शराब पीने के बाद क्यों आता है ज्यादा गुस्सा? जानिए- क्या है इसके पीछे का 'ब्रेन कनेक्शन'
अक्सर आपने देखा होगा कि कुछ लोग शराब पीने के बाद अचानक चिड़चिड़े, रूखे या आक्रामक हो जाते हैं.जो इंसान सोबर होने पर शांत दिखता है, ड्रिंक करने के बाद वही इंसान हिंसक हो जाता है. यह कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि इसके पीछे एक ठोस वैज्ञानिक वजह है. इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में साइकियाट्रिस्ट और नशामुक्ति विशेषज्ञ डॉ. प्रबोजित मोहंती के हवाले से लिखा है, शराब तकनीकी रूप से एक 'डिप्रेसेंट' है, जो सबसे पहले हमारे मस्तिष्क के उस हिस्से को धीमा कर देती है जो हमारे बीहेव और इंपलसेस को कंट्रोल करता है. सरल शब्दों में कहें तो, शराब इंजन को धीमा करने से पहले हमारे 'इंटरनल ब्रेक' फेल कर देती है.

दिमाग के ब्रेक फेल
2 / 7शराब सबसे पहले मस्तिष्क के 'फ्रंटल लोब' पर असर डालती है. यह हिस्सा हमें सोचने, इंपलसेस को कंट्रोल करने और सामाजिक रूप से उचित व्यवहार करने में मदद करता है. शराब इसे धीमा कर देती है, जिससे व्यक्ति खुद पर नियंत्रण खोने लगता है. (AI Image)
दबे हुए इमोशन्स
3 / 7शराब आक्रामकता पैदा नहीं करती, बल्कि उसे बाहर निकलने का रास्ता देती है. जलन, असुरक्षा या पुराना गुस्सा - जिन्हें हम होश में रहते हुए दबा कर रखते हैं, शराब के असर में वे भावनाएं बिना किसी रोक-टोक के बाहर आने लगती हैं.
गलतफहमी का बढ़ना
4 / 7शराब के नशे में व्यक्ति सामने वाले के हाव-भाव और बातों को ठीक से समझ नहीं पाता. एक सामान्य टिप्पणी भी उसे आलोचना या व्यक्तिगत हमला लग सकती है, जिससे छोटी सी बात बड़े झगड़े का रूप ले लेती है.
किसे है ज्यादा खतरा?
5 / 7जो लोग स्वभाव से थोड़े आक्रामक या इंपल्सिव होते हैं, उन पर शराब का असर ज्यादा गहरा होता है. ट्रॉमा या अनसुलझे गुस्से के इतिहास वाले लोग शराब के प्रभाव में जल्दी हिंसक हो सकते हैं.
मेलानबी इफेक्ट
6 / 7शराब पीने की गति भी मायने रखती है. जब खून में अल्कोहल का स्तर तेजी से बढ़ रहा होता है, तब व्यक्ति ज्यादा आक्रामक व्यवहार करता है. इसे 'मेलानबी इफेक्ट' कहा जाता है.
बचाव के तरीके
7 / 7अगर तनाव बढ़ रहा हो, तो तुरंत गहरी सांस लें, पानी पिएं और उस जगह से हट जाएं. यदि शराब पीकर गुस्सा आना एक पैटर्न बन गया है, तो सोबर होने पर किसी थेरेपिस्ट से बात करना और भावनाओं को मैनेज करना सीखना जरूरी है.
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