कभी नहीं पहनने चाहिए इन 3 फैब्रिक के कपड़े, डॉक्टर ने कहा स्किन को कर सकते हैं खराब

Which Fabric Is Bad: हर तरह का फैब्रिक पहनने के लिए अच्छा नहीं होता है और इसी बारे में बता रहे हैं डॉक्टर. यहां जानिए किस तरह के कपड़े पहनने से मना कर रहे हैं डॉक्टर.

Which fabric is bad for wearing
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Which fabric is bad for wearing

Fabric To Avoid Wearing: ऐसे कुछ फैब्रिक्स हैं जो फायदे से ज्यादा नुकसानदायक हो सकते हैं. इसी बारे में बताते हुए जनरल सर्जन डॉ. कपिल कोचर ने एक पोस्ट शेयर किया है और बताया है कि स्किन के लिए कौन से फैब्रिक अच्छे नहीं होते हैं. इन फैब्रिक्स से स्किन पर एयरफ्लो कम होता है, पसीना शरीर से कम बाहर निकलता है और स्किन का बैलेंस बिगड़ता है. इसीलिए जिस फैब्रिक के कपड़े हम पहनते हैं वो सिर्फ फैशन नहीं है बल्कि स्किन की हेल्थ पर भी असर डालता है. एसे में यहां जानिए वो कौन से फैब्रिक्स हैं जिन्हें पहनने से परहेज करना चाहिए.

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पॉलिएस्टर

पॉलिएस्टर 2 / 8

पॉलिएस्टर को पसीना ट्रैप करने वाला फैब्रिक कहा जाता है. यह फैब्रिक एयर सर्कुलेशन को रोकता है और स्किन में हीट को ट्रैप करता है.

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पॉलिएस्टर पहनने पर क्या होता है

पॉलिएस्टर पहनने पर क्या होता है 3 / 8

पॉलिएस्टर के कपड़े पहनने पर स्किन पर रैशेज हो सकते हैं, इरिटेशन होती है और बैक्टीरियल ग्रोथ का खतरा रहता है. खासकर गर्म और ह्यूमिडिटी के कारण अनकंफर्टेबल महसूस होता है.

नायलॉन

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नायलॉन के कपड़े मॉइस्चर को रोककर रखते हैं. इससे स्किन को सांस लेने का मौका नहीं मिलता है और पसीना लंबे समय तक शरीर में ट्रैप्ड रहता है.

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नायलॉन पहनने पर क्या होता है

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नायलॉन के कपड़े पहनने पर बॉडी एक्ने ट्रिगर हो सकता है यानी शरीर में फुंसियां निकल सकती हैं, खुजली होती है सेंसिटिव स्किन पर फंगल इंफेक्शन या इशूज हो सकते हैं. ज्यादातर लोग नायलॉन के एक्टिववियर और इनरवियर पहनते हैं.

एक्रेलिक

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एक्रेलिक को प्लास्टिक वूल ऑल्टर्नेटिव कहा जाता है. यह सिंथेटिक प्लास्टिक बेस्ड फाइबर है जो स्किन पर ब्रीदेबल नहीं होता है.

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एक्रेलिक पहनने पर क्या होता है

एक्रेलिक पहनने पर क्या होता है 7 / 8

एक्रेलिक के कपड़े पहनने पर ओवहरहीटिंग होने लगती है और लंबे समय तक एक्रेलिक के कपड़े पहनने पर डिस्कंफर्ट महसूस होता है.

स्किन के लिए कैसा फैब्रिक अच्छा है

स्किन के लिए कैसा फैब्रिक अच्छा है 8 / 8

स्किन के लिए सूती, लिनेन, बैंबू फैब्रिक्स और लाइट, ब्रीदेबल फैब्रिक के कपड़े पहनने चाहिए. इन फैब्रिक से बने कपड़े स्किन के लिए सबसे अच्छे होते हैं. यह भी पढ़ें - हार्ट अटैक के बाद Anurag Kashyap ने कैसे घटाया 27 किलो वजन? इन 2 चीजों से हो सका वेट लॉस

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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