला इस आधार पर दिया गया कि वही बच्चे की मौत का कारण बना था.  अदालत ने सूअर को मौत की सजा सुनाई. यह फैसला आज के समय में बेहद अजीब और असंभव लगता है, लेकिन उस दौर में इसे न्याय का हिस्सा माना जाता था.

सार्वजनिक रूप से दी गई फांसी

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सूअर को सार्वजनिक रूप से फांसी दी गई, ताकि लोगों के बीच कानून का डर बना रहे. कुछ मामलों में जानवरों को इंसानों की तरह कपड़े पहनाकर भी सजा दी जाती थी. मध्यकालीन समाज में यह मान्यता थी कि हर अपराध के लिए सजा जरूरी है, चाहे अपराधी इंसान हो या जानवर. इससे समाज में अनुशासन और डर बनाए रखने की कोशिश की जाती थी. (All Photos Credit: Social Media)

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लेखक के बारे में

Varsha Sikri

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
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