सरकारी कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग का 'मेगा प्लान', वो नया फॉर्मूला जिससे बढ़ेगी टेक-होम सैलरी
8वें वेतन आयोग के गठन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच, नेशनल काउंसिल (ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी) यानी NC-JCM की ड्राफ्ट कमेटी ने अपना अंतिम ज्ञापन सरकार को सौंप दिया है. इस प्रस्ताव में बेसिक सैलरी में इजाफा, बेहतर पेंशन सिक्योरिटी और बेहतर अलाउंस पर फोकस है. यह केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए किसी 'लॉटरी' से कम नहीं है.

वेतन में बड़ा उछाल
2 / 10इस प्रस्ताव की सबसे बड़ी बात है बेसिक सैलरी में भारी इजाफा. वर्तमान में न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये है, जिसे बढ़ाकर 69,000 रुपये करने की मांग की गई है.
कितनी बढ़ेगी सैलरी
3 / 10बेसिक सैलरी में इजाफे के लिए कमेटी ने 3.83 के फिटमेंट फैक्टर का सुझाव दिया है. अगर इसे मंजूरी मिलती है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में करीब तीन गुना से ज्यादा का इजाफा होगा.
सालाना इंक्रीमेंट में भी इजाफा
4 / 10इतना ही नहीं, सालाना मिलने वाले इंक्रीमेंट को भी मौजूदा 3% से बढ़ाकर 6% करने का प्रस्ताव है, ताकि बढ़ती महंगाई का असर कर्मचारियों की जेब पर न पड़े.
पे-स्ट्रेक्चर में बदलाव
5 / 10सैलरी स्ट्रक्चर को लेकर एक और सुझाव दिया गया है. फिलहाल 7वें वेतन आयोग में 18 अलग-अलग पे-लेवल हैं, जिन्हें घटाकर केवल 7 व्यापक पे-स्केल में बदलने की सिफारिश की गई है.
इससे क्या होगा फायदा
6 / 10इसका सीधा फायदा यह होगा कि कर्मचारियों के प्रमोशन और सैलरी जंप में आने वाली बाधाएं कम हो जाएंगी और करियर ग्रोथ तेज होगी.
पुरानी पेंशन योजना
7 / 10सबसे अहम मांगों में से एक है 1 जनवरी 2004 के बाद नौकरी में आए कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन स्कीम को फिर से लागू करना. कमिटी ने यह भी प्रस्ताव दिया है कि पेंशन आखिरी सैलरी के 67% पर तय की जानी चाहिए, जिसमें फैमिली पेंशन 50% होनी चाहिए.
30 साल की सर्विस में पांच प्रमोशन
8 / 10ड्राफ्ट में साथ ही सुझाव दिया गया है कि हर कर्मचारी को 30 साल के सर्विस पीरियड में कम से कम पांच प्रमोशन या फाइनेंशियल अपग्रेड मिलने चाहिए. इसमें हर पांच साल में पेंशन रिविजन की भी बात कही गई है.
मैटरनिटी लीव बढ़ाने की मांग
9 / 10इसके अलावा, बेहतर इंश्योरेंस कवर, ड्यूटी पर मरने वाले कर्मचारियों के लिए ज्यादा मुआवजा, और छुट्टी के पैसे लेने की लिमिट हटाने की भी मांगें हैं. महिलाओं के लिए मैटरनिटी लीव को बढ़ाकर 240 दिन करने और बच्चों की देखभाल के लिए 'पैरेंट केयर लीव' जैसे नए प्रावधानों की भी मांग की गई है.
क्या होगा अगला कदम?
10 / 10NC-JCM द्वारा सौंपा गया यह ज्ञापन 8वें वेतन आयोग की समीक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण आधार बनेगा. हालांकि, अंतिम फैसला केंद्र सरकार को लेना है, लेकिन इन मांगों ने कर्मचारियों के बीच एक नई उम्मीद जगा दी है. अगर ये सिफारिशें आंशिक रूप से भी लागू होती हैं, तो 1 जनवरी 2026 से सरकारी कर्मचारियों की जीवनशैली और आर्थिक स्थिति में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा.
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