Shani Dev Mantra: शनि के प्रकोप से बचाएंगे ये 5 चमत्कारी मंत्र, रोजाना सिर्फ 1 के जाप से दूर होने लगेगी टेंशन
Shani Mantra In Hindi: न्याय और कर्म के दाता शनिदेव की कृपा से किसी भी व्यक्ति का जीवन खुशियों से भर सकता है. यदि आप भी शनिदेव को खुश करना चाहते हैं तो नियमित रूप से शनि मंत्रों का जाप कर सकते हैं. यहां पर शनिदेव के 5 प्रभावशाली मंत्र दिए गए हैं.

शनिदेव को कर्म का दाता माना जाता है, जिनकी कृपा से व्यक्ति को जीवन में अपार सफलता के साथ-साथ अच्छी सेहत मिलती है. साथ ही व्यक्ति अच्छे कर्म करता है और सही रास्ते से जीवन में प्रगति करता है. यदि आप भी शनिदेव को खुश करना चाहते हैं तो रोजाना शनि मंत्रों का जाप कर सकते हैं. यहां पर शनिदेव के 5 चमत्कारी मंत्रों का उल्लेख किया गया है, जिनमें से किसी भी एक मंत्र का आप रोजाना सुबह-शाम 108 बार जाप करते हैं तो धीरे-धीरे आपकी परेशानियां दूर होने लगेंगी. चलिए जानें शनि के 5 प्रभावशाली मंत्रों के बारे में.
शनि बीज मंत्र
2 / 6ये 'ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः' शनि बीज मंत्र है, जिसके नियमित जाप से शनि का प्रकोप कम होता है. साथ ही शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और अशुभ दृष्टि से मुक्ति मिलती है.
शनि गायत्री मंत्र
3 / 6ये 'ॐ काकध्वजाय विद्महे खड्गहस्ताय धीमहि तन्नो मन्दः प्रचोदयात्॥' शनि गायत्री मंत्र है, जिसके निरंतर जाप से जन्म कुंडली में शनि ग्रह की स्थिति मजबूत होती है. साथ ही निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है और प्रगति के रास्ते खुलते हैं.
शनि मूल मंत्र
4 / 6ये 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' शनि मूल मंत्र है, जिसके नियमित जाप से व्यक्ति के अंदर धैर्य और अनुशासन आता है. साथ ही मानसिक और शारीरिक सेहत अच्छी रहती है. ये भी पढ़ें- S Name Astrology: सिया गोयल और सोनम रघुवंशी मामले से जुड़ा ‘S’ कनेक्शन! जानें इस अक्षर के नाम वाली लड़कियों का असली स्वभाव और डार्क साइड
शनि तांत्रिक मंत्र
5 / 6ये 'ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनये नमः' शनि तांत्रिक मंत्र है, जिसके नियमित जाप से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का अशुभ प्रभाव कम होता है. साथ ही व्यक्ति के अंदर धैर्य आता है और वो शांति से अपना जीवन व्यतीत करता है. हालांकि, कुछ लोग अपनी विशेष मनोकामना को पूर्ण करने के लिए भी इस मंत्र का जाप करते हैं. ये भी पढ़ें- Numerology: इन 2 मूलांक वालों के तलाक होने की होती है सबसे ज्यादा संभावना, ऐसा कहता है अंक ज्योतिष शास्त्र का गणित
शनि वैदिक मंत्र
6 / 6ये 'ॐ शन्नो देवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये। शंयोरभिस्रवन्तु नः।।' शनि वैदिक मंत्र है, जिसका जाप शनिदेव के प्रकोप और जीवन की तमाम बाधाओं से मुक्ति पाने के लिए किया जाता है. साथ ही व्यक्ति के अंदर धैर्य आता है और मानसिक समस्याएं दूर होने लगती हैं. डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है. (All Photo Credit- Social Media & AI Gemini)