रेलवे स्टेशन पर मेडिकल स्टोर क्यों नहीं होता है? वजह जानकर हो जाएंगे हैरान

Train Mein Kyu Nahi Hote Railway Station: रेलवे स्टेशन पर आपको काफी चीजें दिखाई दे जाएंगी, लेकि न मेडिकल स्टोर नहीं दिखाई देगा. हालांकि, हादसों की वजह से यहां पर मेडिकल स्टोर होने चाहिए थे, लेकिन फिर भी नहीं होते, क्यों आइए विस्तार से जानते हैं.

Train Mein Kyu Nahi Hote Railway Station
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रेलवे स्टेशन पर मेडिकल स्टोर क्यों नहीं होता है?

Why Railway Station No Medical Store: रेलवे स्टेशन पर आपको चाय, नाश्ता, किताबें या कई दुकानें देखने को मिल जाएंगी, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ज्यादातर रेलवे स्टेशनों पर मेडिकल स्टोर क्यों नहीं दिखाई देते? अगर किसी यात्री को अचानक दवा की जरूरत पड़ जाए तो उसे स्टेशन के बाहर जाना पड़ सकता है.  

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दवाइयों को लेकर हैं सख्त नियम

दवाइयों को लेकर हैं सख्त नियम2 / 7

मेडिकल स्टोर खोलने के लिए सरकार से ड्रग लाइसेंस लेना जरूरी होता है. दवाइयों की बिक्री और भंडारण से जुड़े कई नियमों का पालन करना पड़ता है. रेलवे स्टेशन की दुकानों को चलाने के अलग नियम होते हैं. इसे भी पढ़ें- गर्मी में कैसे स्टोर करें दूध की मलाई? ये 5 तरीके स्वाद में नहीं आने देंगे कोई फर्क

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दवाइयों के लिए स्टोरेज चाहिए

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कई दवाइयों को एक तापमान पर रखा जाता है जैसे कुछ इंजेक्शन, इंसुलिन और कुछ दवाओं को रेफ्रिजरेशन की जरूरत पड़ती है. ऐसे में रेलवे स्टेशन पर लगातार भीड़, गर्मी की वजह से मुश्किल हो सकता है.

बिक्री रेगुलर नहीं होती

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हर स्टेशन पर बिक्री रेगुलर नहीं होती है और रेलवे प्रशासन आमतौर पर उन्हीं दुकानों को प्राथमिकता देता है जिनकी मांग अधिक होती है, जैसे फूड स्टॉल, पानी, बुक स्टॉल और जनरल स्टोर आदि. हालांकि, हर स्टेशन पर दवा नहीं मिलती है.

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रेलवे अस्पताल और हेल्थ यूनिट का ऑप्शन

रेलवे अस्पताल और हेल्थ यूनिट का ऑप्शन 5 / 7

कई बड़े रेलवे स्टेशनों और रेलवे परिसरों में हेल्थ यूनिट होते हैं. इसलिए रेलवे कर्मचारियों को अलग से मेडिकल स्टोर की जरूरत कम महसूस की जाती है.

हेल्थ को ध्यान में रखते हुए

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कुछ दवाइयां सिर्फ डॉक्टर के पर्चे पर ही बेची जा सकती हैं. रेलवे स्टेशन जैसी भीड़भाड़ वाली जगह पर दवाओं की बिक्री की निगरानी करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.

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क्या किसी भी स्टेशन पर मेडिकल स्टोर नहीं होता?

क्या किसी भी स्टेशन पर मेडिकल स्टोर नहीं होता?7 / 7

देश के कई बड़े और व्यस्त रेलवे स्टेशनों पर मेडिकल स्टोर या दवा काउंटर मौजूद हैं. खासतौर पर महानगरों और बड़े जंक्शन स्टेशनों पर इस सुविधाओं को रखा जाता है. इसे भी पढ़ें- कच्चे दूध से घर पर ही करें फेशियल, स्किन ग्लो करने के साथ-साथ हो जाएगी सॉफ्ट

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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